मध्यप्रदेश में बाढ़ का कहर,सड़कों पर चली नाव, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में आसमान से बरस रही आफत की बारिश से हालत बेहद बिगड़ गए हैं| कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ के हालात बन गए हैं| लोगों को घरों से सुरक्षित निकाला जा रहा है| 

कुदरत के कहर के आगे आम जन जीवन अस्त वयस्त हो गया है और पिछले कई सालों का बारिश का रिकॉर्ड टूट गया है| मंदसौर नीमच, शाजापुर, मुरैना, राजगढ़, आगर मालवा में सबसे ज्यादा हालात बिगड़े हैं| नीमच में जिले के रामपुरा में चंबल नदी में आई बाढ़ से 200 से ज्यादा घर और दुकानें जलमग्न हो गई। देर रात रेस्क्यू कर बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

वहीं मंदसौर में दर्जनों गाँव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं| इस बार सबसे ज्यादा बारिश का कहर मंदसौर जिले में ही देखने को मिल रहा है| पिछले दिनों आई बाढ़ से जैसे तैसे हालात सुधरे थे और एक बार फिर यहां कई गाँव पानी पानी हो गए हैं| गांधीसागर और चंबल नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए रामपुरा क्षेत्र के तीन गांवों को शनिवार देर शाम खाली कराने की शुरुआत प्रभावी तरीके से कर दी गई। जिला प्रशासन की मॉनीटरिंग में बुरावन को पूरी तरह खाली करा लिया गया। मोलखी बुजुर्ग और जमालपुरा गांव को आधे से अधिक खाली कराया गया है। जिला प्रशासन ने गांधीसागर के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए रामपुरा क्षेत्र में अतिरिक्त अलर्ट जारी कि या है। जिलेभर में लगातार हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर है। इसके कारण 50 से अधिक मार्ग का संपर्क टूट गया है। रामपुरा से गांधीसागर के और आने वाली पुल पर पानी होने के कारण आवगमन बंद है।

भानपुरा क्षेत्र की बोरदा पुलिया उफान पर है,  कंवला पंचायत का मगरा और ग्राम भीलखेड़ी में चार घरों में डेढ़ फीट पानी घुस गया है। गांव के लोगों को पंचायत में रुकवाया गया और उनके खाने पीने की व्यवस्था की गई। गरोठ क्षेत्र की अंजनी नदी और कंठाली नदी दोनों उफान पर है, पुल पर पानी आने से बोलिया और साठखेड़ा मार्ग बंद है। जहां सुरक्षा के लिए दो-दो जवान तैनात कि ए गए है। बारिश के पानी से ग्राम रुपरा में बाढ़ की स्थति बनी हुई है, वहीं साठखेड़ा गांव में तालाब का पानी भर गया है। इसके कारण सभी लोगों को धर्मशाला व स्कू लों में पहुंचाया गया है। शामगढ़ क्षेत्र की पुल पर पानी आने से चंदवासा-मेलखेड़ा, सगोरिया-गरोठ और जूना खाईखेड़ा बोलिया रुट बंद है। जहां दो-दो जवानों को तैनात कि या गया है। इसके साथ ही ग्राम सगोरिया में कु छ घरों में पानी घुस गया है, जिन्हें खाली करवाया गया है। शामगढ़ पुलिस थाना परिसर भी तालाब में तब्दील हो गया है।

इसके साथ ही डिम्पल चौराहा की पुल पर पानी आने से कु छ घंटों मार्ग बंद रहा है। मुरैना में कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से चंबल पुराने राजघाट पुल पर खतरे के निशान तक आ गई। चंबल नदी में लगातार जलस्तर बढ़ने से जिले के करीब 89 गांवों के लिए संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी से दूरी बनाए रखें। कई गाँव टापू में तब्दील हो गए हैं| यहां  शुक्रवार रात को पुल के पास खड़े कंटेनर में आठ मजदूर सो रहे थे। रात में चंबल का पानी बढ़ा और कंटेनर नदी में बह गया। करीब 40 किमी बहने के बाद कंटेनर में फंसे 8 मजदूरों को उत्तरप्रदेश के पिनाहट के पास सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि कंटेनर नदी में बह गया। बचाव दल ने कंटेनर में फंसे मजदूरों को रेस्क्यू कर निकाल लिया। भिंड जिले के अटेर की चंबल नदी में कोटा बैराज से पानी छोड़ने के बाद यहां नावली, वृंदावन देवालय, दिनपुरा, मुकुटपुरा, मघेरा मुनादी को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां पहले ग्रामीण अपने घर छोड़ने को राजी नहीं हुई तो प्रशासन ने रेस्क्यू लोगों को बाहर निकालना शुरू किया।  चंबल में उफान से अटेर, फूफ के 21 गांवों में बाढ़ का खतरा है।

23 साल बाद दूसरी बार जलस्तर नदी में खतरे का निशान पार कर गया। ऐसे में अटेर के मुकुटपुरा, नावली वृंदावन, दिन्नपुरा, कछपुरा, खैराट, चिलोंगा, कोषण की मढ़ैया, नखनौली मढ़ैया, रमा कोट, ज्ञानपुरा, सराया, गढ़ा, खौना गांव के रास्ते पूरी तरह से कटे हुए हैं। यह गांव टापू बन गए हैं। शाजापुर, आगर में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ गए हैं| आगर जिले के साेयतकलां में तबाही का मंजर दिखाई दिया| कंठाल नदी ने रौद्र रूप दिखाते हुए सोयतकलां के आधे हिस्से को डूबो दिया।

पन्नीपुरा, कलाल दरवाजा, खेड़ी, माधव चौक क्षेत्रों के करीब 200 मकान और 500 से ज्यादा दुकानें पूरी तरह से पानी में डूब गईं। माधव चौक में 15 से 17 फीट पानी भर गया। निचली बस्ती में रहने वाले 600 लोगों ने छत पर चढ़कर पूरी रात गुजारी। सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन कर उन्हें बाहर निकाला गया। शनिवार काे शाजापुर के बेरछा के समीप ग्राम पलासीसोन निवासी विक्रमसिंह गुर्जर की नाले में और मो. बड़ोदिया निवासी रामबाबू की निपानिया डैम में डूबने से मौत हो गई।

नीमच, मंदसौर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, आगर, राजगढ़, धार, झाबुआ और अलीराजपुर में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं देवास, सीहोर, इंदौर, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, गुना, शिवपुरी, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है| मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 24 घंटों तक बारिश से राहत की कोई संभावना नहीं है| 

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