बिजली विभाग में मीटर रीडर का बुरा हाल

बिजली विभाग मैं जितने भी मीटर रीडर हैं मीटर रीडिंग का कार्य और बिल वितरण का कार्य स्वयं  विभाग नहीं करवाती है वह ठीका देकर ठेकेदार के माध्यम से कार्य को संचालन करवाती है जिससे मीटर रीडर मीटर रीडिंग का कार्य और बिल वितरण का कार्य घर घर जाकर करते हैं फिर भी उनको सही ढंग से मजदूरी भी नहीं मिल पाती है मीटर रीडर रीडिंग का कार्य  गांव में जाकर करते हैं लेकिन गांव के लोग उन  मीटर रीडरों से अभद्र व्यवहार करते हैं  फिर भी मीटर रीडर अभद्र व्यवहार को सहते हुए अपने कार्य को संचालन रूप से करता है मीटर रीडर की स्थिति ऐसी है एक मजदूर से भी गिरा हुआ स्थिति है एक मजदूर 1 दिन में काम करते हैं तो उनको कलेक्ट्रेट पर पेमेंट किया जाता है लेकिन मीटर रीडर यदि रीडिंग का कार्य करते हैं और दिल बांटते हैं तो उनको ठेकेदार के द्वारा मजदूरी दिया जाता है रीडिंग का ₹5़ं रुपए 50 पैसे दिए जाते हैं और विल बांटने में 1 रुपए 50 पैसे दिए जाते हैं फिर भी मीटर रीडर बेरोजगारी देखते हुए इतने कम पैसे में अपने कार्य को तत्परता दिखाते हैं लेकिन वह क्या करें उनको तो काम करना मजबूरी है क्यों बेरोजगारी भी है महंगाई भी है और अपने परिवार को पालन पोषण भी करना है अपने समाज परिवार को देखरेख भी करना है लेकिन इतने कम पैसे में वह मीटर रीडर अपने परिवार का पालन पोषण कैस कर सकते हैं कुछ मीटर रीडर ऐसे हैं जो काम करते-करते अपनी उम्र भी खत्म कर दिए हैं लेकिन उनको तो कुछ भी सुविधा नहीं मिल सकी ना अपने बच्चे को सही ढंग से पढ़ा सकते हैं ना अपने परिवार को सही ढंग से पालन कर सकते हैं लेकिन वह क्या करें उनको तो काम करना है मीटर रीडर कड़ी धूप में गांव गांव जाकर रीडिंग लेते हैं वि ल बांटते हैं लेकिन उनको सही ढंग से उनकी मजदूरी भी नहीं मिल पाती इतने कम पैसे में मीटर रीडर अपने परिवार का पालन पोषण है कैसे कर सकते हैं मीटर रीडर का कहना है मुझे भी बिजली विभाग अपने विभाग में संविलियन करें और मुझे भी कुछ सुविधाएं भी मिले जिससे मैं अपने परिवार का पालन पोषण सही ढंग से कर सकूं और अपने जीवन को सुचारू रूप से चलते रहे मुझे भी एक फिक्स सैलरी दी जाए और पीफ भी काटा जाए जिससे मेरे परिवार का पालन पोषण किया जा सके और इंश्योरेंस की सुविधा भी दी जाए क्योंकि मीटर रीडर गांव गांव जाकर बिल बांटते हैं रीडिंग लेते हैं भगवान ना करे इससे मीटर रीडर पर कुछ हो जाए Health Insurance से अपनी दवाई करवा सकता है यदि बिजली विभाग मीटर रीडर को संविलियन नहीं करती है और मीटर रीडिंग का कार्य स्वयं ना करवा कर ठेकेदार के माध्यम से करवाती है तो ठेकेदार को स्वयं बताएं की एक फिक्स सैलरी दी जाए और इंश्योरेंस की सुविधाएं दी जाए और टाइम टू टाइम पेमेंट किया जाए और कलेक्ट्रेट पर पेमेंट दिया जाए जैसा हमारे ऊर्जा मंत्री ने कहा है लेकिन एक कहावत है मजबूरी का नाम महात्मा गांधी मीटर रीडर क्या करें मजबूर में और परिवार की हालत को देखकर उसको लगता है मुझे नौकरी करें और इतने कम पैसे में अपने परिवार का गुजारा करता है

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