पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड, किसके टैंकर कहां जाते, किस रसायन का कर रहे परिवहन, जानकारी मांगी

सीतापुर (उप्र) में टैंकर से जहरीला रसायन बहाए जाने के कारण 7 लोगों और 4 पशुओं की मौत के बाद वहां के एसपी एलआर कुमार…

सीतापुर (उप्र) में टैंकर से जहरीला रसायन बहाए जाने के कारण 7 लोगों और 4 पशुओं की मौत के बाद वहां के एसपी एलआर कुमार द्वारा उज्जैन एसपी को नागदा में रसायन भरकर खड़े 50 से अधिक टैंकरों की सूचना के तीन दिन बाद नागदा पुलिस सक्रिय हुई है।

शनिवार को महज टैंकरों की फाेरी जांच की कार्रवाई के बाद रविवार को बिड़लाग्राम पुलिस ने शहर के सभी उद्योगों के लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट से रसायन परिवहन करने वाले ट्रांसपोर्टर और टैंकरों के नंबर का डाटा सोमवार को थाने में प्रस्तुत करने को कहा है। सीएसपी मनोज र|ाकर के अनुसार चूंकि शहर में लोडिंग, अनलोडिंग करने वाले टैंकरों की संख्या 400 से अधिक है, इसलिए नागदा के सभी 150 ट्रांसपोर्टरों को भी सूचना देकर उन्हें बिल्टी बुक के साथ बुलाया गया। इससे यह पता लगाया जा सके कि नागदा से किस तरह के रसायन की लोडिंग, अनलोडिंग की जा रही है।

उज्जैन-जावरा टोल के फुटेज भी होंगे चेक

पुलिस ने उज्जैन के चकरावदा और जावरा के टोल नाका के सीसीटीवी फुटेज चेक करने की बात कही है। सीएसपी के अनुसार फुटेज से पता चल सकेगा कि 6 फरवरी को सीतापुर में हुए हादसे के बाद महाकाल इंटरप्राइजेस और एमए इंटरप्राइजेस के कितने टैंकर शहर में आए हैं। इनके यहां आने का कारण क्या है, ये दोनों ट्रांसपोर्ट कंपनी नागदा के उद्योगों में रजिस्टर्ड नहीं होने के बाद आखिर यहां अपने टैंकर क्यों भेज रही है। ट्रांसपोर्ट नगर, इंगोरिया रोड, हाउसिंग बोर्ड के घरों और दुकानों के बाहर लगे कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

यहां खड़े टैंकरों में सैकड़ों टन जहरीला रसायन -जाटव

जांच के दौरान प्रदूषण बोर्ड के वैज्ञानिक जाटव ने रिहायशी क्षेत्र में सड़कों पर खड़े टैंकरों को देखकर आश्चर्य जताया। वे बोले- इन टैंकरों में सैकड़ों टन जहरीला रसायन भरा हुआ है, हमें जांच का अधिकार नहीं, संबंधित विभाग या पुलिस को यह नजर नहीं आ रहा। किसी एक में भी लीकेज हुआ तो बड़ा हादसा होेगा, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

लंबी सूची के कारण जांच में लगेगा एक सप्ताह

टैंकर चालकों की सूची बनाई जा रही है। इन सभी को सूचना देकर बुलाया जा रहा है। ड्राइवरों से पूछताछ में शहर में रसायन जहां-तहां बहाकर भागने वाले ट्रांसपोर्टर का पता लगाने में मदद मिलेगी। जो भी ट्रांसपोर्टर सूची नहीं देंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे। चूंकि सूची बड़ी लंबी है, जांच में सप्ताहभर का समय लगेगा।
मनोज र|ाकर, सीएसपी, नागदा

प्रदूषण बोर्ड की टीम ने चार जगह से भरे सैंपल

रविवार सुबह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उज्जैन की टीम भी जांच करने पहुंची। टीम में शामिल बोर्ड के वैज्ञानिक दिग्विजयसिंह जाटव ने स्थानीय अमले के साथ इंगोरिया रोड स्थित बाबा सर्विस सेंटर, आजाद ढाबा, रंगोली ढाबा और गोल्डन केमिकल के पीछे से टैंकरों की धुलाई से निकलने वाले पानी के सैंपल भरे हैं। जांच के दौरान एक भी सेंटर संचालक लाइसेंस उपलब्ध नहीं करा पाए। इसके अलावा यहां धुलने आ रहे वाहनों का रिकाॅर्ड भी नहीं मिला है। साथ ही सेंटर संचालन के लिए जरूरी मापदंडों की अवहेलना मिलने पर प्रदूषण बोर्ड के अमले ने सभी के खिलाफ पंचनामा बनाया है।

आजाद ढाबे के समीप खाली प्लाट पर सेंटर के पानी से खराब हुई जमीन।

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