बिजली विभाग का मेंटेनेंस : हाल ऐसा कि ट्रांसफार्मर और लाइनें तक सुरक्षित नहीं

बिजली विभाग मेंटेनेंस के नाम पर साल भर बिजली गुल करता रहता है। इसके बाद भी शहर के ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनें.

बिजली विभाग मेंटेनेंस के नाम पर साल भर बिजली गुल करता रहता है। इसके बाद भी शहर के ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनें सुरक्षित नहीं है। ट्रांसफार्मर के ऊपर पेड़ और लाइनों पर लताएं चढ़कर फैल रहीं हैं । आलम यह है कि विभाग के अमले को इन अव्यवस्थाओं की महीनों जानकारी तक नहीं हो रही है।

बिलासपुर शहरी सर्किल में दो डिवीजन नेहरू नगर और तोरवा हैं। यहां 11 केवी के 106 फीडर इसमें नेहरू नगर में 56 और तोरवा डिवीजन में 50 हैं। वहीं 33 केवी के 13 फीडर हैं। इसमें नेहरू नगर में 6 और तोरवा में 7 फीडर हैं। लाइनों की लंबाई की बात करें तो सिटी सर्किल में 11 केवी लाइन की लंबाई 450 किलोमीटर और 33 केवी लाइन की लंबाई 190 किलोमीटर है। 29 सब स्टेशन से निकली लाइनों से घरों तक बिजली सप्लाई के लिए 27 सौ सर्विस ट्रांसफार्मर हैं। इनको व्यवस्थित करने के लिए विभाग ने सब स्टेशन में ऑपरेटर, कंस्ट्रक्शन, टेलीफोन ऑपरेटर, मीटर रीडिंग, बिजली बिल वितरण का काम ठेके पर दे रखा है। जबकि मेंटेनेंस की जिम्मेदारी विभाग के पास है, इसे भी अधिकारी सही ढंग से पूरा नहीं कर पा रहे हैं। महीनों विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लाइनों को देखने नहीं पहुंच पा रहे हैं।

जीपी सोनवानी, सर्किल इंजीनियर, सिटी सर्किल**

चालू लाइन में मेंटेनेंस नहीं हो सकता

{ ट्रांसफार्मर में लताएं झूलने लगी हैं मेंटेनेंस क्यों नहीं हो रहा है?

– मेंटेनेंस के लिए डिवीजन कार्यालयों को चिट्ठी लिखी है। सर्वे करेंगे इसके बाद ही मेंटेनेंस हो पाएगा।

{ मेंटेनेंस के लिए कितनी राशि मिलती है?

– डिवीजन और जोन के हिसाब से 18 लाख रुपए मिलता है।

{ इसके बाद भी मेंटेनेंस का असर क्यों नहीं दिख रहा?

– मेंटेनेंस करने के लिए 3-4 घंटे का समय कम पड़ रहा है। चालू लाइन में मेंटेनेंस नहीं किया सकता। सप्लाई बंद होने पर लोग विरोध करने लगते हैं। लाइन व्यवस्थित रखने के लिए मेंटेनेंस करना होता है और उसमें समय लगता ही है।

ढेका आंगनवाड़ी केंद्र के पास लगा ट्रांसफार्मर जिसमंे उग आई बेल।

मेंटेनेंस के लिए साल में मिलता है 18 लाख : शहरी सर्किल में मेंटेनेंस के लिए साल में 18 लाख रुपए मिलते हैं। विभाग की तरफ से शेड्यूल मेंटेनेंस दिवाली पूर्व और मानसून पूर्व मेंटेनेंस किया जाता है। पेड़ों की कटाई, लाइनों को टाइट करना। इंसुलेटर और जंफर कसने का काम ठेकेदार और विभागीय कर्मचारी कराते हैं। इसके अलावा निर्माण कार्य खंभा खड़ा करने और लाइनों को खींचने के दौरान भी विभाग मेंटेनेंस कराता है।

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