भाजपा सांसद का सवाल राणे का सवाल- महाराष्ट्र में हैं कितने मुख्यमंत्री

मुंबई। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और शिवसेना के सांसद संजय राऊत पर हमला बोला है। राणे ने कहा कि मेरे सामने यह सवाल है महाराष्ट्र में कितने मुख्यमंत्री हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव हैं या फिर उपमुख्यमंत्री अजित पवार, जलसंसाधन मंत्री जयंत पाटील और राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात हैं अथवा राज्य मंत्रिमंडल के बाहर का कोई राऊत जैसा व्यक्ति मुख्यमंत्री है?। प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में राणे ने कहा कि महाराष्ट्र में सत्तापरिवर्तन हुआ है। राज्य में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की सरकार है लेकिन इस सरकार का अस्तित्व नजर नहीं आता। राणे ने कहा कि डेढ़ महीने में सरकार ने जनहित से जुड़ा कोई फैसला नहीं लिया है। राज्य सरकार के मंत्री मंत्रालय में नहीं आते। साप्ताहिक बाजार की तरह मंत्री मंत्रालय में सप्ताह भर में केवल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के दिन आते हैं फिर उसी दिन रात को अपने घर लौट जाते हैं।

राणे ने दावा किया कि इंदू मिल स्मारक में डा बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा कि ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रखा था। विभाग की ओर से औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया था। राणे ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक 4-4 घंटे चलती है लेकिन जनता के हित का कोई फैसला नहीं होता। राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास लोग ज्ञापन लेकर जाते हैं लेकिन मुझे पता चला है कि मुख्यमंत्री ज्ञापन पर कुछ नहीं लिखते। राणे ने कहा कि सरकार ने 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफी का फैसला लिया है लेकिन यह केवल घोषणा है। 

तो राऊत की जीभ जगह पर नहीं रहेगी- राणे 

राणे ने कहा कि शिवसेना सांसद राऊत को सत्ता की मस्ती छाई है। उनकी जीभ बहुत चल रही है। अगर राऊत ने छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके वंशजों के बारे में कुछ कहा तो उनकी जीभ जगह पर नहीं रहेगी। मैं राऊत को यह चेतावनी दे रहा हूं। कानून व सुव्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार को जो करना है कर ले। राऊत ने शिवाजी महाराज के वंशजों के बारे में अपशब्द कहा तो हम शांत नहीं बैठेंगे। राणे ने कहा कि राऊत के भाई विधायक सुनील राऊत को मंत्री नहीं बनाया गया। इसके बाद से राऊत का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। राणे ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि जो उद्धव नहीं बोल पाते हैं वह राऊत के मुंह से बुलवा रहे हैं। अगर ऐसा नहीं है तो उद्धव राऊत से जवाब क्यों नहीं मांगते। राणे ने कहा कि राऊत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बारे में भी विवादित बयान दिया है। राऊत ने अपना बयान वापस ले लिया है। पर राऊत ने जो बोला है वो लोग भूलेंगे नहीं। वह रिकार्ड पर है। राऊत ने अपने बयान का खंडन नहीं किया है केवल बयान वापस लिया है। इसका मतलब है कि उन्होंने जो कहा है। वह सही है। 

राणे ने कहा कि करीम लाला राजनेता, डॉक्टर, इंजीनियर और धर्मशाला नहीं चल रहा था वह अंडरवर्ल्ड डॉन था। लेकन कांग्रेस के नेता सत्ता के लिए चुप हैं। राणे ने कहा कि राऊत ने बयान दिया है कि वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से मुलाकात करते थे। उन्होंने दाऊद को फटकार भी लगाई है। मेरे मन में सवाल है कि दाऊद ने राऊत की फटकार को कैसे सहन कर लिया। दाऊद ने इतनी हत्याएं की है तो इनको कैसे छोड़ दिया। राऊत दाऊद के पेरोल पर थे क्या? सरकार के गृह विभाग को जांच करनी चाहिए कि राऊत दाऊद से क्या बातचीत करते थे। एक सवाल के जवाब में राणे ने कहा कि जब मैं शिवसेना में था तब मैं राऊत का बाप था। राऊत मेरे से दूर खड़े रहते थे। उनकी मेरे करीब आने की हिम्मत नहीं पड़ती थी।  

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