भोपाल की टीम का रीवा में दबिश, 105 ट्रक धान रिजेक्ट

जिले में दो दर्जन से ज्यादा केन्द्र प्रभारियों ने गुणवत्ता विहीन धान की तौल की, भोपाल से पहुंची टीम ने जिला स्तर पर अधिकारियों के साथ केन्द्रों पर परखी धान की गुणवत्ता

Bhopal team’s Dabish in Rewa, 105 truck paddy rejects

रीवा. नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई भोपाल की गुणवत्ता नियंत्रकों की टीम ने रीवा में डेरा डाल दिया है। टीम केन्द्र से लेकर गोदाम में जमा धान की गुणवत्ता की जांच कर रही है। टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान १५ जनवरी से लेकर अब तक १०५ ट्रक से ज्यादा धान रिजेक्ट हो चुकी है। इसकी सूचना से अधिकारियों में हडक़ंप मचा है। उधर, गोदामों पर अव्यवस्था के चलते धान अनलोड करने के लिए ट्रकों की लंबी कतार लगी है।

समिति प्रबंधकों ने गोदामों में जमा कर दी खराब धान
नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई की गुणवत्ता नियंत्रकों की संयुक्त टीम रीवा में पिछले पांच दिन से धान की गुणवत्ता परख रही है। भोपाल से आए उप महाप्रबंधक पी बिल्थरिया टीम को लीड कर रहे हैं। साथ में एफसीआई के गुणवत्ता नियंत्रक टीपी मेधानी और अन्य सदस्य टीम में शामिल हैं। रविवार को भोपाल की टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ वेयर हाउस व विपणन संघ के भेडऱा, उमरी, शुक्ला एग्रोटेक स्थिति गोदाम में पहुंचीं। टीम ने गोदाम में धान के रखरखा और गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान जांच टीम ने आस-पास के कई केन्द्रों का भी निरीक्षण किया और धान के नमूने लिए।

जवा-त्योंथर में बीस हजार क्विंटल धान खराब
अकेले रविवार को केन्द्र व गोदाम को मिलाकर लगभग 20 हजार बोरी यानी आठ हजार क्विंटल से अधिक धान रिजेक्ट कर दिया। टीम ने पहले दिन भी तराई अंचल में केन्द्रों पर १२ हजार बोरी से ज्यादा धान रिजेक्ट कर दिया है। जवा, त्योंथर और चाकघा एरिया में लगभग पांच हजार क्विंटल से ज्यादा धान का नमूना एकत्रित किया है। टीम ने शुक्रवार और शनिवार को भी अलग-अलग केन्द्र व गेादाम में लगभग डेढ़ लाख बोरी धान की गुणवत्ता फेल कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार अब तक टीम ने 30 हजार क्टिवंटल से ज्यादा धान रिजेक्ट कर दिया है। नान के अधिकारियों ने केन्द्र प्रभारियों को रिजेक्ट धान की गुणवत्ता को ठीक करके गोदाम में जमा करने की डेडलाइन जारी कर दी है।

केन्द्र प्रभारियों की मनमानी किसानों की गाढ़ी कमाई में बनेगी रोड़ा
जिले में केन्द्र प्रभारियों की मनमानी के चलते किसानों के भुगतान में भी नियम-कायदे का पेंच फंसेगा। अधिकारियों ने बताया कि जिन केन्द्रों के धान रिजेक्ट किए गए हैं, जबकि उतनी ही मात्रा में धान की तौल को केन्द्र से लेकर गोदाम तक क्लीयर नहीं होगा। तब कि भुगतान नहीं होगा। गुणवत्ता ठीक होने के बाद ही किसानों के खाते में समर्थन मूल्य भेजी जाएगी।

उमरी-भेंडऱा में अनलोड ट्रकों की लंबी कतार
जिले में विपणन संघ और वेयर हाउस के कैप फुल होने के बाद गोदाम में धान अनलोड के लिए ट्रकों की लंबी कतार लगी है। गोदामों पर अव्यवस्था के चलते ट्रक समय से अनलोड नहीं हो रहे हैं। जिससे केन्द्रों पर धान का उठाव समय से नहीं हो पा रहा है।

कई केन्द्रों पर बारदाना के अभाव में तौल ठप
जिले में पखवाड़ेभर से केन्द्रों पर अव्यवस्था के चलते धान की तौल की व्यवस्था चरमा गई है। केन्द्रों पर भोपाल से धान की गुणवत्ता की जांच करने पहुंची टीम ने व्यवस्था देखा, इस दौरान कई केन्द्रों पर बारदाना के अभाव में तौल बंद पाया गया। कई केन्द्रों पर किसानों ने सीधी टीम में शामिल अधिकारियों से भी समस्याएं सुनाई लेकिन, किसी के सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

यह है जांच के बिंदु
धान की नमी 17 तक स्वीकार्य हैं, वाह्यपदार्थ दो प्रतिशत ज्यादा नहीं होना चाहिए, आरर्गेनिक एक प्रतिशत होनी चाहिए, अकार्बनिक एक प्रतिशत, क्षतिग्रस्त/बदरंग दाने पांच प्रतिशत मान्य है। सिकुड़े या कुंभ्लाए हुए दाने तीन प्रतिशत। कचरा आदि।

बीते साल का टूटा रेकॉर्ड, 15.47 लाख क्विंटल से ज्यादा हो चुकी तौल
चालू सीजन में बीते साल हुई धान की तौल का रेकॉर्ड टूट गया। चालू सीजन में अब तक 15.47 लाख क्विंटल धान की तौल हो चुकी है। जबकि बीते साल कुल तौल 14.40 लाख ही हुई थी। अभी तौल जारी है। संभावना है कि बीस लाख क्विंटल धान की तौल होगी।

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