महाशिवरात्रि मेला में जाने वाले शिवभक्तों को परेशानी न हो इसलिए 20 फरवरी को होने वाला चक्काजाम टला

जलसंसाधन विभाग गढ़ा डैम के निर्माण के लिए 20 फरवरी से निर्माण क्षेत्र का फील्ड वेरिफिकेशन शुरू करवाने वाला है।…

जलसंसाधन विभाग गढ़ा डैम के निर्माण के लिए 20 फरवरी से निर्माण क्षेत्र का फील्ड वेरिफिकेशन शुरू करवाने वाला है। गढ़ा डैम का काम शुरू करने के विरोध में 20 फरवरी को गढ़ा, हिवरखेड़ी, देवगांव, अखतवाड़ा, डोक्या , पाढर, कोदारोटी, बोरगांव, मंडई और मालापुर के किसान कोदारोटी-हिवरखेड़ी जोड़ पर 20 फरवरी को चक्काजाम करने वाले थे। लेकिन 21 फरवरी को महाशिवरात्रि का त्योहार होने और ग्रामीण यात्रियों के लगातार भोपाली शिव मंदिर जाने के कारण चक्काजाम फिलहाल स्थगित कर दिया है। क्योंकि इससे भक्तों का रास्ता न रुके। अब किसान 21 फरवरी के बाद ही चक्काजाम और आमरण अनशन करेंगे।

गढ़ा डैम का काम 20 फरवरी से शुरू करने का लिखित आश्वासन दे चुके ईई एके डेहरिया ने फील्ड वेरिफिकेशन शुरू करवाने मेंटाना कंपनी को कहा है। इधर डूब में आ रहे गांव के किसान जमीन के गाइडलाइन रेट का चार गुना मुआवजा या बैराज निर्माण की मांग पर अड़े हैं।

प्रतिनिधि मंडल काे नहीं मिले कलेक्टर, एसडीएम

डूब में अा रहे गांवों का एक 4 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल मंगलवार काे कलेक्टर अाैर एसडीएम से मिलने के लिए कलेक्टोरेट पहुंचा था। लेकिन अधिकारियों के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण वे बिना मिले वापस लौट गए। प्रतिनिधि मंडल के यतीन्द्र सोनी ने बताया कि अधिकारियों के नहीं मिलने कारण कोई बात नहीं हो पाई। वहीं शिवरात्रि के कारण चक्काजाम काे अागे बढ़ा दिया है। लेकिन डैम का निर्माण हर हालत में नहीं हाेने देंगे।

हैदराबाद की कंपनी मौका सत्यापन के बाद करेगी भू-अर्जन प्रक्रिया

गढ़ा डैम बनने से 950 हेक्टेयर जमीन डूब क्षेत्र में जाएगी। 10 गांवों के 1500 किसानों की जमीनें डूबेगी। गढ़ा, हिवरखेड़ी, देवगांव, अखतवाड़ा, डोक्या, पाढर, कोदारोटी, बोरगांव, मंडई, मालापुर के किसानों की जमीनें डूबेगी। सबसे पहले भूअर्जन होगा। जलसंसाधन ने हैदराबाद की मेंटाना कंपनी को फील्ड वेरिफिकेशन कर जमीन के भूअर्जन के लिए प्रक्रिया करने के आदेश दिए हैं।

प्रदर्शन रुका, गुस्सा नहीं : 10 गांवों की 950 हेक्टेयर जमीन डूब रही है, 1500 किसान हाे रहे प्रभावित

यह है गढ़ा डैम का प्राेजेक्ट, इस तरह बनेगा डैम

39 अरब लीटर क्षमता का डैम बनाया जाएगा।

02 अरब लीटर पानी पीने के लिए रिजर्व रहेगा।

307 करोड़ रुपए की लागत से डैम का निर्माण होगा।

1185 मीटर की लंबाई का बनेगा डैम। इसमें केवल गेट वाला हिस्सा सीमेंट-कांक्रीट का रहेगा। बचा हुआ हिस्सा मिट्टी की दीवार का रहेगा।

78 फीट ऊंची मिट्टी की दीवारों से पानी रोका जाएगा।

950 हेक्टेयर जमीन डूबेगी।

08 हजार हेक्टे. जमीन पर इस डैम के पानी से सिंचाई हो सकेगी।

बैतूल। यहां पर प्रस्तावित है गढ़ा डैम।

बैराज का प्रोजेक्ट खारिज करके लिखित आश्वासन दे चुका है जलसंसाधन विभाग

पहले माचना नदी पर 20-20 अरब लीटर क्षमता वाले 7 बैराज बनाए जाने की प्लानिंग थी। 60 फीट ऊंचाई वाले इन बैराजों को बनाया जाना था। लेकिन जलसंसाधन ने पानी नहीं थमने की बात सामने आने और जीन-बोरगांव के किसानों के विरोध के बाद बैराज बनाने की प्लानिंग ठंडे बस्ते में चली गई। बैराज नहीं बनाने का लिखित आश्वासन भी ईई एके डेहरिया जीन के किसानों को दे चुके हैं।

एसडीएम को प्रस्तुत करेंगे प्रकरण

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s