Shahdol:- कायाकल्प की जांच करने पहुंची भोपाल टीम, व्यवस्था से हुई संतुष्ट

By sulekha kushwaha shahdol

कर्मचारियों के कार्य को लेकर की पूछताछ, अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश

अनूपपुर। कायाकल्प योजना के तहत जिला अस्पताल अनूपपुर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने पिछले ढाई माह से बदल जा रही काया का अंतिम मुआयना करने भोपाल की दो सदस्यी टीम ने २३ जनवरी की दोपहर निरीक्षण किया, जहां जिला अस्पताल परिसर के नेत्र विभाग, डॉक्टर कक्ष, नि:शुल्क दवा वितरण केन्द्र, ड्रेसिंग रूम, मरीज भर्ती वार्ड, नर्स स्टाफ रूम, सुविधाघर, मेटरनिटी विंग, ऑपरेशन थियेटर, टीबी वार्ड, सिकलसेल वार्ड, एसएनसीयू वार्ड, पेड्रियाट्रिक वार्ड, महिला वार्ड सहित मर्चुरी थियेटर व ट्रामा सेंटर बिल्डिंग में संचालित पोषण पुर्नवास केन्द्र का निरीक्षण किया। जांच टीम में डॉ. महेन्द्र श्रीवास्तव तथा डॉ. हेमंत अग्रवाल शामिल रहे, जहां जांच टीम ने जिला अस्पताल के पदाधिकारियों के साथ निरीक्षण करते हुए विभागों में कार्यरत कर्मचारियों से कार्य को लेकर उनसे पूछताछ की। इस दौरान कर्मचारियों के हिचकिचाहत को देखते हुए नहीं घबराने की बात कही। वहीं जिला अस्पताल प्रबंधक व कायाकल्प से जुड़े विभिन्न अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए। इस दौरान अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन सुविधाघर के लिए शीध्र कार्य पूर्ण कराने निर्देश दिए। जांच टीम अधिकारियों ने अपने निरीक्षण में जिला अस्पताल में बदली गई काया पर संतोष जाहिर करते हुए व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जताई। साथ ही कहा यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। कम समय में एक सीएचसी की पुरानी बिल्डिंग को जिला अस्पताल में परिणत कर आधुनिक व्यवस्था में तब्दील करना बड़ी चुनौती थी, बावजूद जिला प्रशासन के सहयोग व अधिकारियों के निर्देश में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेहतर कार्य किया है जो प्रशंसनीय है। बेहतर कार्य के बेहतर परिणाम ही सामने आते हैं। इससे पूर्व सभी नोडल अधिकारियों का सिविल सर्जन कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बताया जाता है कि कायाकल्प योजना में शामिल होने पर भोपाल की टीम द्वारा प्रत्येक छह माह पर एक बार जांच की जाएगी। जिसमें स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तारित करने के साथ और बेहतर बनाने पर कार्य कराया जाता है। गुरूवार को जांच टीम ने सेनिटेशन, हाईजिन, वेस्ट मैनेजमेंट, सर्विस प्रोमोशन, सपोर्ट्स सर्विस, इंफेक्शन कंट्रोल, क्लालिटी मैनेजमेंट, फीड बैक सहित अन्य बिन्दूओं पर जांच की। इस दौरान जांच टीम ने थोड़ी खामियां भी बताते हुए शीध्र दूर करने के निर्देश दिए। विदित हो कि २१ जनवरी को शहडोल की टीम ने जिला अस्पताल की कायाकल्प का प्री मूल्यांकन कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए थे।
बॉक्स: पिछले वर्ष मिला था १८ प्रतिशत अंक
कायाकल्प योजना की ग्रेडिंग में प्रदेश के समस्त ५२ जिलों में अनूपपुर जिला कायाकल्प की चेक लिस्ट में सबसे निचले पायदान पर जा खड़ा था जहां प्रदेश शासन द्वारा जारी रिपोर्ट में अनूपपुर को ६०० अंकों की ३०० मानकों वाली चेक लिस्ट सूची में मात्र १०८ अंक प्रदान किए गए हैं, यानि १८ प्रतिशत। जबकि इसमें बेहतर अंक के साथ बेस्ट ऑफ के लिए कम से कम ७० प्रतिशत बेस लाइन अंक को पार करना आवश्यक है।
बॉक्स: यह है कायाकल्प योजना
कायाकल्प अवार्ड योजना मुख्य रूप से स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं में दिए जाते हैं। इनमें सेनिटेशन, हाईजिन, वेस्ट मैनेजमेंट, इंफेक्शन कंट्रोल, सपोर्ट सर्विस सहित अन्य मानक को निर्धारित किया गया है। ताकि अस्पतालों में प्रतिस्पर्धी भाव का भी विकास उत्पन्न कर शासन स्तर से मरीजों को शासकीय अस्पतालों से ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जा सके। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कैटेगरी बनाकर अलग-अलग श्रेणी में अलग-अलग इनामी राशि बतौर पुरस्कार दिया जाता है।
वर्सन:
हमारी टीम की ओर से कायाकल्प के प्रावधानों के तहत व्यवस्थाएं बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है। जांच टीम ने निरीक्षण किया है, जो उनकी रिपोर्टिंग के आधार पर हमारी सफलता निर्भर करती है।
डॉ. एससी राय, सिविल सर्जन जिला अस्पताल अनूपपुर

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