जाने कहां अवैध कॉलोनी पर प्रशासन हुआ सख्त

छह कॉलोनाइजर को नोटिस, दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश

जाने कहां अवैध कॉलोनी पर प्रशासन हुआ सख्त

बैतूल. अवैध कॉलोनी निर्माण में संलिप्त कॉलोनाइजरों के विरूद्ध जिला प्रशासन ने अब मुहिम छेड़ दी है। अवैध कॉलोनी निर्माण को लेकर एसडीएम न्यायालय द्वारा छह कॉलोनाइजरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी के द्वारा बडोरा क्षेत्र में कृषि भूमि को डायवर्सन कर अवैध कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था। नोटिस में कॉलोनाइजरों को मय दस्तावेजों के 24 जनवरी तक अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। कॉलोनाइजरों के उपस्थित नहीं होने पर उनके विरूद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है। एसडीएम न्यायालय से जारी इस आदेश के बाद अवैध कॉलोनी निर्माण करने वाले कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है। अनुविभागीय राजस्व न्यायालय द्वारा अवैध कॉलोनी निर्माण को लेकर एसआर डेवलपर्स बैतूल पार्ट्नर्स, हरिपाल सरले बडोरा, देवेंद्र सिंह बडोरा, मनीष सरले बडोरा, रणधीर राजपूत बडोरा एवं देवधर बडोरा शामिल है। इनके सभी के द्वारा मौजा बडोरा खसरा नंबर 229/1, 230/10, 230/14 रकबा 1.5760, 0144, 0.210 कुल हेक्टेयर 19.300 भूमि पर मुरम से अर्थवर्क, बोल्डर से कच्चा रास्ता बनाकर अवैध कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था।
नोटिस से कॉलोनाइजरों में हड़कंप
नो टिस मिलने के बाद से अवैध रूप से कॉलोनियां काट रहे कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है। बताया गया उक्त कॉलोनाइजरों द्वारा खेत खरीदकर उनका डायवर्सन करा लिया है। जिसके बाद उनमें एक से लेकर डेढ़ हजार वर्गफीट के भूखंड काटकर बेचे जा रहे हैं। जमीन पर कॉलोनी दर्शाने के लिए बोल्डर डालकर मुरम का अर्थवर्क से रोड बना दी गई है ताकि लोगों को आसानी से महंगे दामों में प्लाट बेचा जा सके। यही नहीं शहर के आसपास लगे ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों कॉलोनियां अस्तित्व में आ चुकी हैं। एक कॉलोनाइजर द्वारा १०० से १५० प्लाट तक काटे जा रहे हैं। जिनमें लोगों को निवेश करने के लिए तरह-तरह के सब्जबाग तक दिखाए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से कट रही कॉलोनी
श हर से पांच-दस किलोमीटर की परिधि में तेजी से अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है। कॉलोनाइजरों द्वारा पार्टशिप में शहर से लगे खेत के खेत खरीदे जा रहे हैं और उन्हें डायवर्ट कराकर उनमें प्लाटिंग की जा रही है। आठनेर रोड, बैतूलबाजार रोड, बडोरा रोड, भैंसदेही रोड, सोनाघाटी, रानीपुर रोड, आमला रोड आदि जगहों पर बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां बनाई जा रही है। इन कॉलोनियों को टीएनसीपी एवं रेरा से एप्रूड होना भी बताया जा रहा है, लेकिन हकीकत का पता लोगों को तब चलता है जब वे यहां प्लाट खरीद लेते हैं। पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें कॉलोनाइजरों ने लोगों को भूखंड काटकर बेचे दिए लेकिन आज तक वहां सड़क, नाली, बिजली एवं पानी आदि की व्यवस्था नहीं कराई गई।
24 को दस्तावेज लेकर आने के निर्देश
कॉलोनाइजरों को जारी नोटिस में कॉलोनी निर्मित करने के लिए विधिवत अनुमति प्राप्त करने की अनुमतियां संबंधी दस्तावेज, अनुज्ञा सहित अन्य भूमि संबंधी अन्य दस्तावेजों के साथ २४ जनवरी को अनुविभागीय राजस्व न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कॉलोनाइजर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके विरूद्ध मप्र ग्राम पंचायत नियम २०१४ की अवहेलना का दोषी पाते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
किस्तों में बेच रहे प्लाट
अवैध कॉलोनाइजरों द्वारा लोगों को सर्वसुविधायुक्त कॉलोनियों का झांसा देकर किस्तों में भी प्लाट बेच रहे हैं। यहां तक की प्लाट खरीदने पर रजिस्ट्री का खर्चा भी स्वयं उठाया जा रहा है। कॉलोनाइजरों द्वारा जो पम्पलेट छपवाए हैं उनमें कॉलोनी में भव्य प्रवेश द्वार, सुगम आवागमन के लिए 20 से 25 फीट चौड़ी सीसी रोड, प्रकाश व्यवस्था के लिए इलेक्ट्रिक पोल, मंदिर, कॉलोनी में जलापूर्ति के लिए नल कनेक्शन देने की व्यवस्था, बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए सुसज्जित पार्क की व्यवस्था, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे की निगरानी, सुरक्षित कवर्ड कैम्पस, प्रदूषण मुक्त वातावरण आदि का झांसा तक लोगों को दिया जा रहा है।
इनका कहना है
ग्राम बडोरा में पांच-छह कॉलोनाइजरों द्वारा अवैध कॉलोनी निर्माण किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसके बाद कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं। 24 जनवरी को उन्हें कॉलोनी के समस्त दस्तावेज लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। यदि वे उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
राजीव रंजन पांडे, एसडीएम बैतूल

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