National award : कमिश्नर को मिजल्स-रूबेला अभियान में राष्ट्रीय स्कॉच अवार्ड से किया गया पुरस्कृत

National award : कमिश्नर को मिजल्स-रूबेला अभियान में राष्ट्रीय स्कॉच अवार्ड से किया गया पुरस्कृत

प्रदेश में पहले स्थान पर रीवा संभाग, रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली में 23.69 लाख बच्चों का कराया गया टीकाकरण

National award :Commissioner conferred National Scotch Award in Mijles

रीवा. मीजल्स-रूबेला अभियान में कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव को राष्ट्रीय स्कॉच अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। कमिश्नर को यह पुरस्कार प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद भारत सरकार के चेयरमैन एवं विख्यात अर्थशास्त्री डॉ. विवेक देवराय, सचिव जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार यूपी सिंह और स्कॉच फाउंडेशन के चेयरमैन समीर कोचर ने नई दिल्ली के हेबीटेट सेंटर में दिया है।
संभाग में मीजल्स-रूबेला अभियान के बेहतर प्रबंधकीय दक्षता, नवाचार एवं सकारात्मक पहल के लिए निजी क्षेत्र के देश के सर्वोच्च प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्कॉच अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। मीजल्स एवं रूबेला अभियान में राज्य में प्रथम स्थान मिलने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान हुई है। इससे पहले सितम्बर 2019 में दस्तक अभियान के सफल क्रियान्वयन में भी कमिश्नर को राष्ट्रीय स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

बच्चों के स्वर्णिम भविष्य को किया समर्पित

कमिश्नर ने इस उपलब्धि के लिए संभाग के चारों जिलों के कलेक्टर, सीइओ जिला पंचायत, नगर निगम के अधिकारियों सहित ग्रामीण अमला के सहयोग से मिला है। कमिश्नर ने यह अवार्ड रीवा संभाग के समस्त नौनिहालों और होनहार बच्चों के स्वर्णिम भविष्य को समर्पित किया है क्योंकि बच्चे ही राष्ट्र की असली दौलत हैं। अवार्ड को प्राप्त करने में संभागीय उप संचालक डॉ. एनपी पाठक एवं डॉ. दीपक पाण्डेय, सलाहकार पोषण एवं स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

संभाग में शत प्रतिशत हुआ टीकाकरण
रीवा संभाग प्रदेश में पहले स्थान पर रहा था। संभाग के चारों जिलों में लक्षित 9 माह से 15 वर्ष तक की आयु के 23 लाख 69 हजार बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया गया। कमिश्नर ने 21 जनवरी 2019 को पद्भार ग्रहण किया था। उस दौरान मीजल्स-रूबेला अभियान के तहत 9 माह से 15 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा था। कमिश्नर ने बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित इस महत्वपूर्ण अभियान की समीक्षा कर शत-प्रतिशत टीकाकरण करने के प्रयास शुरू किए। गत वर्ष इस अभियान में रीवा संभाग ने मात्र 20 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की थी।

मीजल्स रोग से बच्चों में विकलांगता
मीजल्स रोग के कारण बच्चों में विकलांगता या उनकी असमय मृत्यु हो सकती है। इसी तरह रूबेला वायरस बच्चों एवं स्त्रियों में संक्रमण पैदा करता है जो बच्चों को जन्म से ही विकलांग बना सकता है। इन रोगों से बचने का टीकाकरण ही एक मात्र उपाय है। इसके लिए कश्मिनर ने संभाग के सभी जिलो में भ्रमण किया और जगह-जगह बैठकें आयोजित की।

स्कूल, से लेकर झोपड़ी तक चला अभियान
कमिश्नर ने स्वयं स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, छात्रावासों आदि स्थानों में पहुंचकर अपने समक्ष बच्चों का टीकाकरण कराया। उन्होंने ऐसे स्थानों पर पहुंचकर बच्चों को टीकाकरण कराया जहां किसी की नजर नहीं पड़ी थी। उन्होंने निर्माणाधीन स्थलों पर पहुंचकर विभिन्न राज्यों से आये मजदूरों के बच्चों का टीकाकरण कराया। उन्होंने झुग्गी बस्तियों, जेल में बंदी महिलाओं, दस्यु प्रभावित क्षेत्रों, नि:शक्त छात्रावासों आदि स्थानों में पहुंचकर बच्चों का अपने समक्ष टीकाकरण कराया।

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