पांच वारदातों के बाद रखना था गैंग का नाम, उसके पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया

पांच वारदातों के बाद रखना था गैंग का नाम, उसके पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया

उज्जैन।गुरुवार रात चिंतामण थाने के आरक्षक और एमपीईबी के लाइनमैन पर चाकू से हमला करने वाली बदमाशों की गैंग ने पिछले दिनों नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के ढाबे पर भी तोडफ़ोड़, मारपीट कर पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ी थी। पंवासा, पंड्याखेड़ी क्षेत्र की इस गैंग के सदस्य बदमाश दुर्लभ कश्यप के फलोअर्स हैं जो नई गैंग तैयार कर पांच वारदातों के बाद अपनी गैंग का नाम रखने वाले थे। पुलिस ने अब तक पांच बदमाशों को हिरासत में लिया है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने और घरों के बाहर रखे चार पहिया वाहनों के पत्थर मारकर कांच फोड़कर पब्लिक सिटी करने वाली दुर्लभ कश्यप की गैंग का पूर्व एसपी द्वारा खात्मा कर दिया गया लेकिन दुर्लभ की अनेक पोस्ट और वीडियो आज भी सोशल मीडिया पर अपलोड हैं जिसे देखकर युवा दुर्लभ के फलोअर बनकर उसी के तरीके से अपराध करने में लगे हुए हैं। दुर्लभ गैंग की तरह कंधे पर पंछा, आंखों में सूरमा और सिर पर लाल काला तिलक लगाने वाली नई गैंग अब पंवासा, पंड्याखेड़ी क्षेत्र में बन चुकी है।

इसके सदस्य पिछले 10 दिनों से शहर में आतंक मचा रहे हैं। इसी गैंग के सदस्यों ने इंदौर रोड़ स्थित ढाबे पर खाने के बाद बिल के रुपये देने पर विवाद करते हुए संचालक को सरिया मारकर घायल किया फिर ढाबे पर तोडफ़ोड़ की बाद में नानाखेड़ा थाने के एक पुलिसकर्मी की वर्दी भी फाड़ दी थी। इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जो बाद में जमानत पर छूट आये और शहर में फिर आतंक मचाने लगे।

चाकूबाजी करने वाले सभी बदमाश पांड्याखेड़ी क्षेत्र के
चिंतामण थाने के आरक्षक कमल जसोरिया और एमपीईबी के लाइनमेन को गुरूवार रात चाकू मारकर घायल करने वालों में पांच युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि राहुल, गोलू रिषभ ठाकुर व दो अन्य हिरासत में आये हैं जबकि मुख्य बदमाश नीतिन मालवीय फरार है। पकड़ाये बदमाशों ने पुलिस को जानकारी दी है कि आरक्षक और लाइनमेन को चाकू नीतिन मालवीय ने मारे थे। शराब के नशे में धुत्त होने के बाद नीतिन और रिषभ ठाकुर ही सड़क पर हंगामा कर लोगों से मारपीट कर रहे थे। उनकी गैंग दुर्लभ कश्यप के फालोअर्स हैं और उसकी गैंग की तरह ही अपराध करते हैं।

थाने के बाहर परिजनों और साथियों की भीड़
एक ओर पुलिस द्वारा बदमाशों की गिरफ्तारी के लिये प्रयास कर रही है, जो बदमाश नहीं मिले तो उनके परिजनों को थाने पर पूछताछ के लिये बैठाया गया तो वहीं दूसरी ओर जिन लोगों को पुलिस ने पकड़ा उन्हें बचाने, चाय नाश्ता और खाना देने के साथ ही जल्द से जल्द कोर्ट में पेश करने के लिये थाने के बाहर पकड़ाये बदमाशों के परिजनों और साथियों की भीड़ लगी है।

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