मातृभूमि के प्रति कर्त्तव्यों का निष्ठा से पालन करें : राज्यपाल

माता-पिता और मातृभूमि की सेवा में ही जीवन का मतलब : श्री पटेल
वतन को जानो कार्यक्रम में राजभवन आए कश्मीरी युवा

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं का आव्हान किया है कि मातृभूमि के प्रति कर्त्तव्यों का निष्ठा से पालन करें। जीवन में जिस क्षेत्र में जाये, जो भी कार्य करें, वह देश का नाम रोशन करने वाले हो। उन्होंने कहा कि हम आज जो भी है, वह हमारे माता-पिता और मातृभूमि के त्याग एवं सेवा के बदौलत हैं। उनकी सेवा में ही जीवन का मतलब है।

राज्यपाल श्री पटेल सशस्त्र सीमा बल की 14वीं वाहिनी के “वतन को जानो” कार्यक्रम में राजभवन में आए कश्मीरी युवाओं के दल के साथ चर्चा कर रहे थे।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं से कहा कि हमारा देश एक परिवार के समान है, जिसकी विशिष्टता एकता में अनेकता है। इसका अनुभव भ्रमण के दौरान उन्हें हुआ होगा। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं गुजराती, मराठी और बंगाली में स्वागत संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी भाषा भले ही अलग है, किंतु सबका मतलब एक ही है कि आप कैसे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “वसुधैव कुटुम्बकम्” सारे विश्व को ही एक परिवार के रूप में माना है। यही कारण है कि रूप-रंग, आकार-प्रकार, खान-पान, वेश-भूषा, बोल-चाल की विविधताओं में एकता हमारे देश की विशिष्टता है।

प्रारम्भ में सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट श्री ए.एस. राठौर ने राज्यपाल का स्वागत किया और 14वीं वाहिनी की कॉफी टेबल बुक भेंट की। असिस्टेंट कमांडेंट श्री सुखदेव झारिया ने भ्रमण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दल में 13 से 18 वर्ष की उम्र के 11 किशोर और 18 से 22 वर्ष की उम्र के 19 युवा सहित कुल 30 प्रतिभागी है। राज्यपाल के समक्ष प्रतिभागी श्री फइम बिलाल और श्री यासिर शफ़ी ने भ्रमण के अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों की ओर से आभार प्रदर्शन शाक़िब कय्यूम ने और स्मृति चिंह नवीद उल हक ने भेंट किया। राज्यपाल के अपर सचिव मनोज खत्री, नियंत्रक सुरभि तिवारी एवं सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी भी मौजूद थे।

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