अब मिलकर रिसर्च करेंगे एमएमएमयूटी व आईआईएम इंदौर

Nov.07,2019 04:52 pm
DG News.indor
News. Aditar.purushottam beiragi
indor
शिक्षण, प्रशिक्षण व शोध के जरिए अकादमिक सहयोग
बढ़ाने को एमएमएमयूटी का आईआईएम इंदौर से हुआ करारसचित्र-गोरखपुर।
वरिष्ठ संवाददातामदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध के माध्यम से अकादमिक सहयोग बढ़ाने के लिए आईआईएम इंदौर के साथ गुरुवार को समझौता किया। एमएमएमयूटी में आयोजित समारोह में दोनों संस्थान प्रमुखों ने इस आशय के मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये।
समझौते पर एमएमएमयूटी की तरफ से कुलपति प्रो. श्रीनिवास सिंह ने जबकि आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने दस्तखत किए। एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान एमएमएमयूटी के पूर्व छात्र रहे और आईआईएम

इंदौर में बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर हिमांशु कृष्ण राय, एमएमएमयूटी के एक और प्रतिष्ठित पूर्व छात्र और मालवीय एल्युमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष इं. एपी मिश्र, अधिष्ठाता प्रो. केजी उपाध्याय, प्रो. एससी जायसवाल, डॉ. अभिजीत मिश्र, अमित शंकर आदि उपस्थित रहे। समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ आपसी रुचि के क्षेत्रों में मिलकर अनुसंधान कर सकेंगे। इस समझौते के बाद दोनों संस्थान विभिन्न माध्यमों से ज्ञान का आदान प्रदान करेंगे।

व्यावसायिक कौशल विकास के लिए शिक्षकों और छात्रों का आदान प्रदान करेंगे। संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम चला सकेंगे, शोध और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने में एक दूसरे की मदद करेंगे एवं संयुक्त रूप से अन्य अकादमिक

सम्मेलन, संगोष्ठी, तकनीकी कार्यशालाएं आदि गतिविधियों का आयोजन करेंगे| यह समझौता आरंभ में पांच वर्षों के लिए किया गया है जिसे भविष्य में दोनों पक्षों की सहमति से बढ़ाया जा सकेगा।———अपने जीवन की दशा खुद तय करें युवा, बनें नेतृत्वकर्ता-प्रो. हिमांशु राय मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मानविकी एवं प्रबंध

विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान में भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने छात्रों को नेतृत्व क्षमता के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे दूसरों का जीवन ना जिएं, दूसरों की इच्छाओं, आकांक्षाओं के अनुसार ना जिएं। सबकी सुनें लेकिन अपने जीवन की दिशा स्वयं तय करें। नेतृत्व की चुनौतियों की चर्चा करते हुए उन्होंने छात्रों को बताया कि अच्छा नेतृत्वकर्ता बनने के लिए अपने आप को समझना और लगातार परिष्कृत करते रहना सबसे पहली शर्त है

अच्छे नेतृत्वकर्ता होने की दूसरी शर्त बताते हुए उन्होंने छात्रों को पेशेवर तौर पर सक्षम बनने को भी कहा। कहा कि आप जो काम करें उसमें माहिर हों, आपने जो कुछ पढ़ा समझा हो वह दूसरों को समझा भी सकें। अच्छे नेतृत्वकर्ता की तीसरी शर्त बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें जिम्मेदार बनने और जिम्मेदारी लेने आना चाहिए। अगर हम में आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने का भाव नहीं होगा तो हम कभी भी अच्छे नेतृत्वकर्ता नहीं बन पाएंगे। उन्होंने छात्रों को सही समय पर सही, साहसिक और नैतिक निर्णय लेने, प्रत्येक काम में अपनी पूरी शक्ति का प्रयोग करने की क्षमता विकसित करने को कहा।व्याख्यान से पूर्व मानविकी एवं प्रबंध विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एससी जायसवाल ने प्रो. राय का स्वागत किया जबकि अधिष्ठाता प्रो. केजी उपाध्याय ने स्मृतिचिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s