एक गौर गाय से 38 से ज्यादा गांव, फलिया के 10 हजार ग्रामीणों में दहशत, अकेले आने-जाने पर रोक

मेलघाट टाइगर रिजर्व से भटककर बोदरली रेंज में पहुंची एक जंगली गौर गाय। इससे 38 गांव और फलियाओं के 10 हजार से ज्यादा.

मेलघाट टाइगर रिजर्व से भटककर बोदरली रेंज में पहुंची एक जंगली गौर गाय। इससे 38 गांव और फलियाओं के 10 हजार से ज्यादा ग्रामीणों में दहशत है। उसकी ताकत जानने के बाद वन अमले ने अकेले आने-जाने पर रोक लगाई है।

तीन दिन पहले ग्राम पिपरी रैयत के एक खेत में जंगली गौर गाय दिखी थी। दोपहर 12 बजे दूर से किसानों को जंगली भैंसे जैसी नजर आई। ये गाय किसानों के पीछे भागी थी, इससे जान बचाने लोग पेड़ पर चढ़ गए थे। पत्थर और लकड़ी फेंककर मारने पर भागी थी। सूचना पर देरशाम को वन अमला क्षेत्र में पहुंचा था। गश्त के दौरान उसके मोबाइल में फोटो लिए। तब पता चला कि ये गौर गाय है। बोदरली रेंजर रामदास कास्डे ने बताया ये जंगली नर गौर गाय है। देखकर उसकी उम्र 7 से 8 साल लग रही है। उसका वजन 10 क्विंटल से ज्यादा हैं। सींग डेढ़-डेढ़ फीट लंबे मालूम पड़ रहे हैं। सामना हो जाए तो आम जन को फाड़ देगा। शेर भी उसके सामने जाने की हिम्मत नहीं जुटाता है। तीन शेर भी मिलकर आगे से उसका शिकार नहीं कर पाते। ये गाय जिले के जंगल में नहीं पाई जाती। इसलिए उसे भगाने या पकड़ने के संसाधन भी नहीं है। ग्राम पिपरी रैयत के किसान रमजान तड़वी ने कहा कि गाय को भगाने के लिए पटाखे फोड़ रहे हैं। तीन दिन से अधिकांश किसान खेत नहीं पहुंचे हैं। भावसा के किसान प्रकाश पटेल ने कहा कि झुंड में खेत पहुंच रहे हैं। दहशत इतनी है कि ग्रामीण बाइक से अकेले गांव के बाहर भी नहीं जा रहे हैं। जरूरी काम पर ग्रामीण बस, जीप और मैजिक से सफर कर रहे हैं।

डोंडी पीटकर कोटवारों ने मुनादी की

जसोंदी बीट और फोफनार बीट के 12 से ज्यादा गांव में वन अमला सूचना पहुंचा चुका है। यहां के सरपंच, सचिव कोटवारों से अपने स्तर पर गांवों में मुनादी करा चुके हैं। गांव-फलियाओं में जाकर अमला ग्रामीणों को सावधान कर रहा हैं। इससे करीब 25 फलियाओं में भी दहशत का माहौल है।

ये गांव दहशत में

ग्राम पंचायत पिपरी, संग्रामपुर, चौंडी, चिड़ियापानी, भावसा, हाथबलड़ी, मोरखेड़ाकलां, मेथा, मोरखेड़ाखुर्द, मालवीर, खारी, बड़सिंगी के सरपंच व कोटवार को वन अमले ने लिखित सूचना भेजी है। ये अपने गांव में डोंडी पिटवाकर मुनादी कर चुके हैं। इन पंचायतों में 25 से ज्यादा फलियाओं में सबसे ज्यादा दहशत है।

3 माह में दो लोगों को गौर गाय ने किया घायल

यह गौर गाय करीब तीन माह से बोदरली रेंज में दिख रही है। 12 दिसंबर को शाहपुर के ग्राम चौंडी में दो किसानों पर हमला हो चुका है। वन अमला बड़ी मुश्किल से उसे जंगल तक भगाने में कामयाब हो पाया था लेकिन अब फिर एक बार गाय ग्राम पिपरी के आसपास पहुंची है।

ग्रामीण बाइक पर भी गांव से बाहर नहीं निकल रहे

एसडीओ और रेंजर गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को आगाह कर रहे हैं।

अब तक नहीं पहुंची वाइल्ड लाइफ की टीम

बारिश के समय यह झुंड से अलग होकर भटकते हुए यहां तक पहुंच गया है। वन विभाग भोपाल वाइल्ड लाइफ को भी सूचना कर चुका है। हालांकि अभी तक वाइल्ड लाइफ की कोई टीम नहीं पहुंची है।

दूर खड़े रहकर भगाना ही एक मात्र उपाय

वन विभाग के पास ऐसे बड़े वन्य प्राणियों को नियंत्रित करने के उपकरण नहीं है। स्थानीय स्तर पर भी उन्हें नियंत्रित करने के लिए कोई प्रशिक्षित नहीं है। सिर्फ उनकी पहुंच से दूर खड़े रहकर ही भगाना एक मात्र उपाय है।

नदी-नाले सूखने पर फिर लौटकर आएगी गाय

अप्रैल और मई तक जंगल और पहाड़ी नदी-नालें सूख जाएंगे। ऐसे में गाय खाने-पीने की तलाश में गांव लौट आएंगे। ऐसे में फिर जान का खतरा बढ़ जाएगा। अमले को जल्द से जल्द उसे मेलघाट में पहुंचाना चाहिए।

अमला पूरी तरह मुश्तैद, जल्द मेलघाट भगाएंगे

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.