रेरा के ऊपर की कोर्ट ट्रिब्यूनल कोर्ट अपनी लाचारी का व्याख्यान करते नहीं थक रही है जी हां रेरा में यदि कोई बिल्डर के खिलाफ केस दर्ज करता है तो रेरा यदि निवेशक के फायदे मैं न्याय कर देती है तब भी रेरा बिल्डर के खिलाफ रिकवरी नहीं कर पाती है रेरा के ऊपर ट्रिब्यूनल कोर्ट होती है निवेशक यदि ट्रिब्यूनल कोर्ट में केस दर्ज करवाते हैं की रेरा से हमें उचित न्याय नहीं मिला है जोकि ट्रिब्यूनल कोर्ट से मिल सकता है ऐसी प्रक्रिया है शायद रेरा और और ट्रिब्यूनल कोर्ट बिल्डर के ही चट्टे बट्टे हैं रेरा बिल्डरों के खिलाफ शिकंजा नहीं कस पा रही है असफल होते नजर आ रही है जिससे निवेशकों के मनोबल को ठेस पहुंच रही है

वाक्या है श्री आदिनाथ बिल्डर स्वास्तिक पारस एंक्लेव जाट खेड़ी बी ब्लॉक होशंगाबाद रोड भोपाल का जिसके निवेशक दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं कहीं रेरा के चक्कर लगा रहे हैं तो कहीं ट्रिब्यूनल कोर्ट के निवेशकों को रेरा से न्याय प्राप्त हो चुका है क्षतिपूर्ति हर्जाने का परंतु रेरा बिल्डर के खिलाफ रिकवरी करवाने में असमर्थ हो रही है वही ट्रिब्यूनल कोर्ट से रजिस्ट्रार निवेशकों को पर्सनली फोन लगा रही है की बिल्डर के पास तो पैसा नहीं है आप लोग समझौता कर ले यह कैसा न्याय है की एक बिल्डर स्वयं रजिस्ट्रार साहब से बोलता है कि मेरे पास पैसा नहीं है आखिरकार पैसा गया कहां निवेशकों ने अपना पेट काट काट कर बिल्डर को पैसे दिए थे वह पैसे आखिरकार बिल्डर खा चुका है फिर भी बिल्डर के खिलाफ रिकवरी वसूली के आदेश जारी नहीं हो रहे बिल्डर की अनेकों प्रॉपर्टी भोपाल शहर में फैली पड़ी है रजिस्ट्रार साहब निवेशकों के बारे में कतई विचार विमर्श नहीं कर रहे हैं कि कैसे निवेशकों ने बिल्डर को अपना घर का सपना पूरा करने के लिए जमा पूंजी बिल्डर को दे दी है उचित निर्णायक कारवाही बिल्डर के खिलाफ नहीं कर पा रही है ट्यूनल कोर्ट

पारस एनक्लेव बी ब्लॉक जाट खेड़ी होशंगाबाद रोड के सभी निवेशकों का सरकार से रेरा एवं ट्रिब्यूनल कोर्ट से आग्रह है कि यदि बिल्डर स्वयं बोल रहा है मेरे पास पैसा नहीं है मेरे पास पैसा नहीं है तो बिल्डर के खिलाफ जल्द से जल्द उसकी प्रॉपर्टी को सरकारी कस्टडी में लेकर निवेशकों का ब्याज सहित पैसा वापस करने का निर्णय लिया जाए ठोस कदम उठाया जाए आखिर कब तक निवेशक पूर्ण न्याय पाने को तरसते रहेंगे जोकि किसी ना किसी तरह से बिल्डर को पैसे दे चुके हैं एवं कुछ निवेशक बिल्डर के लुभावने ऑफर के चलते अपनी बैंकिंग सिविल खराब कर चुके हैं एवं चिंता टेंशन की स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं रेरा का कैसा रजिस्टर प्रोजेक्ट है जिसमें निवेशक निवेश करने के बाद भी परेशान हो रहे हैं घोर कलयुग है डिफाल्टर का साथ भी न्याय तंत्रिका तंत्र प्राणी भी साथ दे रही है

ट्रिब्यूनल कोर्ट के रजिस्ट्रार साहब का बार-बार निवेशकों को फोन पर बस यही बोल रहे हैं कि समझौता कर लो बिल्डर से बिल्डर के पास पैसे नहीं है लेकिन निवेशक समझौता करने के लिए अब तैयार नहीं है क्योंकि समय काफी गुजर चुका है निवेशक आगे हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट तक जाने के लिए सक्षम है बिल्डर श्री आदिनाथ के खिलाफ

कुछ निवेशकों का बोलना है कि जब रजिस्टार साहब फोन पर बोल रहे हैं समझौता कर लो तो रजिस्टर साहब इसकी गारंटी ले सकते हैं इतना बोलने पर रजिस्ट्रार साहब भी अब बिल्डर की गारंटी लेने के लिए तैयार नहीं है गजब बात है अजब बात है आखिरकार रेरा और ट्यूनल कोर्ट क्यों बार-बार बिल्डर के फेवर में ही निवेशकों का मनोबल डाउन कर रही है आखिर क्यों सोचने वाली बात है

न्याय तंत्र की खुली पोल चित भी मेरी पट भी मेरी चल रहा है गजब तमाशा खेल

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