आमला में भी हाे सकता है हादसा जैसा भोपाल स्टेशन मे हुआ था सतर्कता बरतना!

भोपाल के रेलवे स्टेशन पर ओवर ब्रिज टूटने का मंजर देखने के बाद क्षेत्र के नागरिक रेलवे के पुराने ब्रिज को लेकर…

भोपाल के रेलवे स्टेशन पर ओवर ब्रिज टूटने का मंजर देखने के बाद क्षेत्र के नागरिक रेलवे के पुराने ब्रिज को लेकर चिंता कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि रेलवे के बनाए हुए ब्रिज काफी पुराने हैं। इनके भी प्लास्टर झड़ते हुए नजर आ रहे हैं। रेलवे ने जल्द इनकी सुध नहीं ली तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है। भास्कर की पड़ताल में रेलवे के पुराने ब्रिज के हालात कुछ इस तरह सामने आए हैं।

न बन जाए हादसे की वजह

रमली सरपंच दिनेश बारस्कर, नागरिक मंगल मोरे, अनिल चाैहान का कहना है कि समय-समय पर रेलवे के अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत कराया है, लेकिन रेलवे के अधिकारी केवल खानापूर्ति कर इनके मामूली डैमेज सुधारने में ही रुचि दिखाते हैं। ऐसे में ये ब्रिज और पुराने भवन किसी दिन बड़े हादसे की वजह बन जाएंगे।

सुधार कार्य कर रहे हैं

रेलवे स्टेशन पर नया ब्रिज बनवा रही है। इसका काम शुरू है। इस काम में तेजी लाने के निर्देश एजेंसी को मिले हैं। डैम के ऊपर बने ब्रिज और पुराने भवनों की समस्या से वरिष्ठ अधिकारियाें को रिमाइंडर भेजा जाएगा।
सुनील पंत, कामर्शियल इंस्पेक्टर, अामला स्टेशन

रेलवे काॅलोनी इलाके में रेलवे ने पुराने भवनों के नाम पर अधिकांश भवन खाली करवा लिए हैं। इन भवनों के अधिकांश लोहे और लकड़ियों का मटेरियल भी लोगों ने चुरा लिया है। काफी पुराने भवन होने के कारण अब ये डिस्मेंटल होने की स्थिति में हैं, लेकिन रेलवे ने इस तरफ से भी अपना ध्यान हटा रखा है। मामले में रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पी. वानखेड़े से संपर्क नहीं हो पाया।

हालात 3**

हालात 1**

बेल नदी पर रेलवे डैम के पास बने ब्रिज से रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है। ससुंद्रा, परसोड़ा, रमली, देवठान, नांदपुर सहित एक दर्जन से ज्यादा गांव के लोग यहीं से आना-जाना करते हैं। फोरलेन से जुड़ने के लिए भी लोग इस सड़क का उपयोग करते हैं। इसके कारण इस ब्रिज पर पूरे दिन आवाजाही बनी रहती है, लेकिन ब्रिज के दोनों तरफ गड्ढे हो रहे हैं। जबकि ब्रिज के दोनों साइड से भी सीमेंट-कांक्रीट का बेस झड़ता हुआ आसानी से देखा जा सकता है। इसी तरह इस ब्रिज में भी समय-समय पर रेलवे मरम्मत के नाम पर केवल गड्ढों की फिलिंग करती आई है।

हालात 2**

जंक्शन के प्लेटफार्म पर पहुंचने के लिए यात्रियों को ओवर ब्रिज से होकर गुजरना पड़ता है। यह ब्रिज अंग्रेजों के जमाने का निर्मित है। ब्रिज के नीचे के हिस्से का सीमेंट कई बार लोगों ने झड़ते देखा है। नागरिकों और यात्रियों की शिकायत के बाद रेलवे ने यहां पर फिलिंग की है, लेकिन हाल ही में हुए हादसे को देखने के बाद लोगों में इस बात का डर है कि बड़े हादसे का कारण न बन जाए।

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