~ आज का हिन्दू पंचांग ~


दिनांक 16 जनवरी 2020
दिन – गुरुवार
विक्रम संवत – 2076
शक संवत – 1941
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर
मास – माघ (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार – पौष)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – षष्ठी सुबह 09:41 तक तत्पश्चात सप्तमी
नक्षत्र – हस्त 17 जनवरी रात्रि 02:31 तत्पश्चात चित्रा
योग – अतिगण्ड शाम 06:03 तक तत्पश्चात सुकर्मा
राहुकाल – दोपहर 01:57 से शाम 03:18 तक
सूर्योदय – 07:19
सूर्यास्त – 18:16
दिशाशूल – दक्षिण दिशा में
⛅ *व्रत पर्व विवरण –
💥 *विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 पौष्टिक गुणों से युक्त तिल की बर्फी 🌷
🍛 १ – १ कटोरी तिल व मूँगफली अलग – अलग सेंक लें व एक सूखा नारियल – गोला किस लें | ५०० ग्राम गुड़ की दो तार की चाशनी बनाकर इन सबकी बर्फी जमा लें |
💪🏻 स्वादिष्ट व पौष्टिक गुणों से युक्त यह बर्फी शीत ऋतु में बहुत लाभकारी है |
🙏🏻 स्त्रोत – ऋषि प्रसाद – जनवरी – २०१७ से
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 पुण्यदायी तिथियाँ 🌷
२८ जनवरी : मंगलवारी चतुर्थी ( सुबह ८:२३ से २९ जनवरी सूर्योदय तक )
३० जनवरी : वसंत पंचमी ( इस दिन सारस्वत्य मंत्र का अधिक-से-अधिक जप करना चाहिए |)
१ फरवरी : अचला सप्तमी (प्रात: पुन्यस्नान, व्रत करके गुरु-पूजन करनेवाला सम्पूर्ण माघ मास के स्नान का फल व वर्षभर के रविवार व्रत का पुण्य पा लेता है | यह सम्पूर्ण पापों को हरनेवाली व सुख-सौभाग्य की वृद्धि करनेवाली है |)
५ फरवरी : जया एकादशी (व्रत से ब्रह्महत्यातुल्य पाप व पिशाचत्व का नाश होता है |)
७ फरवरी : माघ शुक्ल त्रयोदशी [इस दिन से माघी पूर्णिमा (९ फरवरी) तक प्रात: पुण्यस्नान तथा दान, व्रत आदि पुण्यकर्म करने से सम्पूर्ण माघ-स्नान का फल मिलता है | – पद्म पुराण ]
१३ फरवरी : विष्णुपदी संक्रांति (पुण्यकाल:सुबह ८-४१ से दोपहर ३-०५ तक )
१४ फरवरी : मातृ-पितृ पूजन दिवस
१९ फरवरी : विजया एकादशी (व्रत से इस लोक में विजयप्राप्ति होती है और परलोक भी अक्षय बना रहता है |)
🙏🏻 ऋषिप्रसाद – जनवरी २०२० से
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 ग्रहों दोष की शांति के लिए 🌷
🙏🏻 कुंडली में ग्रहों की अशुभ स्थिति हो तो दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है। किसी एक ग्रह की वजह से भी हमारे कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। यहां जानिए शिवजी के कुछ ऐसे उपाय,जिनसे ग्रहों के दोष दूर होते हैं और बाधाएं दूर हो सकती हैं।
सूर्य से संबंधित दोष को दूर करने के लिए शिवलिंग पर पीले फूल अर्पित करना चाहिए ।
चंद्र से संबंधित दोष दूर करने के लिए शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं।
मंगल दोष दूर करने के लिए शिवलिंग पर कुम -कुम और लाल पुष्प अर्पित करना चाहिए ।
बुध संबंधित दोषों से मुक्ति के लिए शिवलिंग पर बिल्ली पत्र अर्पित करें ।
गुरु के दोषों को दूर करने के लिए शिवलिंग पर चने की दाल और बेसन के लड्डू अर्पित करें।
शुक्र के दोष दूर करने के लिए शिवलिंग पर हर रोज जल अर्पित करें ।
शनि, राहु और केतु से संबंधित दोषों से मुक्ति के लिए शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करना चाहिए ।🌞

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