14 हजार जल मित्र घर-घर जाकर बताएंगे पानी का महत्व


राज्य सरकार नए वित्तीय वर्ष में लागू कर सकती है ‘राइट टू वाटर’ कानून राइट टू वाटर कानून काे अमल में लाने के साथ…

राज्य सरकार नए वित्तीय वर्ष में लागू कर सकती है ‘राइट टू वाटर’ कानून

राइट टू वाटर कानून काे अमल में लाने के साथ ही प्रदेश में 14 हजार जल मित्र बनाएं जाएंगे। इनका काम लोगों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जागरुक करना है। इन्हें कोई मानदेय नहीं मिलेगा। स्वैच्छिक रूप से इन्हें सेवाएं देना होगा। इन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राज्य सरकार नए वित्तीय वर्ष में राइट टू वाटर (जल का अधिकार) कानून को लागू कर सकती है। इस पर सरकार 1000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस कानून का मकसद प्रदेश में भूजल संरक्षण करना और पानी के अपव्यय को रोकने के लिए जागृति लाना है। इसके चलते शहर से लेकर गांव स्तर तक जल मित्र बनाने का निर्णय हुआ है। इसके लिए शिक्षित होना अनिवार्य नहीं है।

जल मित्रों की जिम्मेदारी लोगों के बीच जाकर जल का अधिकार कानून का प्रचार कर जल संरचनाओं के संरक्षण व संवर्धन के लिए काम करना होगा। मृत जल संरचनाओं को जन भागीदारी से पुर्नजीवित करना भी है। वहीं, नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यवहारिक बाधाओं को दूर करने में सहयोग करना होगा।

ग्रामीण बसाहटों में सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल प्रदाय के लिए सर्वेक्षण, अन्वेषण एवं जलप्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन करने की जवाबदेही भी रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप योजनाओं का संधारण करना भी दायित्व में शामिल हो सकता हैं। शहरी और ग्रामीण इलाकों में पानी की कमी बड़ी समस्या है। लोगों को पानी का इंतजाम करने के लिए घंटों का समय बर्बाद करने के साथ कई किमी रास्ता तय करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान में जल मित्र ग्राम सभा के माध्यम से बड़ी भूमिका निभा सकते है। पानी की रिसाक्लिंग, वाटर रिचार्जिंग उसका वितरण एवं उपयोग भी प्रस्तावित कानून के दायरे में आएगा।

हकीकत… 4000 गांवों में पिछले वर्ष रहा पेयजल संकट

पीएचई अफसरों की मानें तो गत वर्ष लगभग 4,000 ऐसे गांव थे, जहां पेयजल संकट रहा था। पिछले वर्ष जून में 146 नगरीय निकाय ऐसे थे, जहां रोजाना पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी तो 378 नगरीय क्षेत्रों में से 32 नगरीय निकायों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया गया था। ऐसी स्थिति में जल का अधिकार कानून के तहत बरसात की एक-एक बूंद को सहेजने से लेकर उसे घर तक पहुंचाने के बिंदु का समावेश रहेगा।

पानी बचाने लोगों को करंेगे जागरूक

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