सोनभद्र-: पत्रकारों के महासंगम में विद्वतजनों ने कि बदलते परिवेश में पत्रकारिता का मंथन

पिपरी/सोनभद्र-: बदलते परिवेश में पत्रकारिता विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में खबरों की दुनिया के धुरंधरों ने चिंतन मंथन किया। अवसर था नगर पंचायत पिपरी के कल्याण मंडपम सभागार में पत्रकारों के महासंगम का, जिसका साक्षी बना पत्रकारिता का महाकुंभ। उक्त यज्ञ के बतौर मुख्य अतिथि दिल्ली से पधारे वरिष्ठ संपादक विरेंद्र प्रसाद सैनी ने कहा आज भी मानवता जीवित है। समाज और लोकतंत्र स्पंदित है। इसलिए आशावादी रखकर ही हम तमाम बाधाओं को पार कर सकते हैं, उन्होंने पत्रकारों को पत्रकारिता धर्म का निर्भिकता के साथ परिपालन बदलते परिवेश में करने की सलाह दी। वही बतौर विशिष्ट अतिथि दैनिक भास्कर वाराणसी के युवा व पैनी लेखनी के पर्याय उप संपादक प्रवीण राय ने कहा कि सदैव से ही कलम पूजनीय रही है झंझावातों का प्रतिकार, हम कलम से ही कर सकते हैं। श्री राय ने यह भी कहा कि सामाजिक चुनौतियां और बदलते परिवेश में हम और भी मजबूती के साथ पत्रकारिता कर सकते हैं। पत्रकारिता के लिए हमें और विशाल धरातल मिलता जा रहा है उन्होंने खचाखच भरे सभागार में पत्रकारों को निराशा में भोथर होती लेखनी को तेज और तीखा बताने के लिए उत्प्रेरित करते हुए कहा कि यही चुनौतियां हमारा मार्ग प्रशस्त करती है।सेमिनार में भारी संख्या में एकत्रित अलंकारों को देख उत्साहित भाव से श्री राय ने आवाहन किया आओ करें अमोघास्त्र सद्भावना की खेती इसी से हम अपने जमीर, समाज, लोकतंत्र और देश को महिमामंडित कर लेखनी धर्म को निभा सकते हैं। पत्रकारों के उक्त महासंघ में आयोजन के भगीरथ सुन के पुरोधा पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि जंगे आजादी हमने ऐसी पत्रकारिता की थाती को सिद्ध करके हासिल की है। बावजूद इसके हम सभी पत्रकारों के समक्ष अभी वास्तविक गणतंत्र का अलग जगाना बाकी है उन्होंने कहा कि चुनौती और ज्वलंत समस्याएं ही तो हमें आंदोलित और कर्म बोध को प्रेरित करती है।श्री द्विवेदी ने आवाहन किया कि पत्रकारिता
के इस हवन यज्ञ में हम संकल्पित हो कि बुराइयों, स्वार्थ के चिंगाड़, विध्वंसात्मक गतिविधियों, धार्मिक विद्वेश इत्यादि की आहूति देंगे और धर्म, पंथ व खबर निरपेक्षता का पालन करते
हुए पत्रकारिता के मानक संहिताओं को धारण करने की नव परिसंकल्पना लेते हैं कि कलम और पत्रकारिता को महिमामंडित करते रहेंगे।
काशी से पधारे वरिष्ठ पत्रकार डॉ0 आनंद पाण्डेय ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि हमारे साथी बस इतना समझ ले कि निरंकुशता पर अंकुश का शस्त्र पत्रकारिता है और कलम इस शस्त्र की धड़कन है। उन्हांने जोर देते हुए कहा कि पत्रकारिता
वह संजीवनी है जिससे हम बीमार समाज, लोकतंत्र और अपने संविधान को समृद्ध बना सकते हैं। इसी क्रम में गीतकार डॉ० रचना तिवारी, मनमोहन मिश्रा, जौनपुर से पधारे डॉ० प्रमोद वाचस्पति, शिक्षाविद ओम प्रकाश त्रिपाठी, नपं चेयरमैन दिग्विजय सिंह व एनटीपीसी वाराणसी के सहायक प्रबंधक (मा0स0) मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ने भी विस्तार से अपनी बात रखते
हुए मानवता और देश विरोधी शक्तियो को आसुरी बताते हुए लेखनी को मानवीय धर्म का पोषक एवं पत्रकारों को धर्म ध्वजा कलम का नैतिक संवाहक बने रहने का आह्वान किया।

