Shahdol : मध्यम वर्ग को उलझाया, छात्रों व किसानों को दी राहत

By sulekha kushwaha shahdol

Feb, 02 2020 10:27:46 (IST)

पत्रिका के टॉक-शो में बजट-2020 पर जन प्रतिक्रियाएं

शहडोल. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट-2020 में हर आम व खास लोगों के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। जिस पर लोगों की प्रतिक्रिया जानने के लिए संभागीय मुख्यालय में शनिवार को पत्रिका कार्यालय में टॉक-शो का आयोजन किया गया। जिसमें कई प्रतिभागियों ने केन्द्रीय बजट-2020 को मध्यम वर्ग को राहत प्रदान करने वाला बताया गया है। तो कुछ लोगों ने कहा कि बजट में बेरोजगारी व मंहगाई पर नियंत्रण का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। मध्यम वर्ग की इनकम टैक्स की लिमिट तो बढ़ाई गई है, लेकिन पुराने व नए स्लैब पर टैक्स का आप्सन देकर लोगों को बेवजह उलझाने का प्रयास किया गया है। किसानों की फसलों को सुरक्षित करने के लिए पंचायत स्तर पर वेयर हाउस का निर्माण कराने जाने की सराहना भी की गई तो शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए की गई पहल को भी बेहतर निर्णय बताया। टॉक -शो में जहां एक ओर कुछ युवाओं ने बजट में रोजगार के कम अवसरों पर चिंता जताई वहीं इंजीनीयरिंग के विद्याॢथयों के लिए दी गई सौगात की सराहना भी की है। कुल मिलाकर टॉक-शो में बजट-2020 पर लोगों ने अपनी मिलीजुली प्रतिक्रियाएं व्यक्त की है।
टैक्स की सीमा पर दो स्लैब का भ्रम
चार्टेड एकाउंटेन्ट सुशील सिंघल ने बताया कि आय पर टैक्स की सीमा पर दो स्लैब देकर लोगों में भ्रम की स्थिति निर्मित की गई है। नए स्लैब में छूट को समाप्त करने के बाद का टैक्स का लाभ देना काफी उलझन वाला है।
कर्मचारियों व पेंशनरों को राहत नहीं
पेंशनर्स केपी शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि टैक्स में छूट के प्रावधान का कर्मचारियों व पेंशनरों को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। साथ ही जिस प्रकार से टैक्स का प्रावधान किया गया है, उससे तो लोगों के इन्वेस्टमेन्ट में कमी आएगी।
फसलों को सुरक्षित करना सराहनीय
भारतीय किसान संघ के भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बजट में किसानों के फसल उत्पादन की सुरक्षा के लिए पंचायत और तहसील स्तर पर वेयर हाउस के निर्माण कराए जाने का प्रावधान किया गया है। जो प्रशंसनीय है।
आम जनों के हित में नहीं रेल का निजीकरण
अधिवक्ता शैलेश नंदन श्रीवास्तव ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया है कि बजट में तेजस की तरह 150 टे्रनों का संचालन करने की घोषणा तो की गई है, लेकिन उससे आमजनों को क्या फायदा मिलेगा। यह स्पष्ट नहीं किया गया है।
विदेशी निवेश से बेहतर होगी शिक्षा
समाजसेवी गोपाल निगम ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए 38 हजार317 करोड़ का प्रावधान किया जाना एक सराहनीय कदम है। साथ ही उच्च शिक्षा व स्कूल शिक्षा के लिए भी काफी बजट दिया गया है।
नैतिकता के आधार पर नहीं बनाया बजट
युवा जीतेन्द्र यादव ने बताया कि बजट-2020 के निर्माण में नैतिकता का ध्यान नहीं रखा गया है। जिससे देश के विकास की अवधारणा कमजोर दिख रही है। बजट में बाजार की आर्थिक मंदी को दूर करने की कोई नीति नहीं दिखी।
युवाओं के लिए आशावादी बजट
छात्र अरूणेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अपनी प्रतिक्रिया मेें बजट-2020 को युवाओं के लिए काफी आशावादी बताया है। बेरोजगार इंजीनीयरिंग के छात्रों का रोजगार का पंजीयन और हर जिले की स्पेशल चीज का व्यवसायिक उत्पादन सराहनीय कदम है।
बजट में छोटे व्यवसाइयों की उपेक्षा
जिला व्यापारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता ने बताया कि बजट में इनकम टैक्स में छूट का नया स्लैब तो बनाया गया है, मगर लोगों की आय पर जरा भी ध्यान नहीं दिया गया है। साथ ही छोटे व्यवसाइयोंं की उपेक्षा की गई है।
कृषि व शिक्षा के लिए बेहतर बजट
छात्र रघुराज ङ्क्षसह शेखावत ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया है कि कृषि व शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा बजट का प्रावधान किए जाना एक सराहनीय कदम है, क्योंकि बेहतर शिक्षा और किसानों की संपन्नता से ही देश का विकास संभव है।
शिक्षा के लिए सौगात वाला बजट
व्यवसाई प्रकाश गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि देश में शिक्षकों व नर्सों की जरूरत को पूरा करने का प्रस्ताव प्रशंसनीय है। एजुकेशन सेक्टर के लिए 99 हजार 300 करोड़ रुपये के प्रस्ताव से शिक्षा जगत में बेहतर सुधार होगा।
गौ-सुरक्षा का प्रावधान नहीं
छात्र अमर सोनी ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि बजट में गौ-सुरक्षा पर जरा भी फोकस नहीं किया गया है। जबकि अधिकांश गायों की बीमारी व दुर्घटना से मौत हो रही है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा गौशाला व पशु अस्पताल बनाना चाहिए।
बजट मेें लेनदारी पर देनदारी गायब
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट पूरा लेनदारी पर टिका हुआ है देनदारी की इसमें में चर्चा नहीं की गई है। यह पूरा बजट आम आदमी से काफी दूर है।
आय की सीमा बढ़ाने की सौगात
भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश तिवारी ने कहा कि मध्यवर्गीय समाज के लिए आय की सीमा बढ़ाकर पांच लाख किया जाना करोड़ों भारतीयों के लिए एक तोहफा है। केन्द्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बहुजन हिताय व बहुजन सुखाय है बजट
भाजपा लीगल सेल के संभाग प्रभारी चन्द्रेश द्विवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने आम बजट में देश के हर वर्ग का ध्यान रखा है। बजट सर्वस्पर्शी व सर्व जन हिताय व सर्र्व जन कल्याण पर आधारित है।
आम आदमी को टैक्स के बोझ से राहत
कंसल्टेंट इंजीनियर संतोष लोहानी ने कहा कि बजट में आम आदमी को टैक्स के बोझ से बड़ी राहत दी गई है। इससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही कौशल विकास व स्वच्छ भारत के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s