अखबार पढ़ने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा नहीं

अखबार में नहीं रहता वायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वीकार किया है कि अखबार पढ़ने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा नहीं रहता। कोरोना वायरस हवा में ज्यादा दूर तक नहीं उड़ता, इसलिए लोगों को एक मीटर की दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि सार्वजनिक स्थल पर अखबार पढ़ने से लोगों को बचना चाहिए। घर पर पहुंचने वाला अखबार पूरी तरह सुरक्षित है। संस्थानों को चाहिए कि वे अखबार की छपाई की प्रक्रिया के दौरान संक्रमणमुक्त माहौल व अखबार का वितरण करने वालों की सेहत का ख्याल रखना चाहिए। ऐसे लोगों से अखबार का वितरण न कराया जो सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित हों।

– डॉ प्रदीप कसार, अधीक्षक, नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर

अखबार से किसी तरह का खतरा नहीं

अखबार रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल है। कोरोना वायरस का खतरा घर पहुंचने वाले अखबार से नहीं है। घरों तक पहुंचने वाले अखबार से किसी तरह का खतरा नहीं लेकिन वर्तमान परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए लोगों को अपने घरों में आइसोलेट हो जाना चाहिए। दरअसल, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है कि अखबार के साथ घरों तक कोरोना वायरस का संक्रमण पहुंच रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे अफवाह माना है। शहर के चिकित्सक भी इसे अफवाह बता रहे हैं।

– डॉ. संजय मिश्रा, आरएमओ, एल्गिन महिला अस्पताल

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