जिंजर कांड के मुख्य आरोपी आरक्षक की मौत

उज्जैन झिंझर कांड: खोड़े की मौत पर परिजनों ने जताई शंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा

 JAN 7, 2021

झिंझर कांड में नाम सामने आते ही फरार हो गया था बर्खास्त आरक्षक सुदेश खोड़े

उज्जैन।अक्टूबर माह में जहरीली झिंझर पीने से 14 लोगों की मौत का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने झिंझर बनाने वालों सहित उनको संरक्षण देने वाले तीन पुलिसकर्मियों को भी गिरफ्तार किया था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसी मामले से जुड़े आरक्षक सुदेश खोड़े की सुबह केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके परिजनों को भी महाकाल थाने से सूचना मिली। प्रारंभिक रूप से डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की संभावना जताई है जिसका खुलासा पीएम रिपोर्ट के बाद होगा। जेल में बंद विचाराधीन कैदी की मृत्यु की सूचना के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वयं अस्पताल पहुंची और उन्हीं की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की पैनल द्वारा किया गया।

डेढ़ दर्जन आरोपियों की हुई थी धरपकड़

एसआईटी की रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद झिंझर कांड में डेढ़ दर्जन आरोपियों की धरपकड़ हुई। इस दौरान सुदेश खोड़े का नाम सामने आते ही वह महाकाल थाने से फरार हो गया था। एसपी द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया। पुलिस सेवा से उसे बर्खास्त भी कर दिया गया था।

एसआईटी ने मुख्यमंत्री चौहान को सौंपी थी रिपोर्ट

जहरीली शराब झिंझर पीने से 14 मजदूरों की मौत के मामले को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और प्रमुख सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर जांच के लिये उज्जैन भेजा था जिसमें इस बात का खुलासा हुआ कि नगर निगम के अस्थाई कर्मचारी सिकंदर, गब्बर हेला द्वारा गोपाल मंदिर स्थित नगर निगम के पुराने भवन में झिंझर तैयार की जाती थी और खाराकुआं थाने के आरक्षक अनवर, नवाब, सुदेश खोड़े के संरक्षण में झिंझर की पोटली मजदूरों व अन्य लोगों को बेची जाती थी।

सड़क पर लावारिस मिली थीं झिंझर पीने वाले मजदूरों की लाशें

14 अक्टूबर की सुबह खाराकुआं पुलिस को सूचना मिली कि छत्रीचौक सराय में अज्ञात मजदूर का शव पड़ा है। सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद थाने से एक पुलिसकर्मी यहां पहुंचा था, जबकि इस दौरान दूसरा शव सराय में एक दुकान के बाहर, तीसरा शव छत्रीचौक में पड़ा होने की सूचना भी थाने पहुंचे। देखते ही देखते इसी क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर मजदूरों के 10 से अधिक शव पड़े मिले। प्रारंभिक तौर पर यह बात सामने आई कि जहरीली झिंझर पीने से उक्त मजदूरों की मौत हुई है। मृतकों की संख्या 14 तक पहुंच गई।

फिलहाल सुसाइड केस नहीं लगता-फोरेंसिक अधिकारी प्रीति गायकवाड़ ने बताया कि शव को देखकर सुसाइड का केस प्रतीत नहीं हो रहा है फिर भी डॉक्टर की पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है साथ ही विसरा एवं होल हार्ट को फोरेंसिक लैब भेजकर जांच कराई जायेगी।

रात 2.45 पर अटैक, सुबह 5.30 पर परिजनों को सूचना

सुदेश के भाई धनराज खोड़े ने बताया कि जेल में रात करीब 2.45 बजे सुदेश को अटैक आने की सूचना सुबह 5.30 बजे महाकाल थाने से प्राप्त हुई। तब तक जेल के लोगों ने सुदेश के शव को जिला चिकित्सालय के पोस्टमार्टम रूम में रखवा दिया था। धनराज ने बताया कि वह शनिवार को सुदेश से जेल में मिलकर आया था उसने पत्नी, बच्चों और केस के बारे में बातचीत की थी।

एक ही बैरक में थे तीनों आरक्षक
पुलिस गिरफ्त में आने के बाद झिंझर कांड के विचाराधीन आरोपी सुदेश खोड़े पिता हब्बूलाल 42 वर्ष निवासी वाल्मिकी नगर जालसेवा स्कूल के सामने को बर्खास्त आरक्षक अनवर और नवाब के साथ एक ही बैरक में बंद किया गया था।

गश्त के दौरान मिली सूचना
सीएसपी एके नेगी ने बताया कि प्रात: गश्त पर थे। करीब 4 बजे सूचना मिली कि जेल में एक विचाराधीन कैदी की मृत्यु हुई है। नाम सामने आने पर स्पष्ट हुआ कि यह झिंझर कांड का आरोपी है। मामले की जांच ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा की जायेगी।

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