बुलंद दरवाजे पर गरीब नवाज के 808वें उर्स का झंडा चढ़ाया

ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के दर पर गुरुवार को आशिकान ए ख्वाजा की मौजूदगी में बुलंद दरवाजे पर उर्स का झंडा…

ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के दर पर गुरुवार को आशिकान ए ख्वाजा की मौजूदगी में बुलंद दरवाजे पर उर्स का झंडा चढ़ाया गया। इस रस्म की अदायगी के साथ ही गरीब नवाज के 808वें उर्स की अनौपचारिक शुरुआत हो गई। हक मोईन या मोईन की सदाओं के बीच शान औ शौकत के साथ गाजे-बाजे और सूफियाना कलामों की अदायगी के साथ झंडे को दरगाह लाया गया। तोप के 25 गोले दाग कर सलामी दी गई। उर्स की विधिवत शुरुआत रजब माह का चांद दिखाई देने पर 24 फरवरी की रात से होगी। चांद दिखाई नहीं देने पर उर्स की रस्मों की शुरुआत 25 फरवरी से होगी। परंपरा के मुताबिक इस्लामी कैलेंडर के जमादिउस्सानी महीने की 25 तारीख को अस्र की नमाज के बाद दरगाह गेस्ट हाउस से सैयद मारुफ अहमद की सदारत व भीलवाड़ा के फखरुद्दीन गौरी की अगुवाई में शान औ शौकत से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में आशिकान ए ख्वाजा मौजूद थे। गौरी परिवार के सदस्य झंडा हाथ में लिए हुए थे। दरगाह गेस्ट हाउस, लंगर खाना, नला बाजार और दरगाह बाजार में झंडे के जुलूस को देखने के लिए अकीदतमंद की भीड़ जमा थी।

सूफियाना कलामों की रही गूंज

जुलूस में सीआरपीएफ के बैंडवादकों द्वारा यह तो ख्वाजा का करम है, मेरे ख्वाजा का करम है… और भर दो झोली मेरी या मोहम्मद…. समेत विभिन्न सूफियाना कलामों की धुनें बजाई जा रही थीं। दरगाह की शाही कव्वाल चौकी असरार हुसैन और साथी गरीब नवाज की शान में मनकबत के नजराने पेश करते हुए चल रहे थे। लंगर खाना गली, दरगाह बाजार होते हुए जुलूस रोशनी के वक्त से पूर्व बुलंद दरवाजा पहुंचा। इस दौरान जुलूस की शुरुआत के साथ ही बड़े पीर साहब की पहाड़ी से तोप के गोले दागे जा रहे थे। दरगाह परिसर जायरीन से खचाखच भरा हुआ था। लंगर खाना व महफिल खाना की छतों के साथ ही आसपास के हुजरों की छतों पर जायरीन नजर आ रहे थे। रोशनी के वक्त से पूर्व मौरूसी अमले के लोगों ने झंडे को चढ़ाया। इसके साथ ही उर्स की अनौपचारिक शुरुआत हो गई। गौरी परिवार के सदस्यों ने आस्ताना शरीफ पहुंच कर हाजिरी दी। इस मौके पर दरगाह कमेटी के सदर अमीन पठान, सैयद बाबर अशरफ, मुनव्वर खान और वसीम खान के साथ ही हाजी महमूद खान, आरिफ हुसैन, इलियास, हफीज खान, सैयद फख्र काजमी सहित विभिन्न लोग भी मौजूद थे।

फातिहा के बाद जुलूस की शुरुआत

अस्र की नमाज के तुरंत बाद दरगाह गेस्ट हाउस में झंडे के जुलूस से पूर्व फातिहाख्वानी हुई। सैयद मारूफ अहमद चिश्ती की अगुवाई में फातिहा पढ़ी गई। इसके बाद झंडा तैयार किया गया। मौरूसी अमले के सदस्य भी अपनी खिदमत के लिए मौजूद थे।

मौरूसी अमले ने जताया रोष

मौरूसी अमले के कुछ नुमाइंदों को बुलंद दरवाजे पर जाने के लिए पास नहीं दिए गए। मौरूसी अमले ने दरगाह कमेटी के दारोगा मोहम्मद सलीम को आपत्ति दर्ज कराई। पूर्व सचिव बरकात खां, सचिव मौहम्मद ईशहाक, शम्मी नक्कारची, कमर बैग, उसमान घडयाली, तनवीर अहमद, जुबेर खान, साजिद खान ने आरोप लगाया के दरगाह कमेटी के नुमांइदों ने मौरूसी अमले के सदस्यों के पास पर बाहर के मेहमानों को बुलंद दरवाजे पर भेज दिया। प्रवक्ता शाहनवाज गुल फरोश ने कहा कि गौरी परिवार केवल झंडा लाता है, चढ़ाने की रस्म मौरूसी अमले के सदस्य करते हैं। सचिव इस्हाक मोहम्मद शेख ने कहा कि मामले से नाजिम व दरगाह कमेटी सदर को भी अवगत कराया जाएगा।

