अंबेडकर सेवा संस्था के द्वारा आज दिनांक 3/1/2021 को दिन रविवार समय 3:00 बजे स्थान डॉ अंबेडकर चौक मैं आरंभ हुआ

छत्तीसगढ़ कोण्डागाँव से
संतोष सावरकर
9407788609

डॉ अंबेडकर सेवा संस्था के द्वारा आज दिनांक 3/1/2021 को दिन रविवार समय 3:00 बजे स्थान डॉ अंबेडकर चौक मैं आरंभ हुआ

कोण्डागाँव जिले मैं बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर जी की आदमकद प्रतिमा के समक्ष *देश की प्रथम महिला शिक्षित माता सावित्रीबाई फुले जी की 190 वॉ जन्म जयंती के अवसर पर छायाचित्र माल्यार्पण दीप प्रज्वलित किया गया *मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर पवन कुमार प्रेमी .जनप्रतिनिधि नगर पालिका अध्यक्ष हेम कुवंरी पटेल. प्रदेश सचिव मनीष श्रीवास्तव . संरक्षक आर के मेश्राम संरक्षक तिलक पांडे अनुसूचित जाति संगठन चुन्नीलाल मिर्जा बौद्ध समाज अध्यक्ष सीएल मेश्राम. सारंगधर कौशिक संतोष सावरकर*
डॉअंबेडकर सेवा संस्था के द्वारा
सम्मान समारोह मैं उत्कृष्ट कार्य किया जिले के समाज सेवी संस्था एवं राष्ट्रीय शलेय कीड़ा प्रतियोगिता छात्र एवं छात्राओं सम्मानित किया गया । समाज सेवी संस्था से
(1) संदीप फाउंडेशन यतिन सलाम (2) साथी संस्था भुपेश तिवारी (3) आहूजा ऑटोमोबाइल्स त्रिलोचन सिंह आहूजा. मोहम्मद यासीन. सनी सिंह गिल. शैलेश शुक्ला पत्रकारिता निष्पक्ष सेवा. अनुसूचित जाति संगठन चुन्नीलाल मिर्जा उड़ीसा से
मसीह समाज डेनियल विक्टर
रूपेंद्र कोर्राम जग्गो रायताड
स्कूल मशोरा श्रवण मानिकपुरी खेल धाविका श्रीमती निशा पटेल
समाज सेवा । सुरेश बागड़े मर्दापाल। श्रीमती मधु तिवारी. नेशनल खेल में विजेता छात्र-छात्राओं को तीरंदाजी एम सीलमबम. एवं टेनिस बॉल. जुडो.लगोरी. हॉकी पूरी सिम्पोसियम. रेंजर समागम नैशनलगेम विजेता 39 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित मुख्य अतिथि पवन कुमार प्रेमी एवं नगर पालिका अध्यक्ष हेम कुवंरी पटेल के द्वारा सम्मानित किया गया। उसके पश्चात
उनकी जीवन पर रोशनी डाला गया।
सावित्रीबाई फुले भारत की एक समाज-सुधारिका एवं मराठी कवयित्री थीं। उन्होने अपने पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले के साथ मिलकर स्त्रियों के अधिकारों एवं शिक्षा के लिए बहुत से कार्य किए। सावित्रीबाई भारत के प्रथम कन्या विद्यालय में प्रथम महिला शिक्षिका थीं। उन्हें आधुनिक मराठी काव्य की अग्रदूत माना जाता है। 1852 में उन्होने अछूत बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की थी।

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। इनके पिता का नाम खन्दोजी नेवसे और माता का नाम लक्ष्मी था। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1840 में ज्योतिबा फुले से हुआ था। सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं। महात्मा ज्योतिबा को महाराष्ट्र और भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन में एक सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में माना जाता है। उनको महिलाओं और दलित जातियों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है।

