भोपाल / शहर में धड़ल्ले से बिक रहीं बिना लेबल वाली एसिड की बोतल, सैंपल तक नहीं लेते ड्रग इंस्पेक्टर

शहर में दुकानों पर बिना लेबल वाली बोतलों में एसिड भरकर बेचा जा रहा है।

शहर में दुकानों पर बिना लेबल वाली बोतलों में एसिड भरकर बेचा जा रहा है।

अफसरों का तर्क-उनके यहां लैब में एसिड की जांच सुविधा ही नहीं,व्यापारियों का आरोप- अफसर सिर्फ परेशान करने आते हैंनियमानुसार अफसरों को एसिड के सैंपल लेकर प्रदेश के बाहर बनी लैब में जांच करानी चाहिए

भोपाल .शहर में दुकानों पर बिना लेबल वाली बोतलों में एसिड भरकर बेचा जा रहा है। यह कितना घातक है और इसमें कंटेंट क्या हैं, इसकी जानकारी कहीं डिस्प्ले नहीं है। इतना ही नहीं जांच के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर एसिड के सैंपल तक नहीं ले रहे हैं। अफसरों का कहना है कि उनके यहां लैब में एसिड की जांच सुविधा नहीं है। इसलिए वे सिर्फ दस्तावेजों की जांच करते हैं।


जबकि नियमानुसार अफसरों को एसिड के सैंपल लेकर प्रदेश के बाहर बनी लैब में जांच करानी चाहिए। ताकि यह पता लग सके कि एसिड तय पैरामीटर्स के मुताबिक है या नहीं। इधर, व्यापारियों का आरोप है कि अफसर सिर्फ व्यापारियों को परेशान करने के लिए बार-बार एसिड दुकानों की जांच के लिए आते हैं। उन्हें कई बार कहा गया है कि वो एक बार एक दुकान से एसिड के सैंपल लेकर जांच करा लें। ताकि बार-बार व्यापारी को परेशानी न हो।


एक दिन जांच फिर कार्रवाई बंद
मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अफसरों ने सिर्फ एक दिन शहर के अलग-अलग इलाकों में एसिड दुकानों की जांच कराई। लेकिन पिछले दो दिन से कार्रवाई बंद है। जबकि शहर में सोने-चांदी और अन्य कामों को गलाने के लिए एसिड का उपयोग किया जा रहा है। शहर में इंदौर और देवास से बड़ी मात्रा में टैंकरों के जरिए एसिड लाया जाता है।

ऐसे मिलता है एसिड
नए नियमों के तहत अगर किसी व्यक्ति को एसिड खरीदना है तो उसे पहले संबंधित एसडीएम दफ्तर में जाकर एसिड खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा। जिसके आधार पर एसडीएम उस व्यक्ति को परमिट जारी करेगा। यह परमिट देखकर कोई भी दुकानदार एसिड सेल कर देगा।

एसिड के सैंपल लेने पर मनाही नहीं है, अफसरों से रिपोर्ट लूंगा
भोपाल समेत प्रदेशभर में एसिड दुकानों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। कई जगह पर एफआईआर भी दर्ज की गई है। एसिड की बोतल से सैंपल लेने की मनाही नहीं है, अफसर ऐसा क्यों कर रहे हैं, इस बारे में कंट्रोलर से रिपोर्ट ली जाएगी। जांच की सुविधा नहीं है तो बाहर जांच कराई जाएगी। -तुलसीराम सिलावट, मंत्री, स्वास्थ्य

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