आईसर के लिए गर्व की बात, देश में पहली बार जंगली बाघ की जीनोम सीक्वेंसिंग

देश में पहली बार एक जंगली बाघ की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई है। यह उपलब्धि हासिल की है इंस्टीट्यूट इंस्टीट्यूट ऑफ…

Bhopal News - mp news pride for iser genome sequencing of wild tiger for the first time in the country

Jan 23, 2020, देश में पहली बार एक जंगली बाघ की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई है। यह उपलब्धि हासिल की है इंस्टीट्यूट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईसर) भोपाल के वैज्ञानिकों ने। आईसर के बायोलॉजिकल साइंसेस विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनीत शर्मा की अगुआई में हुए इस शोध को हाल ही अंतर्राष्ट्रीय रिसर्च जरनल ‘नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स 2019′ में प्रकाशित किया गया है। इसके लिए आईसर की टीम ने भोपाल के वन-विहार में दो साल पहले लाए गए आदमखोर बाघ बंधु के डीएनए सैंपल लिए और उसकी जीनोम सीक्वेंसिंग की। टीम के अन्य सदस्यों में पारुल मित्तल, शुभम जायसवाल, नागार्जुन विजय और रितुजा सक्सेना शामिल हैं। 

शर्मा ने दावा किया- हमने अपने अध्ययन में सही जीनोम सीक्वेंस को खोज निकाला है। टाइगर जीनोम पर इससे पहले चीन के वैज्ञानिक समूह ने काम किया है, लेकिन जब हमने बाघ के जीनोम को सीक्वेंस करना शुरू किया, तो हमने पाया कि चीन के वैज्ञानिकों द्वारा की गई जीनोम स्टडी में कई गलतियां हैं। उनकी स्टडी में जीनोम एसेम्बल करने मंे कई गलत न्यूक्लियोटाइड सीक्वेंस मिलते हैं। हमने लगभग 10 लाख जगहों पर इसको सही किया है। उनका शोध दुनिया को गलत जानकारी दे रहा था। 

आदमखोर बाघ बंधु के सैंपल पर हुई स्टडी 

इसके मायने: डॉ. विनीत शर्मा ने कहा- बाघ की जीनोमिक स्टडी बहुत जरूरी है क्योंकि इनकी आबादी मानवी हस्तक्षेप के कारण तेजी से कम होती जा रही है। बाघ जीनोम की बनावट, जीन्स के क्रम को समझने के बाद बाघ के संरक्षण और प्रजनन के लिए अधिक प्रभावी रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी। 

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