झंडे के जुलूस में नोट व सिक्के लुटाने से हुई बदइंतजामी

गरीब नवाज के उर्स के झंडे के जुलूस के दौरान अकीदतमंदों द्वारा लुटाए नोट व सिक्के लूटने से बदइंतजामी रही। दरगाह में पुलिस को व्यवस्था बनाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। जुलूस के दौरान दरगाह कमेटी की ओर से बार-बार ऐलान किया जाता रहा कि जुलूस में नोट व सिक्के नहीं लुटाए जाएं, इससे अव्यवस्था होती है। लेकिन इस ऐलान का कोई असर जायरीन पर नजर नहीं आया।

जैसे ही झंडे का जुलूस दरगाह परिसर में पहुंचा। आगे चल रहे मलंग व कलंदरों को देने के लिए बुलंद दरवाजे के पास कुछ अकीदतमंदों ने नोट लुटाना शुरू कर दिया। नोट व सिक्कों का लूटने के लिए मलंग व कलंदरों के साथ ही अकीदतमंद भी उमड़ने लगे। पुलिस ने जैसे तैसे इस अव्यवस्था को काबू में किया। जब झंडा बुलंद दरवाजे के पास आ गया तो कई जगहों से एक साथ सिक्के और नोट लुटाए जाने लगे। इनको लूटने के लिए अकीदतमंद भीड़ उमड़ पड़। कुछ अकीदतमंद गिर भी गए, बड़ी मुश्किल से ऐसे लोगों को भीड़ से निकाला गया। इधर लगातार हो रही अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इधर, पुलिस जैसे तैसे नियंत्रित करती, उधर फिर किसी ओर से नोट व सिक्के लुटाने का सिलसिला शुरू हो जाता। बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ने के बाद तक भी और महफिल खाना की छत से भी नोट व सिक्के लुटाए गए।

कमेटी सदर पठान भी लोगों से व्यवस्था बनाए रखने का करते रहे आग्रह : बाबुल शरीफ गेट की ओर से बुलंद दरवाजे की ओर जायरीन का एक बड़ा सैलाब उमड़ा। इस पर दरगाह कमेटी सदर अमीन पठान लोगों से शांति बनाए रखने और उन्हें समझाने का प्रयास करते नजर आए। भीड़ को देखते हुए यहां लगे रस्से को हटवा कर जायरीन की एक बड़ी संख्या को उन्होंने सेहन चिराग की ओर भेजा। इधर, झंडे के जुलूस की शुरूआत से पूर्व अचानक दरगाह के निजाम गेट के सामने से गंदा पानी बहना शुरू हो गया। नगर निगम के कार्मिकों ने इसे रोकने का प्रयास किया। मौके पर अमीन पठान भी पहुंचे और कर्मचारियों को यहां बोरियों से गीली सड़क को सुखाने के लिए।

लीकेज बने परेशानी का सबब : उर्स के झंडे के जुलूस से पूर्व वाटर सप्लाई हो रही थी। लंगर खाना गली, फूल गली समेत विभिन्न हिस्सों में लोगों की पाइप लाइन लीक हाे रही थीं। इनमें से लगातार पानी बह रहा था।

विश्राम स्थली पर उचित मूल्य पर मिलेंगे किराना सामग्री एवं फूड पैकेट

अजमेर. उर्स में आने वाले जायरीन के लिए कायड़ विश्राम स्थली पर किराना सामग्री एवं फूड पैकेट निर्धारित उचित मूल्य पर उपलब्ध रहेंगे। जिला रसद अधिकारी हीरालाल मीणा ने बताया कि कायड़ विश्राम स्थली पर दो व्यापारियों को किराना तथा तीन व्यापारियों को फूड पैकेट उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत किया है। खाने के पैकेट 35 रुपए की दर पर उपलब्ध रहेंगे। यह समस्त दुकानें 23 फरवरी से 6 मार्च तक कार्यरत रहेंगी। उन्होंने बताया कि दुकानदार को वस्तुओं की मूल्य सूची का बोर्ड प्रदर्शित करना होगा तथा उत्तम गुणवत्ता की सामग्री रखनी होगी।

कम्यूनिटी किचन की व्यवस्था होगी

जिला रसद अधिकारी ने बताया कि कायड़ विश्रम स्थली पर जायरीन को खाना पकाने की सुविधा के लिए दरगाह कमेटी द्वारा कम्यूनिटी किचन की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें गैस भट्टियों की व्यवस्था कमेटी के स्तर पर की जाएगी तथा गैस सिलेंडरों की आपूर्ति मैसर्स अजमेर इंडेन गैस एजेंसी द्वारा सीधे दरगाह कमेटी को की जाएगी। गैस सिलेंडरों की राशि का भुगतान दरगाह कमेटी द्वारा ही संबंधित गैस एजेंसी को किया जाएगा। जायरीन से गैस एजेंसी द्वारा किसी प्रकार की राशि नहीं ली जाएगी।

