उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को प्रदाय मिलेगी वाल्मीकि प्रोत्साहन राशि….

भोजताल संवाददाता -भोपाल : 10 सितम्बर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास भोपाल ने बताया है कि जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रोत्साहन के लिए महर्षि वाल्मीकि प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। महर्षि वाल्मीकि प्रोत्साहन योजनांतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को जेईई संयुक्त प्रवेश परीक्षा, नीट नेशनल एलिजिब्लिटी कम एंटेंस  टेस्ट, क्लेट कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट,एम्स ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, एनडीए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण होकर आईआईटी इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलाजी, एनआईटी नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलाजी, एनएलयू नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी,, एमबीबीएस, बीडीएस तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रदेश एवं प्रवेश के बाहर शासकीय मान्यता प्राप्त संस्थाओं में प्रवेश लेने पर विभाग द्वारा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।उन्होने बताया है कि यदि आवेदक के पारिवारिक आय 6 लाख रूपए तक है तो ऐसे आवेदको को जिन्‍होने जेईई एंडवांस, नीट, क्लेट, एम्स, एनडीए, देकर आईआईटी, एनएलयू, एमबीबीएस, बीडीएस, पाठयक्रमों में प्रवेश एवं प्रदेश के बाहर शासकीय एवं मान्यता प्राप्त संस्थाओं में प्रवेश लिया हो, तो उन्हे 50 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इसी तरह वे आवेदक जिनकी पारिवारिक आय 6 लाख  से अधिक और 10 लाख से कम होने पर उन्हे 25 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी।  आवेदक द्वारा जेईई मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी में प्रवेश लेने पर तथा पारिवारिक आय 6 लाख से कम होने पर 25 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।

नेशनल लोक अदालत कल

भोपाल : 10 सितम्बर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 11 सितम्बर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव द्वारा पक्षकारों से अपील की गयी है कि वे अपने राजीनामा योग्य लंबित अथवा पूर्ववाद प्रीलिटिगेशन प्रकरण को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते से राजीनामा के आधार पर निराकृत कराकर अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। जिला न्‍यायालय में लंबित प्रकरणों की पहचान कर लोक अदालत के माध्‍यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रकरण प्रस्‍तुत होंगे । साथ ही शासन के विभन्‍न विभागों के जिला अधिकारी अपने-अपने स्‍तर के प्रकरणों, आवेदन-पत्रों को लीगल सर्विस मैटर के रूप में प्रस्‍तुत करने एवं उनके निराकरण में सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए गये है। शनिवार को नेशनल लोक अदालत में पक्षकारों के मध्‍य आपसी सहमति व समझोते के माध्‍यम से प्रकरण रखे जा सकते है उन्‍हें चिन्हित कर त्‍वरित गति से लोक अदालत में निराकृत किया जाएगा । न्यायालय में लंबित आपराधिक प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस प्रकरण, बैंक रिकबरी संबंधी मामले, एम.ए.सी.टी.(मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) के मामले वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जलकर तथा बिल संबंधी प्रकरण (चोरी के मामलों को छोड़कर), सेवा मामले जो सेवानिवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित है, राजस्व के प्रकरण, दीवानी मामले तथा बैंक रिकवरी, 138 एनआईएक्ट, जलकर एवं विद्युत संबंधी पूर्ववाद (प्रीलिटिगेशन) आदि राजीनामा योग्य प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में निराकरण के लिए रखा जाएगा।

👉👉सोमवार से 23 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘राष्ट्रीय कृमिमुक्ति कार्यक्रम‘

