मैनिट के ऊर्जा केंद्र में पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन

भोपाल । राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई मैनिट द्वारा “Harmonization and Empowerment for Better Social Service” विषय पर ऊर्जा केंद्र में पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तकनीकी स्टूडेंट्स, रिसर्च स्कॉलर्स एवं फैकल्टी मेंबर्स के मध्य भाईचारे, समाज सेवा और देश प्रेम की भावना को जागृत करना था । मैनिट एनएसएस यूनिट की कोऑर्डिनेटर डॉ. मीना अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में बताया कि “स्वयं के लिए किया गया कार्य तो खुशी देता ही है, पर दूसरे के लिए किया गया कार्य और गहरी खुशी दे जाता है”। उन्होंने मौजूद प्रतिभागियों से आग्रह किया कि अस्तित्व ने हम पर इतने आशीष की वर्षा की है कि हम सेवा के रूप में इसका प्रसाद तो बांट ही सकते हैं । साथ ही उन्होंने IQ-EQ-SQ, इमोशनल एंड स्प्रिचुअल आइक्यू विषय पर व्याख्यान दिए और इंटीग्रल लाइफ स्किल्स फॉर सक्सेस के मंत्र छात्रों को बताए ।
कार्यशाला के कोऑर्डिनेटर डॉ एच. एल. तिवारी ने पर्सनैलिटी बिल्डिंग को वुडन ब्लॉक्स के द्वारा विभिन्न उदाहरणों से समझाया । डॉ. सुरभि मेहरोत्रा ने अपने व्याख्यान के द्वारा समझाया कि आपसी सहयोग में ही सब का उत्थान है और जनकल्याण की भावना व्यक्तित्व में निखार लाती है । “मेरे सपनों का भारत” विषय पर एक्सटेंपो कंपटीशन, गुड लीडरशिप और सेवा की महत्ता के ऊपर निबंध प्रतियोगिता एवं पैराग्राफ राइटिंग का आयोजन कार्यशाला के दौरान किया गया । नेतृत्व क्षमता विषय पर हुई निबंध प्रतियोगिता में पर्यावरणविद संजीव कुमार भूकेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । श्री भूकेश ने स्वीडिश एनवायरमेंटल एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग की नेतृत्व क्षमता से उपस्थित जनों को अवगत कराया ।
माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. चैतन्य अग्रवाल ने माइंड प्रोग्रामिंग की विशिष्ट तकनीक एवं न्यूरो लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग के द्वारा छात्रों को माइंड मैनेजमेंट के गुर सिखाए । बीएचईएल की सीनियर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर तृषा कौशिक ने हिप्नोथेरेपी के द्वारा ‘स्वयं की पर्सनैलिटी को कैसे डेवलप करें’ विषय पर चर्चा की । जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुश शर्मा ने क्रिकेट एवं कॉरपोरेट सेक्टर्स के जीवंत उदाहरणों द्वारा लीडरशिप स्किल्स, बॉडी लैंग्वेज एवं एथिक्स के विभिन्न आयामों को समझाया । अक्षय पात्र जयपुर से आए हुए कंप्यूटर इंजीनियर्स सुंदर दास एवं अनंत दास जी ने यूनिवर्सल और साइंटिफिक अप्रोच के द्वारा जीवन में ‘रियल हैप्पीनेस’ के लिए माइंड को दिशा देने के उपाय बताए । कार्यशाला के चेयरमैन एवं डीन स्टूडेंट वेलफेयर मैनिट डॉ. जे. एल. भगोरिया जी ने प्रतिभागियों को कहा कि मालिक की तरह जीना सीखो ना की नौकर की तरह । इस बात को उन्होंने एक बेहतरीन उदाहरण के द्वारा समझाया । कार्यशाला के को-चेयरमैन डॉ. आरके मंडलोई जी ने अनुशासित जीवन एवं नेतृत्व क्षमता के विकास के लिए गुर सिखाए । सप्ताह भर चली इस कार्यशाला में 42 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया ।

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