भोपाल प्रदेश का सर्वाधिक व देश का 63वां प्रदूषित शहर, पीएम-10 का स्तर बीते 6 साल में सबसे ज्यादा

भोपाल में बीते 6 सालों में पीएम-10 का औसत स्तर

भोपाल में बीते 6 सालों में पीएम-10 का औसत स्तर

देशभर के 287 में से 231 प्रदूषित शहरों की सूची में मप्र के 14 शहर और कस्बे शामिलप्रदूषण की बड़ी वजह… कई निर्माण कार्यों के चलते लगातार दूषित हो रही है राजधानी की फिजा

भोपाल .भोपाल प्रदेश का सर्वाधिक और देश का 63वां सबसे प्रदूषित शहर है, क्योंकि यहां पर्टिकुलेट मैटर यानी पीएम-10 का स्तर बीते 6 साल से प्रदेशभर में सर्वाधिक बना हुआ है। भोपाल के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर ग्वालियर है, जो देश में 66वां सर्वाधिक प्रदूषित शहर है। यहां भी पीएम-10 का स्तर लगातार बढ़ा हुआ ही रहता है। ग्रीनपीस इंडिया की ओर से एक दिन पहले जारी देशभर के 287 में से 231 प्रदूषित शहरों की सूची में मप्र के 14 शहर और कस्बों को प्रदूषित बताया गया है। इनमें भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और सिंगरौली 100 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। ये चारों ही शहर नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम में शामिल हैं।

प्रदेश के 14 प्रदूषित शहर, जिनकी रैंक देश में ऐसी हैभोपाल63
ग्वालियर66
जबलपुर81
सिंगरौली91
सतना108
अमलाई139
कटनी140
पीथमपुर144
इंदौर149
उज्जैन168
छिंदवाड़ा169
सागर184
देवास208
नागदा229

ग्वालियर प्रदेश का दूसरे और देश में 66वां सर्वाधिक प्रदूषित शहर है।

प्रदूषण की मुख्य वजह

  • प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह बढ़ती ट्रैफिक मोबिलिटी और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर है।
  • सड़कों पर वाहनों के गिरते टायर और उनकी नीचे पिसता कचरा सबसे ज्यादा pm10 यानी डस्ट पार्टिकल पैदा करता है। शहर में अनियंत्रित निर्माण गतिविधियां और कचरे का ठीक से निपटान ना होना pm10 बढ़ने का दूसरा बड़ा कारण है।
  • निमार्ण के साथ-साथ पुराने निर्माणों को तोड़ने में धूल नियंत्रण के उपायों की अनदेखी शहर में बढ़ा रही है धूल

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