वहीं संगोष्ठी संयोजक चंद्रमणि शुक्ला ने भ्रष्टाचार समेत देश को कमजोर करने वाले तत्वों पर करारा प्रहार किया। उन्होंने लेखनी के माध्यम से मुंह तोड़ जवाब देने की पत्रकारों से अपील करते
हुए कहा कि स्वार्थी तत्वों को बेनकाब करने का धर्मशास्त्र है पत्रकारिता। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी व गोपालक शत्रुघ्न सिंह ने पत्रकारों के इस महाकुंभ को लोकतंत्र की। मजबूती एवं सवैधानिक संरचना की परिकल्पना को साकार करने वाला एक महापत्रकार यज्ञ की संज्ञा दी।
मंचासीनो ने इसके पूर्व मां सरस्वती के चित्र पर
माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर सेमिनार का विधिवत शुभारंभ किया। पं० जगत नारायण शुक्ल इण्टर कॉलेज की छात्राओं ने वीणावादिनी की प्रस्तुति एवं अतिथियों का स्वागत अपने मधुर
गीतों के माध्यम से किया। सफल संचालन का दायित्व शिक्षाविद्व वरिष्ठ पत्रकार भोलानाथ मिश्र ने निभाया।

मीडिया फोरम आफ इंडिया (न्यास) के बैनर तले आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में सोनांचल के अतिरिक्त मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, प्रयागराज आदि जनपदों से भारी संख्या में विभिन्न संगठनों से
जुड़े पत्रकारों ने सिरकत किया। जिनमें मुख्य रूप से दीपक कुमार केसरवानी, डॉ० एके गुप्ता, संतोष मिश्रा, राहुल शर्मा, अभय भार्गव, नईम गाजीपुरी, शेख जलालुद्दीन, मणिशंकर सिन्हा, मस्तराम मिश्रा, विनोद गुप्ता, डीएस त्रिपाठी, रामजीयावन
गुप्ता, अखिलेश मिश्रा, अजय जौहरी, जी.के. मदान, अमरेश चंद्र मिश्रा, संदीप शर्मा, विष्णु गुप्ता, सनोज तिवारी, राजवंश चौबे, जगदीश तिवारी, राजेश गोस्वामी, गुड्डू मिश्रा, श्यामाचरण गिरी,
त्रिभुवन सिंह, प्रशांत गुप्ता, अशोक कुमार त्रिपाठी, ओमप्रकाश तिवारी, किशन पाण्डेय, लल्लन गुप्ता, नीरज पाठक, रामजी दूबे, रविंद्र पाण्डेय, उत्तम सिंह डॉ0 मो0 नसीम, विवेक पांडेय, मोईनुद्दीन मिन्टू, हृदयेन्द्रलाल श्रीवास्तव, ज्ञानदास कनौजिया, संतोष नागर, प्रमोद गुप्ता, संजीव कुमार श्रीवास्तव, राजकुमार सिंह, राजेश द्विवेदी, राकेश शरण मिश्र, अब्दुल कलाम, श्यामनारायण चौबे, अशोक चौबे, अरूण जायसवाल, डॉ० अरूण गुप्ता, पंकज सिंह, सतपाल सिंह, विकास सिंह, अशोक सिंह, शाही जमाल, गोपाल तिवारी, अवधेश शुक्ला, मनोज सिंह राणा, डॉ० जेएन तिवारी, डॉ० रविन्द्र
सिंह चौहान, डॉ० लखन राम जंगली, डॉ0 भाष्कर दत्ता, मंजू पाठक, बीके मिश्रा, रामप्रवेश गुप्ता, इकबाल अहमद, दिनकर कपूर, किशन कुमार, उप श्रमायुक्त पिपरी, एसओ पिपरी, पूर्व विधायक रूबी
प्रसाद समेत सैकड़ो कलमकार एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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