रेल पटरी टूटी थी, शहडोल मेमू को कीमैन ने लाल झंडी दिखाकर रोका

पेंड्रारोड और हर्री रेलवे स्टेशन के बीच डाउन लाइन पर पटरी टूट गई थी। बिलासपुर से शहडा़ेल जा रही मेमू इसी ट्रैक पर…

पेंड्रारोड और हर्री रेलवे स्टेशन के बीच डाउन लाइन पर पटरी टूट गई थी। बिलासपुर से शहडा़ेल जा रही मेमू इसी ट्रैक पर पूरी रफ्तार से जा रही थी। की-मैन की नजर पटरी पर पड़ी तो उसने तत्काल दोनों स्टेशन मास्टरों को सूचना देकर पटरी पर लाल झंडा लेकर दौड़ लगा दी। तेज रफ्तार मेमू टूटी हुई पटरी से चंद मीटर पहले रुक गई।

बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर आरवीएनएल द्वारा बिछाई गई घटिया रेलवे लाइन बार-बार टूट रही है। सुबह-सुबह पेंड्रारोड से हर्री रेलवे स्टेशन के बीच की-मैन प्रेमलाल ध्रुव पटरियों की जांच करते आगे बढ़ रहा था। उसी समय उसे डाउन लाइन पर एक जगह पटरी टूटी हुई नजर आई जो टूटकर लगभग दो से तीन इंच फैल गई थी। यह पटरी स्लीपर के ऊपर टूटी थी। की-मैन ने तत्काल इसकी सूचना हर्री रेलवे स्टेशन मास्टर और पेंड्रारोड स्टेशन मास्टर को दी। इस बीच उसे पता चला कि बिलासपुर से शहडोल जाने वाली मेमू पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन से 8.15 बजे छूट चुकी है और किसी भी क्षण वह पहुंच जाएगी। इस बीच ट्रेन भी नजर आ गई तो उसने लाल झंडा दिखाकर मेमू को नियंत्रित किया। मेमू टूटी हुई पटरी से 30 से 35 मीटर पहले आकर रुकी। पटरी टूटने की सूचना पर इंजीनियरिंग विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और तत्काल फिश प्लेट लगाकर मेमू को आगे रवाना किया। इस दौरान मेमू लगभग 30 मिनट मौके पर खड़ी रही। जहां पर पटरी टूटी थी वहां से हर्री रेलवे स्टेशन 3 किलोमीटर था।

शहडोल मेमू को इसी टूटी पटरी से गुजरना था। दुर्घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़।

9 महीने में तीसरी बार दुर्घटना से बची मेमू

बिलासपुर-शहडोल मेमू पटरी टूटने की वजह से पिछले 9 महीने में तीसरी बार बड़ी दुर्घटना से बची है। पूर्व में यह मेमू बिलासपुर से पेंड्रारोड के मध्य चलती थी। 3 जून 2019 को बिलासपुर से पेंड्रारोड जाते समय मेमू सारबहरा रेलवे स्टेशन में रुकी थी। सारबहरा से ट्रेन छूटते ही र्स्टाटर और एडवांस के बीच इंजन के गुजरते ही मोटरमैन ने खट की आवाज सुनी उन्हें समझते देर नहीं लगी और उन्होंने प्रेशर रिलीज कर ट्रेन को रोक लिया। फिर नीचे उतरकर पटरी की जांच करते पीछे की तरफ गए तो देखा कि चौथे डिब्बे के ठीक नीचे पटरी टूटकर अलग हो चुकी है। इसी तरह से खोडरी के पास पेट्रोल मैन ने टूटी पटरी देखकर मेमू को रोका था। तीसरी बार मंगलवार को सुबह की-मैन की सतर्कता से मेमू फिर से बच गई है।

फिश प्लेट लगाकर पटरी को ठीक किया गया, 30 मिनट तक खड़ी रही ट्रेन

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