अंदरूनी इलाकों में सवारी गाड़ियां कम इसलिए टैक्सियोंऔर मालवाहकों में लटक कर जाने को ग्रामीण मजबूर

जिले के कई मार्गों पर टैक्सी सहित मालवाहकों में भी क्षमता से अधिक सवारियों को ढोया जा रहा है। अंदरूनी इलाकों में…

जिले के कई मार्गों पर टैक्सी सहित मालवाहकों में भी क्षमता से अधिक सवारियों को ढोया जा रहा है। अंदरूनी इलाकों में कम वाहन चलने के कारण ग्रामीण जान-जोखिम में डालकर टैक्सियों में लटककर सफर करने मजबूर हैं। ऐसे में हादसा होने पर जान-माल की हानि होने की संभावना बढ़ जाती है। वर्तमान में जिले के कई गांवों में मेला-मड़ाई का दौर चल रहा है, जिससे यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा साप्ताहिक बाजार के दिन ऐसा नजारा दिखाई पड़ता है।

जिले के आमाबेड़ा मार्ग, अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग, चारामा और दुधावा मार्ग पर भी सवारी वाहनों में क्षमता से ज्यादा लोगों को भरा जा रहा है। टैक्सी में 8 से 10 सवारी बैठाने का प्रावधान है, लेकिन इसमें अधिक लोगों को बिठाया जाता है। आमाबेड़ा मार्ग पर बस नहीं चलने से आवागमन का एकमात्र साधन टैक्सी है, जिससे ग्रामीण मजबूरी में ऐसा सफर करते हैं। भंडारीपारा वार्ड के देवेश यादव, मनकेशरी के तुसल देवांगन ने कहा आमाबेड़ा मार्ग पर क्षमता से ज्यादा सवारी भरी जाती है। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। लोग भी जान जोखिम में डालकर यात्रा करते हैं।

बस में भी कई बार भरे जाते हैं क्षमता से अधिक सवारी : टैक्सी के साथ बस में भी कई बार क्षमता से अधिक सवारियों को भरा जाता है। पर्याप्त सीट नहीं होने पर यात्रियों को खड़ा होकर सफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार विवाद की स्थिति बनती है। जनकपुर वार्ड के राकेश यादव ने कहा कि बस में सीट नहीं होने के बाद भी यात्रियों को बैठा लिया जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

कारवाई की जाएगी: कांकेर यातायात प्रभारी रोशन कौशिक ने कहा कि यदि क्षमता से ज्यादा सवारी टैक्सी व अन्य वाहनों में भरा जाता है तो इसको लेकर नियमपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। मालवाहक वाहन में सवारी नहीं बैठाया जा सकता। इसको लेकर भी कार्रवाई की जा चुकी है।

मालवाहक वाहन में सवारी ढो रहे

क्षेत्र में मालवाहक से भी सवारी लाने-ले जाने का काम किया जा रहा है। पिकअप, ट्रैक्टर जैसे मालवाहकों में सवारी ढोया जा रहा है, जबकि कई बार ऐसे हादसों में लोगों की जान जा चुकी है। गत वर्ष सितंबर में पिकअप वाहन दुधावा के पास पलट गई थीं, जिसमें 30 से अधिक लोग सवार थे। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, वहीं 8 से अधिक लोग घायल हो गए थे। बालोद क्षेत्र से पिकअप में पिकनिक मनाने लोग पहुंचे थे।

सरकारी कार्यक्रमों में भी ट्रैक्टर से लाए जाते हैं बच्चे

भानुप्रतापपुर में आयोजित राज्यस्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान भी कई ब्लॉक के बच्चों को ट्रैक्टरों में भरकर प्रतियोगिता स्थल लाया गया। सरकारी अमला ही बच्चों की सुरक्षा को ताक में रखकर ऐसे वाहनों में बच्चों व ग्रामीणों को कई कार्यक्रमों में लाते और ले जाते हैं।

जानिए, कितना लग सकता है जुर्माना

टैक्सी में क्षमता से अधिक सवारी ले जाने पर 2 हजार रुपए का चालानी कार्रवाई का प्रावधान है। मालवाहक वाहन में सवारी बैठाने पर 200 रुपए का चालान व परमिट नहीं होने पर 2 हजार का जुर्माना लगता है। यातायात पुलिस ने गत वर्ष यातायात नियम का उल्लंघन करने को लेकर 14 हजार की चालानी कार्रवाई की थी।

कांकेर। पिकअप में भी सवारी ढो रहे सवारी। आमाबेड़ा मार्ग पर ऐसे सफर करते हैं ग्रामीण।

भानुप्रतापपुर खेलकूद स्पर्धा में बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर ट्रैक्टर से ही बच्चों को लाया-ले जाया गया।

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