थोड़ी सी हवा चली और बिजली गुल मेंटेनंेस के नाम पर रोज हो रही कटौती

शहर में 1.23 लाख उपभोक्ता है। बारिश शुरू होते ही गुल हो जाती है बिजली। शहर के 1.23 लाख उपभोक्ताओं को बिजली विभाग से..

शहर में 1.23 लाख उपभोक्ता है। बारिश शुरू होते ही गुल हो जाती है बिजली।

शहर के 1.23 लाख उपभोक्ताओं को बिजली विभाग से दी जाने वाली सुविधाएं फेल हो गई है। सुविधाओं के नाम पर खर्च होने वाली सरकारी राशि तो बेकार जा ही रही है उन्हें दी जाने वाली सुविधाएं भी कागजों तक सीमित रह गई है। थोड़ी सी बारिश हो या हवा चले बिजली झट से गुल हो जाती है जबकि आए दिन बिजली विभाग में मेंटेनेंस का दौर चलता रहता है। मेंटेनेंस किसका होता है और वह इतना कमजोर क्यों होता है इसका जवाब विभाग के अफसर भी नहीं दे पाते। कभी अफसर ठेके पर चल रहे कामों पर नाकामी थोप देते हैं और कभी अमला नहीं होने का कारण गिनाते हैं। इन सबके बीच सबसे ज्यादा परेशानी उपभोक्ताओं की होती है। गलत बिलिंग, गलत मीटर रीडिंग, नए कनेक्शन का तत्काल नहीं मिलना, बिजली बिल नियमित नहीं आना यह ऐसी समस्या है जो पहले भी होती रही थी और अब ज्यादा हो रही है। इसकी वजह भी अफसर ठेके पर चल रहे कामों को बताते हैं।

िवभाग इन सुविधाओं को देने का दावा करता है

{माेर बिजली एप्प

{कंज्यूमर वेरीफिकेशन

{लास्ट पेमेंट डिटेल

{फ्यूज काल सेंटर

{बिल पेमेंट सर्विस

{मिस्ड काल सर्विस

{मोबाइल एसएमएस सर्विस

{1912 नंबर सर्विस

भरत नेताम

क्या करना था : जितने संसाधन है उनसे होने वाले काम पर मानिटरिंग में कसावट लानी थी। मौके पर जाकर काम कराना था जिससे अधिक संख्या में
काम होते।

क्या किया: टेबल पर जानकारी लेते रहे। अधीनस्थ अधिकारियों की बात पर विश्वास किया।आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।

क्या कहना है: बिजली व्यवस्था में व्यापार विहार और मिट्टी तेल वाली गली में अंडरग्राउंड लाइन शुरू होगी। जो भी हाइटेक सिस्टम आता है उसे फालो किया जाता है। लोगों को सभी सुविधाओं की जानकारी है।

गलत बिलिंग, मीटर रीडिंग में गड़बड़ी भी आम समस्या

कौन-कौन से ठेके पर चल रहे काम : बिजली विभाग में चल रहे कंस्ट्रक्शंस काम, मीटर रीडिंग, मीटर बिलिंग, केबलिंग,लाइन खींचने का काम, खंभा खड़ा करने का काम,सब स्टेशन में आपरेटर का काम आदि शामिल है। ठेके पर चल रहे कामों की वजह से सरकारी स्तर पर भर्ती लंबे समय से नहीं हो पाई है।

कार्यपालन यंत्री, बिजली
विभाग छग शासन

इन दावों की यह है असल हकीकत

{ प्रचार प्रसार के अभाव में जानकारी आम लोगों को नहीं

{ 1912 पर शिकायत करने के बाद भी समय पर निपटारा नहीं

{ मोबाइल रजिस्ट्रेशन न होने से संंबंधित सेवाओं का लाभ नहीं

{ बिजली विभाग के एप्प की जानकारी आम लोगों को नहीं

{ अफसर सुविधाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए गंभीर नहीं।

मेंटेनेंस करते बिजली विभाग के कर्मचारी।

आंकड़े पूर्वी डिवीजन पश्चिमी डिवीजन

{ कितने कर्मचारी 150 155

{ कितने जोन 03 03

{ कितनी खपत 2 करोड़ यूनिट 2.10 करोड़ यूनिट

{ कितने ट्रांसफार्मर 1482 1200

{ उपभोक्ता संख्या 63000 60000

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s