Shahdol : चिकित्सकों और स्टाफों की कमी को लेकर सीएस ने स्वास्थ्य कमिश्नर को लिखा पत्र

Mar, 04 2020 09:52 (IST)

जिला अस्पताल की स्वीकृत 296 पदों में मात्र 127 पद स्टाफ भर्ती, शेष रिक्त

अनूपपुर। कायाकल्प योजना के तहत 60 लाख की लागत से बदली गई जिला अस्पताल की काया के बाद 8 श्रेणियों में 25 विशेषज्ञ चिकित्सकों व अन्य स्टाफों की कमी को लेकर अब जिला अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य कमिश्नर भोपाल को पत्र लिखा है। जिसमें सिविल सर्जन ने जिला अस्पताल के लिए स्वीकृत पदों के अनुसार वर्तमान में रिक्त पदों की पूर्ति किए जाने की मांग की है। साथ ही अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और अन्य स्टाफों की कमी के कारण यहां आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल जैसी संस्थान में स्वीकृत २८ विशेषज्ञ में तीन विशेषज्ञों व २० सहायक चिकित्सकों में १४ सहायक चिकित्सकों के सहारे मरीजों का उपचार २४ घंटे किया जा रहा है। इनमें अधिकांश सहायक चिकित्सकों की ट्रेनिंग, अवकाश, नाइट सहित अन्य कार्यो के कारण दिन के समय मात्र ४-५ सहायक चिकित्सकों की सेवाएं ली जा रही है। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अभाव में गम्भीर मरीजों को रैफर जैसी विषम परिस्थितियों से जूझना पड़ रहा है। सिविल सर्जन ने यह पत्र २६ फरवरी को स्वास्थ्य कमिश्नर भोपाल को भेजा था। साथ ही सिविल सर्जन ने वर्तमान में कुछ चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद भी ड्यूटी से विरक्त होने की भी सूचना स्वास्थ्य कमिश्नर को भेजी है। सीएस डॉ. एससी राय ने बताया कि यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ साथ सहायक चिकित्सकों की काफी कमी है। जिले की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संस्था में विभिन्न ८ श्रेणियों में २५ विशेषज्ञों की कमी है। इनकी कमी के कारण यहां जिदंगी और मौत के बीच जूझ रहे गम्भीर मरीज के साथ साथ सामान्य मरीज भी उपचार के अभाव में शहडोल, जबलपुर और बिलासपुर जैसी बड़ी स्वास्थ्य संस्थाओं का चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे पूर्व सीएमएचओ को पत्राचार कर चिकित्सकों की पूर्ति कराने की मांग की थी, लेकिन सीएमएचओ ने मनाही कर दी है। जिसके बाद जिला अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए पत्राचार ही एक मात्र विकल्प बचा था।
विभागीय जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में स्वीकृत २८ विशेष चिकित्सकों के पदों में मात्र ३ चिकित्सक है। २५ विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त है। आर्थो के रूप में एक प्रभारी चिकित्सक की उपलब्धता कराई गई। इन तीन विशेषज्ञ में एक विशेषज्ञ चिकित्सक जैतहरी बीएमओ का कार्यभार सम्भाल रहे हैं। शेष दो विशेषज्ञ के भरोसे जिला अस्पताल संचालित हो रहा है। जबकि सहायक चिकित्सकों (वर्ग -०२) में भी २० स्वीकृत पदों में मात्र १४ चिकित्सक उपलब्ध, शेष ६ पद रिक्त वर्षो से पड़े हैं। हालात यह बने कि सिर्फ ५ डॉक्टरों के भरोसे पूरा जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं संचालित कराया जा रहा है। जिनसे ओपीडी, इमरजेंसी और रात्रिकालीन सेवाएं ली जा रही है। विभाग के अनुसार इमरजेंसी के लिए ५ चिकित्सक, पेड्रियाटिक के लिए ४, तथा गायनो विभाग में ५ चिकित्सक है।
बॉक्स: इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी
वर्तमान में जिला अस्पताल में नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ/ पीजीएमओ की कमी, सर्जिकल विशेषज्ञ/ पीजीएमओ, मेडिकल विशेषज्ञ, पैथोलोजिस्ट/ पीजीएमओ, रेडियोलॉजिस्ट/ पीजीएमओ, प्रसूति एवं महिला रोग विशेषज्ञ, क्षय रोग विशेषज्ञ/ पीजीएमओ, नेत्र रोग विशेष की कमी है। यानि जीवन रक्षक उपचार से सम्बंधित कोई विशेषज्ञ नहीं उपलब्ध हैं।
बॉक्स: २९६ स्टाफो में १६९ पद रिक्त, मात्र १२७ कार्यरत
श्रेणी स्वीकृत कार्यरत रिक्त
प्रथम २८ ३ २५
द्वितीय २६ १४ १२
तृतीय १९१ ९९ ९२
चतुर्थ ५१ ११ ४०
———————————
कुल २९६ १२७ १६९
बॉक्स:
स्वास्थ्य कमिश्नर को पत्र लिखकर स्वीकृत पदों के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सक और अन्य स्टाफों की मांग की है। जिला अस्पताल जैसी संस्था में दो विशेषज्ञ के सहारे कैसे मरीजों का उपचार सम्भव है। २९६ में १६९ पद रिक्त है
डॉ. एससी राय, सिविल सर्जन जिला अस्पताल अनूपपुर

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