24 घंटे उपलब्ध रहेंगे दुग्ध पदार्थ

अजमेर डेयरी द्वारा उर्स 2020 में जायरीनों के लिए दुग्ध व दुग्ध पदार्थ 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। डेयरी के प्रबंध संचालक ने बताया कि मेला क्षेत्र दरगाह क्षेत्र, डिग्गी बाजार, पन्नीग्राम चौक, गंज, कुत्ताशाला बूथ, दिल्लीगेट, धाननाडी चौक, मोती कटला चौक, लाखन कोटडी, ढाईदिन का झोंपड़ा, सेन्ट्रल गल्र्स स्कूल के बाहर, बडबाव मस्जिद, नला बाजार, घसेटी बाजार, खादिम मोहल्ला बडा चौक, खदिम मोहल्ला छोटा चौक, इमाम बाडा, होली दडा चौक, छोटाचौक, नवाब का बेडा, झूला माेहल्ला, नया बाजार, रावत कॉलेज, मदार गेट में अजमेर डेयरी के वर्तमान में चल रहे स्थायी बूथ/शॉप एजेन्सियाें के माध्यम से दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ विक्रय की व्यवस्था की गई है। विश्राम स्थलियों पर ठहरने वाले जायरीनों के लिए अजमेर डेयरी द्वारा अस्थाई बूथ लगाकर दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ विक्रय की व्यवस्था की जाएगी। कायड़ विश्राम स्थली पर दो अस्थाई बूथ लगाए जाएंगे।

मोबाइल एप उर्स 20-20 पर मिलेंगी सभी उपयोगी सूचनाएं

कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा ने गुरुवार को उर्स में पर्यटकों एवं जायरीन को समस्त सूचनाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल एप उर्स 20-20 लाॅन्च किया। उन्होंने इस बारे में निर्देशिका को भी जारी किया।

कलेक्टर ने बताया कि मोबाइल एप एवं निर्देशिका में बाहर से आने वाले जायरीन को समस्त सूचनाएं तत्काल मिल सकेंगी। मोबाइल एप में पर्यटन स्थल, उर्स की समस्त जानकारी, उपयोग में आने वाली सेवाएं, हैल्प लाइन, भुगतान संबंधी कार्य, प्रशासनिक अधिकारियों के मोबाइल नंबर एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी। निर्देशिका में उर्स संबंधी प्रशासनिक व्यवस्था एवं महत्वपूर्ण सूचनाओं का समावेश किया गया है। ये सूचनाएं बाहर से आने वाले जायरीन के लिए काफी उपयोगी होगी। दरगाह कमेटी के सदस्य अमीन पठान ने कहा कि जायरीन को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए इस बार प्रशासन काफी अच्छा कार्य कर रहा है। उर्स की तैयारी भी काफी समय पूर्व से ही प्रारंभ कर दी गई थी। मोबाइल एप एवं निर्देशिका से सभी को काफी सुविधा मिलेगी। इस मौके पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के सीईओ ने दीपक जैन ने मोबाइल एप के संबंध में जानकारी दी तथा प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मोबाइल एप की विस्तार से जानकारी स्लाइड प्रदर्शन द्वारा भी दी गई।

विमोचन समारोह में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेश कुमार सिंधी, कैलाशचंद शर्मा, हीरालाल मीणा, आईएएस प्रशिक्षु नित्या के, आरएएस प्रशिक्षु श्याम सुंदर विश्नोई, उप निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क महेशचंद्र शर्मा, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के नेशनल मैनेजर गवर्नमेंट बिजनेस अरविंद पुरोहित, रीजनल मैनेजर हिमांशु सारस्वत एवं सुधांशु शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

दरगाह में खिदमत का वक्त बदला

दरगाह में गरीब नवाज की मजार की खिदमत का वक्त गुरुवार से बदल गया। दिन में खिदमत नहीं हुई, रात में हुई। इसके चलते जायरीन ने दिनभर जियारत की। अंजुमन सैयदजादगान के संयुक्त सचिव सैयद मुसब्बिर हुसैन चिश्ती ने बताया कि चांद की 25 तारीख के साथ ही दरगाह में आस्ताना शरीफ की खिदमत का वक्त भी बदल गया। गुरुवार को रात 8 बजे खिदमत हुई। पूरे दिन जायरीन ने खिदमत की। आस्ताना शरीफ के बाहर जायरीन की कतार लगी नजर आई। उर्स के मौके पर यह व्यवस्था रजब महीने की 5 तारीख तक चलेगी। गौरतलब है कि आस्ताना शरीफ में खिदमत आम दिनों में दोपहर 2.30 बजे से होती है। दिन में करीब एक घंटे तक आस्ताना बंद रहता है और इस अवधि में जायरीन जियारत नहीं कर सकते लेकिन उर्स में यह व्यवस्था बदल जाती है।

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