डीपीआईआईटी ‘‘विश्व के लिए मेक इन इंडिया’’ पर बजट उपरांत वेबिनार का आयोजन करेगा

भारत को विनिर्माण के लिए वैश्विक हब बनाने के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूपवाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) गुरुवार 3 मार्च, 2022 को ‘‘विश्व के लिए मेक इन इंडिया’’ पर बजट उपरांत वेबिनार का आयोजन करेगा।

आम बजट 2022 ने इंडिया@100 के लिए रोडमैप का निर्माण किया है जिसमें विनिर्माण विकास तथा रोजगार सृजन के प्रमुख वाहकों में से हैं। वेबिनार में भारत में विनिर्माण में रूपांतरकारी बदलावनिर्यात में ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य को अर्जित करने तथा अर्थव्यवस्था के लिए एक विकास इंजन के रूप में एमएसएमई पर चर्चा करना भी शामिल होगा।

अन्य बातों के अतिरिक्तईओडीबी 2.0 पर फोकससर्व-समावेशी प्रौद्योगिकी केंद्रित औद्योगिक विकास के कार्यान्वयनकौशल निर्माण तथा रोजगार पर ध्यान केंद्रित करने के साथ आम बजट 2022 की विषय वस्तुओं को आगे बढ़ाते हुए वेबिनार को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा संबोधित किया जाएगा और इसमें वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रीकेंद्रीय और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी तथा उद्योगों के वरिष्ठ एवं अग्रणी व्यक्ति भाग लेंगे।

वेबिनार का उद्देश्य विनिर्माण को बढ़ावा देनेनिर्यात में वृद्धि करने तथा एमएसएमई को सुदृढ़ बनाने के लिए की गई विभिन्न पहलों पर सभी हितधारकों के साथ प्रयासों में तालमेल बनाने के द्वारा आम बजट 2022 की गति को बनाये रखना है। हितधारकों की विशेषज्ञता एवं अनुभव का लाभ उठाने के द्वारा उद्योग की भविष्य की योजना को आगे बढ़ाने तथा विनिर्माणनिर्यात तथा एमएसएमई के क्षेत्रों में विकास सुधार के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संरचना की निगरानी के लिए एक कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ‘विश्व के लिए मेक इन इंडिया के विजनआम बजट 2022 के साथ इसके तालमेल तथा वेबिनार से अपेक्षाओं पर सभी प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योगउपभोक्ता मामलेखाद्य तथा सार्वजनिक वितरण एवं कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल कार्यक्रम के लिए समापन भाषण देंगे।

उद्घाटन सत्र के बादप्रतिभागी तीन लगातार सत्र (1) इंडिया@100 में विनिर्माण में रूपांतरकारी बदलाव को कवर करते हुए, (2) निर्यात में भारत के ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को अर्जित करने के लिए कार्यनीति की रूपरेखा बनाने तथा (3) इसकी खोज करना कि किस प्रकार एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विकास इंजन के रूप में कार्य करेगामें भाग लेंगे।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का डीपीआईआईटी उद्योग 4.0 , ऑटो तथा ऑटो कंपोनेंटदूरसंचारइस्पातफार्मा तथा मेडिकल डिवाइसकपड़ा तथा ड्रोन के लिए विकास रणनीति पर विचार विमर्श करने के लिए  ‘‘इंडिया@100 में विनिर्माण में रूपांतरकारी बदलाव’’ पर आयोजित पहले सत्र की अगुवाई करेगा। भारत फोर्ज के अध्यक्ष तथा एमडी श्री बाबा कल्याणी इस सत्र के सभापति होंगे। यह सत्र भारी उद्योग मंत्रालयदूरसंचार विभागफार्मास्युटिकल्स विभाग तथा इस्पात मंत्रालय में सचिवों की टिप्पणियों के साथ संपन्न होगा जिसके बाद गुजरातउत्तर प्रदेश तथा तेलंगाना राज्यों के उद्योग से जुड़े प्रधान सचिव टिप्पणी करेंगे।

‘‘निर्यात में भारत के ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को अर्जित करने’’ पर आयोजित द्वितीय सत्र की अगुवाई वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का वाणिज्य विभाग करेगा। इस सत्र में निर्यात के लिए ट्रिलियन  डॉलर की संख्या अर्जित करने के वृहद लक्ष्य को प्राप्त करने के तरीकों पर फोकस किया जाएगा तथा यह इलेक्ट्रोनिक्सकृषि तथा खाद्य प्रसंस्करणकपड़ाएडिटिव विनिर्माणरोबोटिक्स के फोकस सेक्टरों को कवर करेगा। इस सत्र के सभापति ब्लू स्टार लिमिटेड के वीसी एवं एमडी श्री एस आडवाणी होंगे। यह सत्र वाणिज्य उद्योगइलेक्ट्रोनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संबंधित सचिवों की टिप्पणियों के साथ संपन्न होगा जिसके बाद महाराष्ट्रपंजाब तथा कर्नाटक राज्यों के उद्योग से जुड़े प्रधान सचिव टिप्पणी करेंगे।

तीसरे सत्र जिसका विषय ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विकास इंजन के रूप में एमएसएमई’’ हैकी अगुवाई सूक्ष्मलघु तथा मझोले उपक्रम मंत्रालय द्वारा की जाएगी। एमएसएमई ‘‘आत्म निर्भर भारत’’ पहल को अर्जित करने के लिए रीढ़ की हड्डी है। इस सत्र के लिए जिन फोकस सेक्टरों की पहचान की गई हैवे हैं- फर्नीचरचमड़ा तथा फुटवियररत्न एवं आभूषणकपड़ाखाद्य प्रसंस्करण। इस सत्र के सभापति इंडिया एसएमई फोरम के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार हैं। यह सत्र सूक्ष्मलघु तथा मझोले उपक्रम मंत्रालयखाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय तथा कपड़ा मंत्रालय के संबंधित सचिवों की टिप्पणियों के साथ संपन्न होगा। इसके बाद हरियाणामध्‍य प्रदेश, असम तथा तमिलनाडु राज्यों के उद्योग से जुड़े प्रधान सचिव सत्र में टिप्पणी करेंगे।

समापन सत्र में उद्योगों से जुड़े तीन वरिष्ठ एवं अग्रणी व्यक्तियों अर्थात सत्र के सभापतियों द्वारा परिणामों तथा भविष्य की योजना पर कार्य योजनाओं की प्रस्तुति की जाएगी।

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