कृषि संबद्ध व्यवसायों को भी अपनायें कृषक बँधु – कृषि मंत्री श्री पटेल
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद क्षेत्रीय समिति की बैठक में ऑनलाइन हुए सम्मिलित

खेती को लाभ का धँधा बनाने के लिये जरूरी है कि कृषक बँधु कृषि संबद्ध अन्य व्यवसायों को भी अपनायें। इससे निश्चित ही किसानों को लाभ मिलेगा। नवीन तकनीकों को अपनाने से कम लागत में अधिक उत्पादन से ज्यादा मुनाफा प्राप्त करना आसान होगा। किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने गत दिवस भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की क्षेत्रीय समिति की 7वीं बैठक को ऑनलाइन संबोधित करते हुए यह बातें कहीं।
   कृषि अनुसंधान परिषद के उक्त वेबीनार में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय पशुपालन मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री द्वय श्री कैलाश चौधरी एवं सुश्री शोभा करंदलाजे, महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ. त्रिलोचन महापात्रा एवं मध्यप्रदेश के ग्वालियर और जबलपुर के कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति भी सम्मिलित थे।
   कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश के कृषकों ने कोरोना काल में भी जब सारे कार्य बंद थे, तब कृषि कार्य किया। साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया। कृषकों के अथक परिश्रम से ही प्रदेश को निरंतर कृषि कर्मण अवार्ड मिलता रहा है। श्री पटेल ने कृषकों के आर्थिक सशक्तिकरण और खेती को लाभ का धँधा बनाने के लिये कृषि की बेहतरी के लिये समुचित कदम उठाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि सोयाबीन स्टेट का दर्जा प्राप्त होने के बाद सोयाबीन उत्पादन में कमी होना चिंताजनक है। श्री पटेल ने सोयाबीन के उत्पादन को बढ़ाने के लिये पुरानी किस्मों के स्थान पर नई किस्मों को विकसित करने का आव्हान कृषि वैज्ञानिकों से किया।
   श्री पटेल ने कहा कि खेती को लाभ का धँधा बनाने के लिये कृषि वैज्ञानिकों को महती भूमिका निभानी होगी। इसके लिये नई उन्नत किस्मों का विकास करना होगा। सामान्य कृषकों को भी जैविक खेती के लिये प्रोत्साहित करना होगा, जिससे कि भूमि की उर्वरा शक्ति को क्षरण से बचाते हुए निरंतर उत्पादन को बढ़ाया जा सके। श्री पटेल ने बताया कि प्रदेश में 11 लाख हेक्टेयर भूमि में जैविक खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के लिये प्रदेश के 89 आदिम-जाति विकासखण्डों के छोटे और मझौले किसानों को प्रोत्साहित कर जैविक खेती के क्षेत्र को और अधिक बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी, जिससे किसानों को लाभ भी होगा।
कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में खेती को लाभ का धँधा बनाने के लिये किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के किसानों की ओर से केन्द्र सरकार द्वारा कृषकों के हित में लिये जा रहे निर्णयों के लिये आभार व्यक्त किया।
 

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