राज्य सरकार की वादाखिलाफी धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर 13 जनवरी विधानसभा स्तरीय बीजेपी का प्रदर्शनकोंडागांव – राज्य सरकार की वादाखिलाफी, धान खरीदी की अव्यवस्था,संग्रहण…

छत्तीसगढ़ कोंडागांव से
संतोष सावरकर
9407788609

केन्द्र की वर्तमान स्थिति, रकबा कटौती व आगामी 13 जनवरी को विधानसभा स्तरीय प्रदर्शन के संबंध में तथ्यों एवं पहलुओं से अवगत कराने हेतु प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आप मीडिया के माध्यम से भाजपा प्रदेश प्रवक्ता *श्री केदार कश्यप* प्रदेश संगठन से जिला प्रभारी *श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा* प्रदेश उपाध्यक्ष *सुश्री लता उसेंडी* प्रदेश कार्यसमिति सदस्य *श्री मनोज जैन* एवं जिलाध्यक्ष *श्री दीपेश अरोरा* द्वारा विस्तार से प्रकाश डालकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जानी है ।

2 साल में विफलता के सारे कीर्तिमान हासिल कर चुकी छत्तीसगढ़ में बैठी कांग्रेस की सरकार किसान विरोधी है ।और प्रदेश के किसानों के साथ लगातार अन्याय कर रही है। हालत इतनी खराब है कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के क्षेत्र में भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कांग्रेश के वादाखिलाफी और विश्वासघात कर आज नया रिकॉर्ड बना रहा है। कांग्रेसका यह ध्यान रखना होगा कि जो किसान बोना जानती है वह काटना भी जानती है। आज पिछले वर्ष के धान की कीमत का पूरा भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। वर्तमान में भी 20 – 20 दिन बीत जाने का पर भी किसान की खाते में एक पैसा नहीं पहुंचा। रमन सिंह सरकार में 3 से 4 दिन में और कभी तो 24 घंटे के अंदर किसान के घर पहुंचने से पहले किसान के खाते में राशि पहुंच जाती थी। 2 वर्ष का बोनस आदि की तो अभी बाद भी करना नहीं चाहते हैं। मंडी टैक्स खत्म करने का वादा किया था। अब उल्टा वह टैक्स भी बढ़ा दिया।

सबसे बड़े घोटाला यहां सरकार बारदाना के नाम पर कर रही है । उस के बहाने धान खरीदी से बचना चाहती है। विधानसभा में जब देते हुए सरकार ने कहा था। कि प्रदेश में इस सीजन में कुल 4 लाख 45 हजार गठान प्रति गठान 500 बारदाना दाना की जरूरत होती है। जिसमें तीन लाख 30,000 बारदाना उपलब्ध है और एक लाख 15 हजार बारदाना गठान की जरूरत होगी। समय रहते उसे से संबंधित कुछ भी नहीं किया सरकार ने। हालत यह है कि किसान खुद 30 से ₹40 में बारदाना खरीदने को मजबूर है। किसान का धान खरीदने से बचने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। खुद प्लास्टिक का बोरा इस्तेमाल करती है और किसान से जूट का बोरा लाने को कर रही है । किसान को ₹30 में जूट का बोरा खरीदना पड़ रहा है। सरकार द्वारा ₹15 भुगतान किया जा रहा है कॉन्ग्रे ने जब अपने चुनावी घोषणा पत्र में लोकलुभावन वादे किए थे । तब छत्तीसगढ़ प्रदेश की जिम्मेदार मीडिया ने उनसे सवाल किया था ।कि उसे कैसे करेंगे यादे पूरे तब कांग्रेस का जवाब था ।कि हमने संसाधन और अवसर लाएंगे उससे व्यवस्था कर वादे पूरे करेंगे। आज मानो प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के ही भरोसे अपने लोकलुभावन वादे को पूरा करना चाहती है। छत्तीसगढ़ के किसान का बिरादरी रिपोर्ट के माध्यम से रकबा कम करने का प्रयास किया जा रहा है जिसके पीछे धान खरीदी रो बचना और कम धान खरीदी की मंशा है इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि रकबा कम होने के कारण खुद कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के क्षेत्र में किसान धनीराम ने आत्महत्या की। किसान के आत्महत्या करने के मजबूर हो रहे हैं और प्रदेश की संवेदनहीनता सरकार आत्महत्या करने वाले किसान को मानसिक रोगी बताती है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 233 तक और खेतिहरो ने 2019 मैं आत्महत्या की है बीते दिनों भी लगातार प्रदेश के किसान ने आत्महत्या कर ली और रखवा कम करने वाली आज संवेदनशील किसान विरोधी सरकार राजनीतिक में व्यस्त है। किसानों को 25 लाख रुपए प्रति किसान मुआवजा दे सरकार। साथ ही रकबे कम करने से हुए नुकसान की भरपाई करें।

गंगाजल की कसम कॉन्ग्रेस के लोगों ने खाई । छत्तीसगढ़ की भोली भाली जनता से ठग कर वोट लिया और अब केंद्र सरकार को हर विषय में बीच में ले आते हैं। इस सब इनकी आदत में ही है। सब हथकंडे से आप धान खरीदने सै भागना चाहते हैं।

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