अनुसूचित जाति की महिला को अभी तक नही मिला न्याय 7 दिन हो गए आरोपी खुले घूम रहे है

ग्राम मुण्डला के दबंगों अनुसूचित जाति की महिला को हाथ-पैर तोड़ किया अपाहिज
पीडि़त परिवार ने कलेक्ट्रेट पहुंच लगाई न्याय की गुहार
सीहोर। सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम मुण्डला के अनुसूचित जाति के एक पीडि़त परिवार कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और आवेदन प्रेषित किया, जिसमें आवेदिका पवित्रा बाई के द्वारा बताया गया कि हमारी करीब बीस साल से शासकीय भूमि पर कब्जा है। जिस पर हम खेती करके जीवन यापन कर रहे है । हमारी जमीन के पास रिक्त भूमि पर गौशाला बन रही है, जो कि हमारे खेत से बहुत दूरी पर है, जहाँ पर ओर भी अतिरिक्त भूमि रिक्त पड़ी हुई है, परन्तु गांव के दबंग कैलाश सेंधव, कल्याण सिंह एवं प्रवीण उर्फ परवीन के द्वारा हमारी जमीन को हड़पने की नियत से हमारी जमीन छुड़ाने की भरसक कोशिश की जा रही है। आवेदन में बताया गया कि दिनांक 03 सितम्बर 2021 को सुबह सात बजे के लगभग मै और मेरी जिठानी राजकुवंरबाई दोनो चोकीदार को साथ कैलाश के घर यह समझाने गये थे कि हमारी भूमि को मत छीनिये हम गरीब लोग बिना भूमि के भूखे मर जायेगें। हमारी बातचीत हो रही थी तभी कैलाश ने मेरी जीठानी के दोनों हाथ पकड़ लिये और उसके लडक़े कल्याणसिंह एवं प्रवीण उर्फ परवीन दोनों आये और हमें अनुसूचित जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए कहा कि भागो यहा से और डण्डे से मेरी जिठानी राजकुंवर को बेरहमी से मारने लगे, जिससे उनके बाए हाथ टूट गया, बायाँ पैर भी टूट गया एवं पिंडली कमर व शरीर के अन्य हिस्सों में गहन चोट आई। मैं जिठानी राजकुवंर बाई को बचाने के लिये गुहार लगाती रही, परन्तु यह तीनों पीटते रहे तब तक की वह अदमरी ना हो गई, तब यह लोग मेरी जीठानी को मरा हुआ समझकर चलते बने। तब चौकिदार ने थाने में फोन लगाया तब मौके से पुलिस द्वारा मेरी जीठानी को उठाकर इछावर के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से मेरी जीठानी की गंभीर हालत को देखते हुए सीहोर जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया गया। तब मुझ पवित्रा बाई के द्वारा अजा थाने में इन तीनों के नाम से रिपोर्ट दर्ज कराई परन्तु रिपोर्ट में कैलाश सेंधव व कल्याण सिंह को आरोपी नही बनाया गया। मेरे द्वारा बार-बार निवेदन करने के बाद भी केवल प्रवीण उर्फ परवीन पर ही प्रकरण बनाया गया। जब मुझ अशिक्षित ने रिपोर्ट पढ़वाई तो पता चला कि मात्र एक ही आरोपी का नाम है। जबकि बचे हुए मुख्य आरोपी कैलाश सेंधव एवं कल्याण सिंह के नाम रिपोर्ट में नही डाले गये है और ना ही अभी तक इनको गिरफ्तार किया गया है, जिसके कारण इन लोगों के होसले बुलंद और हमें गांव से भगाने एवं जान से मार देने की धमकी दी जा रही है। पीडि़त परिवार ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

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सीहोर संवाददाता
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