आरटीओ फ्लाइंग स्क्वाड टीम मांग रही थी 25 हजार रुपए की रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने दर्ज किया मामला

आरटीओ में पदस्थ परिवहन निरीक्षक सहित दो आरोपी मांग रहे थे पैसे

भोपाल। लोकायुक्त पुलिस ने रविवार देर रात तीन आरोपियों के खिलाफ 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के एक मामले में केस दर्ज किया है। आरोप है कि कोलार निवासी सुमित साहू की स्कूल वैन आरटीओ के फ्लाइंग स्क्वॉड ने पकड़ ली थी। इस वैन में विक्रम सिंह रघुवंशी के बच्चे भी जाते थे। साहू ने विक्रम को इस बारे में बताया।

25 हजार रुपए की लेनदेन की बात कही
परिवहन निरीक्षक टीपीएस भदौरिया ने वैन पकड़ी। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार भदौरिया ने वैन छोडऩे के बदले में 25 हजार रुपए की मांग की। इसके लिए विक्रम को भदौरिया ने दो नंबर दिए। इनमें एक नंबर अपने ड्राइवर (आरक्षक) झगनलाल प्रजापति और सत्येंद्र सिंह गुर्जर के नंबर देकर बात करने को कहा। विक्रम ने बात की तो सत्येंद्र और झगनलाल ने कई दफा 25 हजार रुपए की लेनदेन की बात कही, इससे कम रकम नहीं लेने की भी बात की।


वॉइस सैंपल की जांच करवाई जाएगी
विक्रम ने इसकी रिकॉर्डिंग कर ली गई। लोकायुक्त पुलिस को इसकी शिकायत की। पुलिस ने इन्हें रंगे हाथों पकडऩे की योजना बनाई, लेकिन रविवार देर रात तक वे पैसे लेने को लेकर जगह बदलते रहे और रात करीब 12 बजे विक्रम को सत्येंद्र व झगन ने कह दिया कि सोमवार को दे देना। लेकिन 25 हजार रुपए की लेनदेन की रिकॉर्डिंग को आधार मानकर लोकायुक्त पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। अब तीनों की वॉइस सैंपल की जांच करवाई जाएगी।

भेल के रिटायर्ड अफसर को बेटे-बहू ने मारपीट कर घर से निकाला, आयोग ने मांगी रिपोर्ट

भोपाल। मानव अधिकार आयोग ने भेल से रिटायर्ड 87 वर्षीय बुजुर्ग रविंद्रपाल सिंह पिता स्व. करणपाल सिंह सी-सेक्टर, इंद्रपुरी को बेटे-बहू ने मारपीट कर बेघर करने के मामले में संज्ञान लिया है। सिंह के दो बेटे हैं, बड़ा बेटा प्रवीण सिंह व दूसरा संजय। एक बेटी अंजना है। सिंह, बड़े बेटे प्रवीण सिंह व बहू अल्का सिंह निवास करते थे, लेकिन उन्होंने पुलिस को बताया कि करीब दो महीनों से बहू अल्का व बेटा प्रवीण उन्हें आए दिन परेशान कर तंग करते हैं। उनकी वृद्ध अवस्था के कारण उन्हें एक आंख से दिखाई नहीं देता और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए है।

तीन सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है

बेटा-बहू गाली-गलौच करते हैं। उन्हें चप्पलों से मारते हैं। खाने-पीने को भी नहीं देते। बेटे-बहू की प्रताडऩा पर पुलिस ने भरण-पोषण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में आयोग ने संज्ञान लेकर कलेक्टर और डीआईजी से तीन सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

आयोग ने डीआईजी से रिपोर्ट मांगी

एक अन्य मामले में भी आयोग ने संज्ञान लिया है। प्रेमनगर कालोनी, छोला दशहरा मैदान, निवासी आवेदक सुन्दरलाल प्रजापति पिता बालाराम प्रजापति के आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उनकी सुनवाई पुलिस द्वारा नहीं की जा रही है। इसको लेकर भी आयोग ने डीआईजी से रिपोर्ट मांगी है।

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