नगर परिषद चीचली अनुसूचित जाति के गरीब व्यक्ति को प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ को जानबूझकर नही दे रही


चीचली ।जिला नरसिंहपुर की नगर परिषद चीचली मैं लम्बे समय से शासन की महत्वपूर्ण योजना हर परिवार को मकान निर्माण योजना जो कि देश के प्रधानमंत्री आवास के नाम से संचालित है। उसमें करोड़ों रुपये का महाघोटाला पूर्व में उजागर हुआ। परिणामस्वरूप कर्मचारियों से लेकर चीचली सीएमओ पर तक प्रशासनिक अधिकारियों द्रारा कार्रवाही की गई। दरअसल चीचली के स्थानीय कर्मचारियों को पदस्थ किये हैं। जो मनमानी तौर पर लूट और तानाशाही कर रहे हैं।
जो भी अधिकारी यहां आते हैं उन्हें यहां के कर्मचारी जो कि स्वयं भ्रष्ट है। अपने को बचाने की मंशा से अधिकारी को गुमराह कर रहे हैं। उन्हें ये ही मालूम नहीं है कि प्रधानमंत्री आवास योजना एक ऐसी योजना है जो कि आधार एवं समग्र आईडी से जुड़ी हुई है। किसी भी व्यक्ति को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ एक बार मिलना सुनिश्चित है।
चीचली के मूल निवासी अनुसूचित जाति के गरीब परिवार जो कि वार्ड क्रमांक 09 के रहबासी है। जिनके आवेदन पत्र शासन नियम मापदंडों के अनुरूप वर्ष 2018-19 से विधिवत रूप से जमा है। लेकिन उन्हें स्वीकृति सूची में शामिल नहीं किया जा रहा है। क्योंकि पूर्व सीएमओ ने चीचली में पदस्थ चिन्टू खरे वार्ड प्रभारी के माध्यम से दस हजार रुपये की रिश्वत मागी थी। आवेदक मूलचन्द अहिरवार के द्रारा मागी गई। इस तरह का नगर पंचायत चीचली में भ्रष्टाचार फल फूल रहा है। कर्मचारियों के हौसले बुलंद है। मूलचन्द अहिरवार के बच्चे भोपाल में पढाई करते है। इस कारण मूलचन्द का आधार कार्ड भोपाल का है जो कि देश भर के रिकार्ड में लिंक है। भोपाल नगर निगम के द्रारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राही को आवास का प्रकरण जिला कलेक्टर नरसिंहपुर की ओर अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजा। नरसिंहपुर कलेक्टर के निर्देशानुसार चीचली नगर परिषद के तत्कालीन सीएमओ श्री राजपूत जी ने आवेदक मूलचन्द अहिरवार को नगर परिषद बुलाकर नियमानुसार निधारित आवेदन, सभी दस्तावेज और चीचली बैंक का खाता मागा गया। ये निदेशानुसार कार्यवाही होनी के पश्चात से चीचली मैं जो भी अधिकारी आ रहे है। वह सब सीएमओ को गुमराह करते है कि आवेदक का आधार कार्ड भोपाल का संलग्न है। इस बात को लेकर आवास योजना के पात्र गरीब मूलचन्द अहिरवार को भटकाने की मंशा से परेशान किया जा रहा है।
मूलचन्द अहिरवार ने अनेक बार चीचली परिषद के हर अधिकारी से आग्रह किया जा रहा है। लेकिन बाद वहीं की आवेदक से रुपये नही मिल रहे हैं, तो आवास सूची में नाम सम्मिलित नहीं कर रहे है। आश्चर्यजनक है कि आवेदक के भाई रेवती रमन अहिरवार जो कि विकलांग तक है। उसका भी आवास प्रकरण स्वीकृति नहीं किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर पर अंधेरेगिरी कर गरीब नागरिकों तक को तंग किया जा रहा है।
गौरतलब हो कि चीचली परिषद कार्यालय में अधिकारीगण मिलते नहीं है। सीएमओ श्री रजक को साईखेडा के अलावा चीचली नगर परिषद का चार्ज अतिरिक्त है। जबकि प्रत्येक परिषद में अलग अधिकारी होना चाहिए। आवेदक अनेक बार चीचली नगर परिषद में गये। लेकिन अधिकारी आज तक नहीं मिले। कैसे नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलेगा, ये कल्पना मात्र हो गया है। शासन और प्रशासन को ऐसे अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू करना चाहिए। जो आधार संबंधित कानून कायदे को जाने नासमझ अधिकारीयों पर सक्त कार्यवाही होनी चाहिए। ताकि शासन की योजनाओं को ये गोलमाल न कर सके। चीचली नगर परिषद में अनेक बार जाने के बाद श्री सुनील मांझी मिले। जिन्हें आवास के प्रकरण में पुनः दिया। आवेदक वर्षों पूर्व से आवास योजना के लाभ से वंचित है। श्री मांझी को सौंपे आवेदन पत्र पर उनका कहना है कि अधिकारी की जब कृपा होगी। तभी लाभ मिलेगा। आवेदक ने अब तय किया है कि नगर पंचायत चीचली की करतूतों की शिकायत कर न्याय की मांग की जायेगी।

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