मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्रीमती सरोजिनी नायडू की पुण्य-तिथि पर किया स्मरण

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत कोकिला श्रीमती सरोजिनी नायडू की पुण्य-तिथि पर उनका स्मरण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

श्रीमती सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 में हैदराबाद में हुआ था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाली सरोजनी जी भारत कोकिला के नाम से प्रसिद्ध हुईं। उन्होंने 13 वर्ष की आयु में “लेडी ऑफ द लेक” नामक कविता रची। श्रीमती नायडू को लंदन और कैम्ब्रिज में अध्ययन का मौका मिला। गोल्डन थ्रैशोल्ड उनका पहला कविता संग्रह था। उनके दूसरे तथा तीसरे कविता संग्रह “बर्ड ऑफ टाइम” तथा “ब्रोकन विंग” ने उन्हें एक सुप्रसिद्ध कवियत्री बना दिया।

श्रीमती नायडू ने अनेक राष्ट्रीय आंदोलनों का नेतृत्व किया और जेल भी गई। वे एक वीरांगना की भाँति गाँव-गाँव घूमकर देश-प्रेम का अलख जगाती रहीं। उनके वक्तव्य जनता के हृदय को झकझोर देते थे और देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए प्रेरित करते थे। वे बहुभाषाविद् थी और क्षेत्रानुसार अपना भाषण अंग्रेजी, हिंदी, बंगला या गुजराती में देती थीं। लंदन की सभा में अंग्रेजी में बोलकर वहाँ उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था। उनका देहांत 2 मार्च 1949 को हुआ। भारत सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उन्हें स्मरण करते हुए ट्वीट किया है कि– “राष्ट्र की सेवा और समाज की उन्नति के अप्रतिम कार्यों के लिए आपको सर्वदा याद किया जायेगा।”

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