देखरेख न होने से उजड़ रही जिले की सबसे बड़ी आंवले की नर्सरी, आए दिन कट रहे पेड़

30 एकड़ में लगाए गए थे एक हजार से अधिक पेड़ बटियागढ़ जनपद के ग्राम आलमपुर 30 एकड़ में लगी जिले की सबसे बड़ी आंवले की…

30 एकड़ में लगाए गए थे एक हजार से अधिक पेड़

बटियागढ़ जनपद के ग्राम आलमपुर 30 एकड़ में लगी जिले की सबसे बड़ी आंवले की नर्सरी देखरेख के अभाव में उजड़ती जा रही है। यहां सुरक्षा के लिए कोई चौकीदार तैनात न होने के कारण आसपास के लोग आंवला के पेड़ों को काटकर ले जा रहे हैं। नर्सरी के अंदर जगह-जगह कटे हुए पेड़ों के ठूठ दिखाई देने लगे हैं।

गौरतलब है कि इस नर्सरी काे मनरेगा योजना के तहत 20 साल पहले सरपंच गुलजार सिंह ने खोला गया था। उस समय यहां पर 1 हजार आंवले के पेड़ रोपे गए थे। नर्सदी की सुरक्षा के लिए पंचायत के माध्यम से दो चौकीदार नियुक्त किए गए थे। चारों ओर से सुरक्षा बाड़ी लगाई गई थी। इसके अलावा पेड़ों को पानी देने के लिए दो बोरबेल भी किए गए थे। जिससे पंप के माध्यम से पानी दिया जाता था। पांच साल पहले तक जैसे-तैसे नर्सरी तैयार हुई और उनमें फल आने शुरू हो गया था, उसी समय तत्कालीन सरपंच गुलजार सिंह का निधन हो गया था। उसके बाद यहां की देखरेख के लिए तैनात किए गए चौकीदार भी अलग हो गए। इसके बाद इस पंचायत की ओर ध्यान देना ही बंद कर दिया गया।

ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जनपद के अधिकारियों से भी की। दो साल पहले तत्कालीन जनपद सीईओ आनंद शुक्ला ने नर्सरी का निरीक्षण किया था और इसके संरक्षण के लिए पंचायत को निर्देश भी दिए थे। साथ ही नर्सरी के अंदर खाली जमीन पर हल्दी की खेती करने के लिए आजीविका मिशन ने योजना भी बनाई थी। इसके बावजूद भी नर्सरी की देखरेख की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिससे अब नर्सरी में लगे पेड़ लगातार सूखते जा रहे हैं। साथ ही अब लोगों ने यहां लगे आंवले के पेड़ों को काटना शुरू कर दिया है। जिससे अब नर्सरी में जगह-जगह ठूठ नजर आ रहे हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से यह नर्सरी उजड़ने की कगार पर पहुंच गई है।

ग्रामीणों ने कहा-उद्यानिकी विभाग को दे दी जाए नर्सरी

ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह नर्सरी में पेड़ लगातार काटी जा रही है, यदि उस पर रोक नहीं लगाई गई तो कुछ ही माह में यह नर्सरी पूरी तरह से वीरान हो जाएगी ओर यहां पर एक भी पेड़ नहीं बचेगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि नर्सरी के संरक्षण के लिए इसे जनपद की बजाय उद्यानिकी विभाग को सौंप दी जाए तो इसकी सुरक्षा के साथ-साथ नर्सरी अपने पुराने स्वरूप में फिर से लौट आएगी।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.