पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर अध्यापकों ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान

शिक्षा विभाग में नई पेंशन नीति को लेकर अध्यापकों में असंतोष व्याप्त है। अध्यापकों का कहना है कि नई पेंशन नीति से…

Amla News - mp news teachers start signature campaign to restore old pension scheme

Jan 16, 2020, शिक्षा विभाग में नई पेंशन नीति को लेकर अध्यापकों में असंतोष व्याप्त है। अध्यापकों का कहना है कि नई पेंशन नीति से उनका भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। नई नीति में मिलने वाली पेंशन से उनका और परिवार का गुजारा संभव नहीं है। अब वे पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

ये है नई पेंशन स्कीम

पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के जिला उपाध्यक्ष साहेबराव चिल्हाटे के अनुसार नई पेंशन नीति वर्ष 2004 से लागू हुई है। केंद्र सरकार ने इसे एक अच्छी नीति बताकर लागू किया था, लेकिन अब शिक्षकों को इसके दुष्परिणाम झेलने पड़ रहे हैं। कहना है कि इस नीति मे मिलने वाली पेंशन में 10 प्रतिशत राशि कर्मचारी की है। 10 प्रतिशत राशि सरकार की है।

सरकार विभिन्न कंपनियों के शेयर बाजार में उपयोग में ले रही है, लेकिन इसमें पेंशनरों को लाभ होगा या हानि, यह तय नहीं है। वहीं इस नीति की दूसरी बड़ी खामी ये है कि इसमें 100 प्रतिशत जमा राशि का केवल 60 प्रतिशत का ही भुगतान मृत्यु के बाद पेंशनर को होगा। शिक्षकों का कहना है कि ऐसे में उनके बाद परिवार का भविष्य संकट के दायरे में आ जाएगा। चिल्हाटे के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में जो शिक्षक रिटायर हुए हैं, उन्हें नई पेंशन के तहत बमुश्किल एक से दो हजार रुपए ही पेंशन मिल रही है।

ये है पुरानी पेंशन स्कीम

आंदोलन समिति के ब्लाॅक अध्यक्ष दिनेश सोनारे, मोहन कापसे, जगदीश निरापुरे, नौशाद खान के अनुसार पुरानी पेंशन स्कीम के तहत शिक्षकों को रिटायरमेंट के बाद जमा की 50 प्रतिशत राशि मिलना है। जबकि संशाेधित वेतनमान सहित महंगाई भत्ते आदि की पात्रता से भी शिक्षकों को लाभ मिलता रहेगा।

शिक्षकों का कहना है कि वे लगातार पुरानी पेंशन नीति को प्रभाव में लाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते आ रहे हैं। वर्तमान में स्थानीय स्तर पर ज्ञापन और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से यह प्रदर्शन किया जा रहा है। जबकि 9 फरवरी को प्रदेश मुख्यालय पर इस संबंध में रणनीति तय की जाएगी। इससे पहले 19 और 26 जनवरी को इस मांग को लेकर जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।

मंत्री ने दिया समर्थन

राज्य सरकार के पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे ने शिक्षकों की इस मांग को पूरी तरह जायज ठहराया है। मंत्री ने इस संबंध में नेशनल मूवमेंट फाॅर ओल्ड पेंशन स्कीम के जिला संयोजक रमेश बारस्कर को पत्र देकर कहा है कि वे शिक्षकों कि इस मांग को लेकर वे संगठन के साथ हैं। संगठन को अपना समर्थन देने के साथ जरूरत पड़ने पर पूरा सहयोग देंगे।

अामला। पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर अध्यापकों ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान।

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