ड्रग्स बीमारियों के ईलाज के लिए है, जिससे लोग ठीक हो सकें लेकिन आजकल युवा नशे के रुप में इसका इस्तेमाल करने लग गए हैं। आप पत्रकारिता विश्वविद्यालय के भावी पत्रकार हैं, इसलिए इस विषय पर जागरुक करने की आपकी जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में ये विचार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अजय कुमार शर्मा ने व्यक्त किए। ‘नशा मुक्ति विविध कानून’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ड्रग्स के नशे से परिवार, समाज एवं राष्ट्र की अपूर्णनीय छति होती है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स एडिक्ट का ईलाज संभव है और सामाजिक पुनर्वास केंद्र से परामर्श लेकर इस लत से छुटकारा पाया जा सकता है। श्री शर्मा ने इसके कानूनी पहलुओं पर भी बारिकी से प्रकाश डाला।श्री शर्मा ने मंदसौर एवं नीमच में पुलिस अधीक्षक रहते हुए अपने अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए । लोग क्या कहेंगे इस सोच को छोड़ने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि न खुद इसकी आदत लगाएं और ना ही दूसरों को लगने दें । श्री शर्मा ने कहा कि आप जागरुक रहें और जो मित्र, परिचित या अपरिचित इस ड्रग्स के नशे में फंस गये हैं, उन्हें इससे बाहर निकालने में मदद करें । उन्होंने पत्रकार की भूमिका पर बोलते हुए कहा कि नशा मुक्ति जैसे कार्य में एक पत्रकार का बहुत बड़ा रोल होता है। पत्रकार और पुलिस के काम को चुनौतीपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह 24 घंटे का काम है।विश्वविद्यालय के कुलपति दीपक तिवारी ने कहा कि नशे की लत बहुत खराब होती है एवं युवाओं को इससे हमेशा बचना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि वे नशे की किसी भी लत में न लगें। श्री तिवारी ने विद्यार्थियों से इसकी गंभीरता को समझते हुए खुशहाल जिंदगी जीने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन प्रो. संजय द्विवेदी ने किया ।

MCU

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