पढ़े, जिले की चार नगरपालिकाओं में पंद्रह दिन बाद भी नियुक्त नहीं हो सके प्रशासक

जिले की चार नगरपालिकाओं का कार्यकाल ८ जनवरी को खत्म हो चुका हैं, लेकिन अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की नियुक्ति को लेकर कोई सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ हैं। नगरपालिका में प्रशासक के अभाव में निर्माण कार्यों का लाखों रुपए का भुगतान अधर में लटका पड़ा हैं।

बैतूल। जिले की चार नगरपालिकाओं का कार्यकाल ८ जनवरी को खत्म हो चुका हैं, लेकिन अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की नियुक्ति को लेकर कोई सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ हैं। नगरपालिका में प्रशासक के अभाव में निर्माण कार्यों का लाखों रुपए का भुगतान अधर में लटका पड़ा हैं। वहीं एक लाख से ऊपर से निर्माण कार्यों को मंजूरी नहीं मिल पा रही है। साथ ही नए निर्माण कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया भी अधर में लटक गई है। जो स्थिति है उसमें अगामी २६ जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए इस महीने प्रशासन की नियुक्ति होना मुश्किल है। हालांकि कर्मचारियों के वेतन-भुगतान में किसी प्रकार की कोई रोक नहीं लगी है।
शासन से नहीं मिले अभी आदेश
बैतूल नगरपालिका सहित मुलताई, बैतूलबाजार और आमला नगरपालिकाओं का कार्यकाल सात और आठ जनवरी को खत्म हो चुका हैं लेकिन अभी तक प्रशासक की नियुक्ति को लेकर शासन स्तर से कोई आदेश जारी नहीं हुए हैं। यहां सीएमओ के भरोसे ही नगरपालिका का संचालन हो रहा है। इस संबंध में जब बैतूल नगरपालिका सीएमओ प्रियंका सिंह से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि नगरीय प्रशासन द्वारा परिषद का कार्यकाल खत्म होने के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। हमारे द्वारा जानकारी भिजवा दी गई है लेकिन अभी तक शासन से प्रशासन की नियुक्त नहीं की गई है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना था कि शासन से अभी आदेश नहीं मिले हैं। जब आदेश जारी होंगे आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लाखों रुपए का भुगतान लटका
नगरपालिका में टेंडर लेकर निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार भुगतान नहीं होने से खासे परेशान हैं क्योंकि प्रशासक की गैर मौजूदगी में एक लाख से ऊपर के सभी प्रकार के भुगतानों पर रोक लगा दी गई है। बैतूल नगरपालिका में ठेकेदारों को अकेले १५ से २० लाख रुपए का भुगतान होना शेष बताया जा रहा है। इसी प्रकार मुलताई नगरपालिका सहित बैतूलबाजार और आमला नगरपालिका में भी लाखों रुपए का भुगतान ठेकेदारों का लंबित होना बताया जा रहा है। भुगतान की प्रक्रिया प्रशासक के नियुक्त होने के बाद ही हो सकेगी।
नए टेंडर लगाने का काम भी अधर में लटका
नगरपालिका में प्रशासक के नियुक्त नहीं होने से निर्माण कार्यों से जुड़े नए टेंडर भी नगरपालिकाएं नहीं लगा पा रही है। वहीं जिन निर्माण कार्यों के टेंडर पूर्व में लग चुके थे उनके रेट अभी तक स्वीकृत नहीं हो सके हैं। ऐसे में नगरपालिकाओं में निर्माण कार्यों पर भी ब्रेक लग गया है। हालांकि एक लाख से नीचे के छोटे-मोटे कार्य सीएमओ की स्वीकृति से हो रहे हैं लेकिन बड़े कार्यों के टेंडर नहीं लग पा रहे हैं। नगरपालिका बैतूल में आधा दर्जन से अधिक निर्माण कार्यों की फाइलें टेंडर प्रक्रिया के लिए लंबित होना बताई जा रही है।
सीएमओ करेंगे नगरपालिकाओं में ध्वजारोहण
२६ जनवरी गणतंत्र दिवस पर इस बार नगरपालिकाओं में सीएमओ ही ध्वजारोहण करेंगे। हालांकि अभी तक नगरपालिका अध्यक्ष एवं प्रशासक ही ध्वजारोहण करते आए हैं लेकिन इस बार ऐसी स्थिति बनने पर शासन स्तर से जानकारी मिली है कि सीएमओ ध्वजारोहण करेंगे। नगरपालिकाओं में गणतंत्र दिवस मनाए जाने को लेकर तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। बैतूल नगरपालिका में ध्वजारोहण के लिए मैदान को तैयार किया जा रहा है। इसी प्रकार अन्य नगरपालिकाओं में भी ध्वजारोहण करने के लिए तैयारियां चल रही है।
इनका कहना
– नगरपालिकाओं में प्रशासक नियुक्त करने का आदेश शासन स्तर से अभी जारी नहीं हुआ है। जानकारी प्राप्त हुई है कि २६ जनवरी गणतंत्र दिवस पर सीएमओ ही नगरपालिका में ध्वजारोहण करेंगे। जब प्रशासक की नियुक्त के आदेश आएंगे तो कार्यवाही की जाएगी।

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