गढ़ा डैम का विराेध; 10 गांवों के किसान गन्ना फसल दिखाकर बोले- हमें डैम नहीं चाहिए, बैराज ही पर्याप्त

गढ़ा डैम के डूब क्षेत्र में आ रहे 10 गांवों के लगभग 1 हजार किसान काेदाराेटी गांव में हाेने वाले गन्ने की फसल लेकर…

गढ़ा डैम के डूब क्षेत्र में आ रहे 10 गांवों के लगभग 1 हजार किसान काेदाराेटी गांव में हाेने वाले गन्ने की फसल लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। गन्ने का साइज अाैर माेटार्इ दिखाकर उन्होंने बताया कि इस तरह का गन्ना हमारे खेताें में पैदा हाेता है। हमारी जमीनें पूरी तरह सिंचित, भरपूर पानी वाली अाैर उपजाऊ है, हमें किसी डैम की जरूरत नहीं है। यदि डैम बनाना है ताे हमारी सिंचित जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जाए। कलेक्टर तेजस्वी एस. नायक ने कहा कि वे उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा देंगे। उनके हाथ में जाे संभव है वे प्रयास करेंगे।

न्यू बैतूल ग्राउंड पर जमा हुए ग्रामीण, रैली निकालकर पहुंचे कलेक्टोरेट

कोदारोटी, हिवरोड़ी, पाढर, डोक्या समेत अन्य गांवों से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर- ट्रॉलियों में बैठकर बैतूल आए थे। सुबह से ही वे न्यू बैतूल ग्राउंड पर जमा होने लगे। यहां से इकट्ठा होकर वे रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंचे। कोठी बाजार थाना चौक, लल्ली चौक, बस स्टैंड, न्यायालय के सामने की सड़क से होती हुई रैली कलेक्टोरेट तक पहुंची।

मोबाइल पर कलेक्टर को बताए हाल, तब लाेगाें के सामने आए कलेक्टर

डिप्टी कलेक्टर नितिन टाले काे ज्ञापन देने से किसानों ने मना कर दिया अाैर जमीन पर बैठ गए। इस पर नितिन टाले ने मोबाइल पर कलेक्टर को फोन लगाया। वहां के हालात बताने और किसानों की मांग बताने पर कुछ देर में कलेक्टर तेजस्वी एस. नायक किसानों के पास पहुंचे। उन्होंने किसानों की पूरी बात सुनी और उनकी बात प्रदेश शासन तक पहुंचाने की बात कही।

कलेक्टर काे गन्ने दिखाकर बताया एेसी उपज देती है हमारी जमीन

यतीन्द्र सोनी ने इस क्षेत्र में होने वाले गन्ने की फसल के नमूने दिखाते हुए कलेक्टर से कहा कि इस तरह की फसल कोदारोटी समेत इससे सटे गांवों में होती है। हमारे यहां बोर और कुओं में भरपूर पानी है। हमारी जमीन भी बेहद उपजाऊ है। हमें डैम की जरूरत नहीं है। जमीन की गाइडलाइन के अनुसार 10 साल से हमारे क्षेत्र में जमीन के दाम नहीं बढ़े हैं।

किसानाें की भीड़ अाते ही बंद करवाया मेनगेट, छाेटे गेट से भीतर अाए किसान

किसानाें के पहुंचते ही कलेक्टोरेट का मेनगेट पुलिस ने दाैड़कर बंद कर दिया। इसके बाद दूसरे गेट पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में छाेटे गेट से किसानों काे भीतर अाने की एंट्री दी। किसान भीतर अाए अाैर जय जवान- जय किसान के नारे लगाने लगे। इस पर डिप्टी कलेक्टर नितिन टाले ज्ञापन लेने अाए, लेकिन किसानों ने कलेक्टर तेजस्वी एस. नायक के अाने पर ही ज्ञापन साैंपने की बात कही। इसे बाद किसान कलेक्टर तेजस्वी नायक का इंतजार करते हुए, कलेक्टोरेट में जमीन पर बैठ गए।

10 गांवों की 950 हेक्टेयर जमीन डूब रही

गढ़ा डैम बनने से 950 हेक्टेयर जमीन डूब क्षेत्र में जाएगी। 10 गांवों के 1500 किसानों की जमीनें डूबेगी। गढ़ा, हिवरखेड़ी, देवगांव, अखतवाड़ा, डोक्या, पाढर, कोदारोटी, बोरगांव, मंडई, मालापुर के किसानों की जमीन डूबेगी।

समझाइश दी : किसानों की मांग पर समस्या सुनने बाहर आए कलेक्टर

बैतूल। प्रदर्शन कर रहे किसानों से चर्चा करते हुए कलेक्टर तेजस्वी एस. नायक।

बैराजों की जगह डैम बनाने का लिखित आश्वासन ले चुके

जलसंसाधन विभाग प्रोजेक्ट में संशोधन करके डैम की जगह बैराज बनाने का संशोधन कर रहा था। इसके विरोध में जीन जोड़ पर चक्काजाम करके 6 फरवरी को सैकड़ों किसानों ने अांदाेलन कर दिया था। ईई जलसंसाधन ने बैराज की जगह बांध बनाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद अांदाेलन टला था।

ईई को बुलाने की करते रहे मांग

किसान जलसंसाधन विभाग के ईई एके डेहरिया को बुलाने की मांग करते रहे। उन्होंने कहा कि हाल ही में ईई जलसंसाधन ने दबाव के कारण बैराज नहीं बनाने का लिखित आश्वासन दे दिया है जो कि गलत है। ईई जलसंसाधन को बुलाया जाए। इस पर कलेक्टर बोले कि इस तरह सभी को यहां नहीं बुला सकते हैं। मैं आपकी बात सुन रहा हूं यह बात ऊपर तक भी पहुंचा दूंगा। आपकी बात सुनने मैं खुद आया हूं।

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