ज्योतिराव, जो बाद में ज्योतिबा के नाम से जाने गए सावित्रीबाई के संरक्षक, गुरु और समर्थक थे। सावित्रीबाई ने अपने जीवन को एक मिशन की तरह से जीया जिसका उद्देश्य था विधवा विवाह करवाना, छुआछात मिटाना, महिलाओं की मुक्ति और दलित महिलाओं को शिक्षित बनाना। वे एक कवियत्री भी थीं उन्हें मराठी की आदिकवियत्री के रूप में भी जाना जाता था।
‘सामाजिक मुश्किलें
वे स्कूल जाती थीं, तो लोग पत्थर मारते थे। उन पर गंदगी फेंक देते थे। आज से 160 साल पहले बालिकाओं के लिये जब स्कूल खोलना पाप का काम माना जाता था कितनी सामाजिक मुश्किलों से खोला गया होगा देश में एक अकेला बालिका विद्यालय
सावित्रीबाई पूरे देश की महानायिका हैं। हर बिरादरी और धर्म के लिये उन्होंने काम किया। जब सावित्रीबाई कन्याओं को पढ़ाने के लिए जाती थीं तो रास्ते में लोग उन पर गंदगी, कीचड़, गोबर, विष्ठा तक फैंका करते थे। सावित्रीबाई एक साड़ी अपने थैले में लेकर चलती थीं और स्कूल पहुँच कर गंदी कर दी गई साड़ी बदल लेती थीं। अपने पथ पर चलते रहने की प्रेरणा बहुत अच्छे से देती हैं
विद्यालय की स्थापना
1848 में पुणे में अपने पति के साथ मिलकर विभिन्न जातियों की नौ छात्राओं के साथ उन्होंने एक विद्यालय की स्थापना की। एक वर्ष में सावित्रीबाई और महात्मा फुले पाँच नये विद्यालय खोलने में सफल हुए। तत्कालीन सरकार ने इन्हे सम्मानित भी किया। एक महिला प्रिंसिपल के लिये सन् 1848 में बालिका विद्यालय चलाना कितना मुश्किल रहा होगा, इसकी कल्पना शायद आज भी नहीं की जा सकती। लड़कियों की शिक्षा पर उस समय सामाजिक पाबंदी थी। सावित्रीबाई फुले उस दौर में न सिर्फ खुद पढ़ीं, बल्कि दूसरी लड़कियों के पढ़ने का भी बंदोबस्त किया, वह भी पुणे जैसे शहर में।
निधन
10 मार्च 1897 को प्लेग के कारण सावित्रीबाई फुले का निधन हो गया। प्लेग महामारी में सावित्रीबाई प्लेग के मरीज़ों की. सेवा करती थीं। एक प्लेग के छूत से प्रभावित बच्चे की सेवा करने के कारण इनको भी छूत लग. गया। और इसी कारण से उनकी मृत्यु हुई। माता सावित्रीबाई फुले हमेशा अमर रहेंगे
डॉ अंबेडकर सेवा संस्था के द्वारा मुख्य अतिथि पवन कुमार प्रेमी नगर पालिका अध्यक्ष हेम कुवंरी पटेल को ज्योतिबा फुले गुलामगिरी पुस्तक भेंट किया गया ।
डॉ. अंबेडकर सेवा संस्था के संरक्षक आर के मेश्राम. संरक्षक तिलक पांडे. संरक्षक चितरंजन खोबरागड़े सलाहकार पी पी गोनाडे. डॉ अंबेडकर सेवा संस्था अध्यक्ष संतोष सावरकर. उपाध्यक्ष मुकेश मारकंडे. उपाध्यक्ष महेंद्र सागर। सचिव पंचू सागर. कोषाध्यक्ष ओम नाग.बी आर नाग.देवालाल सोनवंशी अंकलु सोनपिपरे बृजेश तिवारी. सिद्धार्थ महाजन. संदीप वासनिकर .देवानंद चौरे. पंकज ठावरे .आशीष ठावरे रमाकांत महाजन रेशमी ठावरे उमेश मेश्राम सरिता मेश्राम सरिता मेश्राम साधु पाटिल फुल सिंह ठाकुर कोण्डागाँव शहर में प्रथम महिला शिक्षित सावित्रीबाई फुले जन्म जयंती बड़ी धूमधाम से मनाया गया अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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