विजयवर्गीय महासचिव बने रहेंगे, नरोत्तम मिश्रा को मिलेगी पदोन्नती

इंदौर। जगत प्रकाश नड्डा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से प्रदेश भाजपा के सियासी समीकरण बदलना तय है। सूत्रों के अनुसार उनकी टीम में मौजूदा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को बरकरार रखने के संकेत हैं। जबकि शिवराजसिंह चौहान के विरोधी माने जाने वाले नेता डा.नरोत्तम मिश्रा को को पदोन्नत कर महासचिव बनाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार अभी प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और शिवराजसिंह चौहान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं,इनमें से शिवराजसिंह चौहान को पुन:उपाध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है,जबकि स्वास्थ्य कारणों से साध्वी उमा भारती को अभा कार्यकारिणी में स्थान मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार जेपी नड्डा की टीम में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी और खजुराहों के सांसद वीडी शर्मा को भी महत्वपूर्ण स्थान मिल सकता है। इन दोनों नेताओं को राष्ट्रीय सचिव बनाया जा सकता है। सनद रहे वीडी शर्मा भी श्री नड्डा की तरह अभाविप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री यानी पूर्णकालिक कार्यकर्ता रहे हैं। जबकि नागरिकता संशोधन अधिनियम के कारण के भाजपा के इकलौते सांसद शंकर लालवानी भगवा सियासत में महत्वपूर्ण हो गए हैं।

क्यों रहेंगे विजयवर्गीय और मिश्रा महत्वपूर्ण

2021 में पश्चिम बंगाल,बिहार और 2022 में उप्र विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 162 सीटें होती हैं। पश्चिम बंगाल का प्रभार पहले से ही कैलाश विजयवर्गीय के पास है। हाल ही में बंगाल में जिस तरह कैलाश विजयवर्गीय के अत्यंत विश्वास पात्र दिलीप घोष को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया उससे साफ है कि श्री विजयवर्गीय को पश्चिम बंगाल के मोर्चें पर बरकरार रखा जाएगा। इसी तरह 2019 के लोकसभा चुनावों में पदेश के पूर्व मंत्री डा.नरोत्तम मिश्र,जेपी नड्डा के सहयोगी के तौर पर उप्र के सह प्रभारी थे। उनके पास कानपुर रूहेलखंड और ब्रज का क्षेत्र था। इस क्षेत्र में भाजपा को सबसे अधिक सफलता मिली है।

राकेश सिंह का प्रदेशाध्यक्ष बनना महज औपचारिकता!

यदि कोई अप्रत्याशित और चौंकाने वाला फैसला नहीं हुआ तो यह साफ संकेत हैं कि प्रदेश भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष राकेशसिंह अपने पद पर 2022 तक बने रहेंगे। राकेश सिंह जबलपुर से लगातार तीसरी बार सांसद निर्वाचित हुए हैं। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जबलपुर के ही दामाद हैं। श्री नड्डा की सास जयश्री बेनर्जी भी जबलपुर से सांसद और विधायक रह चुकी हंै। जयश्री बनर्जी का परिवार तब जनसंघ का एक मात्र परिवार था जिसके चार सदस्य मीसा बंदी थे। जयश्री बनर्जी की पुत्री मल्लिका और जेपी नड्डा के विवाह में स्व.बाबा साहब नातू और अभाविप के तत्कालीन राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्यकांत केलकर की महत्वपूर्ण भूमिका थी। श्री नड्डा की पत्नी मल्लिका नड्डा जबलपुर की छात्र नेता भी अभाविप की सक्रिय कार्यकर्ता थीं।

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