मप्र / जेल में पिता और सरपंच से मोनिका ने कहा था- मानव तस्करी का केस वापस ले लो, मैडम जमानत करवा देंगी

सरपंच से बोले थे पिता- समझौता कर लूंगा तो बेटी का भविष्य बन जाएगा

हनी ट्रैप मामले में आरोपियों पर दर्ज हुए मानव तस्करी केस में आया ‘यू टर्न’

Nov 06, 2019, 12:45 pm

इंदौर (राघवेंद्र बाबा).हनी ट्रैप मामले में आरोपियों पर दर्ज हुए मानव तस्करी केस में आए ‘यू टर्न’ की शुरुआत 25 अक्टूबर को इंदौर जिला जेल से ही हो गई थी। केस दर्ज कराने वाली छात्रा मोनिका ने जेल में मिलने आए पिता हीरालाल और गांव के सरपंच इंदरसिंह से कहा था कि केस वापस ले लो। मैडम (आरती, श्वेता विजय जैन) जमानत करवा देंगी।

सरपंच ने उन्हें समझाया भी ऐसा ना करें, लेकिन वे नहीं माने और शनिवार को भोपाल कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान देने पहुंच गए। सरपंच इंदरसिंह ने भास्कर को पूरी हकीकत बताई। बकौल इंदरसिंह- ‘मैं और हीरालाल 25 अक्टूबर को मोनिका से मिलने इंदौर जेल आए थे। यहां मोनिका ने कहा था कि वे मानव तस्करी का केस वापस ले लें। जेल में बंद मैडम से बात हो चुकी है। वे जमानत भी करवा देंगी। मैंने हीरालाल को समझाया भी कि वह ऐसा ना करें, पर वे बोले कि मेरे पास इतने रुपए नहीं हैं कि बार-बार कोर्ट आऊं।

बेटी के भविष्य का सवाल है।

शनिवार को पता चला कि हीरालाल भोपाल कोर्ट में इंदौर पुलिस और इस केस के खिलाफ बयान देने जा रहे हैं, तो मैं भी भोपाल पहुंचा। वहां हीरालाल से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उसे 8-10 लोगों ने घेर रखा था। बोले कि अभी हम उसे बयान दिलाने ले जा रहे हैं, उसके बाद आप बात कर लेना। जब कोर्ट में बयान नहीं हुए तो बाहर आकर हीरालाल ने मुझसे सिर्फ इतना कहा कि मेरे पास रुपए नहीं हैं। मैं केस नहीं लड़ सकता। इसके बाद मैं घर लौट आया। मुझे पता नहीं कि जिला जेल में बंद हनी ट्रैप की आरोपियों ने मोनिका को कोई प्रलोभन दिया या धमकाया। 24 सितंबर को जब हीरालाल पलासिया थाने पहुंचे थे तो काफी आक्रोशित थे और बेटी को फंसाने वाले आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करवाने पर अड़ गए थे। इस दौरान में उनके साथ था।

माेनिका से ज्यादा उसके पिता शर्मसार कर रहे : सरपंच
सिंह ने कहा कि हीरालाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इंदौर पुलिस ने दबाव बनाकर मानव तस्करी का केस दर्ज करवाया। मैं खुद इस बात का गवाह हूं कि पुलिस ने मोनिका पर कोई दबाव नहीं बनाया। पलासिया टीआई शशिकांत चौरसिया ने अच्छे से बात की थी और केस की पूरी जानकारी दी थी। मोनिका का नाम केस में आया था तो पता चला उसे जबरदस्ती फंसाया। इस पर पूरा गांव उसके सपोर्ट में खड़ा था। हमने चंदा करके उसकी मदद की। अब केस वापस लेने की बात कहकर मोनिका से ज्यादा उसके पिता शर्मसार कर रहे हैं।

मुझ पर किसी ने दबाव नहीं बनाया
मैं तो पहले से कह रहा हूं कि आरती दयाल के अलावा किसी को नहीं जानता हूं। मेरे पास इतने पैसे भी नहीं कि केस लड़ सकूं। फिर मेरी बेटी ने भी जेल में मुझसे कहा था कि मैं केस वापस ले लूं। मुझ पर किसी ने दबाव नहीं बनाया। मैंने इंदौर में ही मना किया था कि यह केस दर्ज ना किया जाए।- हीरालाल यादव, माेनिका के पिता

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s