भोपाल : 10 सितम्बर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि भारत शासन के निर्देशानुरूप प्रदेश में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है जिसमें विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्र के माध्यम से 1 से 19 वर्ष के बच्चों किशोर/किशोरियों को एल्बेंडाजॉल गोली का सेवन कराया जाता है । विदित हो कि विगत वर्ष कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में ‘‘राष्ट्रीय कृमिमुक्ति कार्यक्रम‘‘ का आयोजन समुदाय आधारित गृह भ्रमण रणनीति के माध्यम से किया गया। तदानुसार वर्ष 2021-22 में भी सघन कृमिमुक्ति के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश के साथ ही जिले में 13 सितम्बर से 23 अक्टूबर 2021 तक समुदाय आधारित गृह भ्रमण रणनीति के माध्यम से किया जायेगा, जिसके अंतर्गत 1 से 19 वर्षीय समस्त हितग्राहियों को कृमिनाशन की दवा (एल्बेंडाजॉल) खिलाई जायेगी, ताकि मिट्टी जनित कृमि संक्रमण की रोकथाम सुनिश्चित हो।
कोविड-19 के कारण प्रदेश में विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन संभव न होने की दशा में ‘‘ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम’’ का क्रियान्वयन समुदाय आधारित गृह भ्रमण रणनीति के माध्यम से किया जायेगा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग द्वारा समन्वय स्थापित कर वं रणनीति बनाकर आषा कार्यकर्ता, ए.एन.एम., आशा, आशा सहयोगिनी द्वारा घर-घर जाकर 1 से 19 वर्षीय बच्चों को उम्र के अनुसार एल्बेंडाजॉल गोली का सेवन कराया जायेगा। उल्लेखनीय है कि बच्चों में कृमि संक्रमण व्यकित्गत अस्वच्छता तथा संक्रममित दूशित मिट्टी के सम्पर्क से संभावित होता है, कृमि संक्रमण से बच्चों को शरीर में प्रतिकुल प्रभाव पड़ते है, कृमि होने से बच्चों के शारीरिक, मानसिक विकास में वृद्धि अवरूद्ध हो जाती है, कृमि कई कारणों से बच्चों के पेट में पहुंच सकते है नगे पैर खेलने, बिना हाथ धोये खाना खाने, खुले में शौच करने, साफ सफाई ना रखने से होते है। कृमि होने से खून की कमी (एनीमिया) कुपोषण, भूख न लगना थकान और बेचैनी, पेट में दर्द मिलती, उल्टी और दस्त आना, मल से खून आना, आदि हानिकारक प्रभाव हो सकते है। बच्चों को कृमि नाशक गोली खिलाने से कई तरह के लाभ होते है खून कमी में सुधार आना, बेहतर पोषण स्तर, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ना, स्कूल और आंगनवाड़ी केन्द्रों में उपस्थिति बढ़ना तथा सिखने की क्षमता में सुधार लाने में मदद करती है।

👉👉गम्भीर बीमारी से ग्रस्त नागरिकों को कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता बरतने की सलाह

भोपाल : 10 सितंबर गम्भीर बीमारियों जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज किड़नी, अस्थमा, केंसर आदि बीमारियों से पीडि़त नागरिको को कोरोना से बचाव के लिये विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सलाह दी है कि ऐसे व्यक्तिअपने आप में कोरोना से बचाव के लिये पूरी तरह सावधानियां बरतें। ऐसे लोग हमेशा मास्क लगाये रखें। भीड़-भाड़ में न जायें, आपस में दो गज की दूरी बनाकर रखें। हाथों को सैनेटाइज करते रहना अथवा हाथों को साबुन से धोते रहना है। यही सावधानियां है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सलाह दी है कि किसी भी व्यक्ति को सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, भूख न लगना, दस्त लगना आदि के लक्षण होने पर वे घर पर ही पारंपरिक उपचार लेते रहते है। ठीक होने की उम्मीद में 5 से 7 दिन गुजार देते है, जिन्हे स्वास्थ्य लाभ होने के बजाय उनकी बीमारी और बढ़कर जटिल हो जाती है। ऐसे लोंगो को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कोविड-19 की जांच पॉजीटिव आती है तो उपचार और जटिल हो जाता है। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट या आईसीयू में भर्ती कर उपचार करना पड़ता है। ऐसी बीमारियों से प्रभावित व्यक्तियों को सलाह दी है कि उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, हाथ-पैरों में दर्द, शरीर में ऐठन, भूख न लगना खाने व सूघंने में स्वाद का पता न लगना आदि लक्षणों में आते ही वे तुरंत चिकित्सक से परामर्श ले। अथवा कोविड-19 की जांच करवाकर समय रहते पूर्व उपचार लेकर स्वास्थ्य हो। जिससे वे अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।

👉👉कल और परसो भी खुले रहेंगे बिजली बिल भुगतान केन्द्र

भोपाल : 10 सितम्बर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 11 सितम्बर (शनिवार) तथा 12 सितम्बर (रविवार) को बिल भुगतान केन्द्र सामान्य कार्य दिवसों की तरह कार्य करते रहेंगे। भोपाल शहर वृत्त के अंतर्गत चारों शहर संभाग यथा पश्चिम, पूर्व, दक्षिण तथा उत्तर संभाग के अंतर्गत सभी जोनल कार्यालय और दानिश नगर, मिसरोद, मण्डीदीप में बिल भुगतान केन्द्र उक्त छुट्टी के दिन भी सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे। बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि वे राजधानी के जोनल आफिस में कैश काउंटरों पर बिल भुगतान और भोपाल शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित ए.टी.पी. मशीन में भी बिल भुगतान कर सकते हैं।
इसके अलावा बिलों के भुगतान की सुविधा एम.पी.ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, कंपनी पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम एप एवं उपाय मोबाइल एप के माध्यम से बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी 16 जिलों में बिजली वितरण केन्द्र/बिल भुगतान केन्द्र अवकाश के दिनों में खुले रहेंगे। इसके लिए सभी मैदानी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है।

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