कोरोना वायरस: वाराणसी के लोगों से PM मोदी की बातचीत, कहा- कोरोना का जवाब करुणा से दें

पीएम मोदी ने मंगलवार 24 मार्च को देश को संबोधित किया था. इसमें उन्होंने पूरे देश को संबोधित करते हुए लॉकडाउन( Lockdown) की घोषणा की थी. वाराणसी के लोगों के साथ यह बातचीत (Interaction) राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन और नमो ऐप (NaMo App) पर लाइव प्रसारित हो रही है.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) 25 मार्च यानी बुधवार को शाम 5 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) के जरिए वाराणसी (Varanasi) के लोगों के साथ कोरोना वायरस (Coronavirus) के मुद्दे पर संवाद कर रहे हैं. पीएम मोदी ने ट्वीट (Tweet) कर इस बात की जानकारी दी थी. उन्होंने इस मौके पर उन्होंने लोगों से इस बातचीत (Interaction) में शामिल होने की अपील की थी.



ट्वीट में यह जानकारी भी दी गई है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) पर की जाने वाली यह बातचीत (Interaction) राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन और नमो ऐप (NaMo App) पर लाइव प्रसारित हो रही है.

इस दौरान देश में मजदूरों के कई जगह फंस जाने और गरीबों की रोजी-रोटी को लेकर लिए किए गए एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना का जवाब करुणा से दिया जाना चाहिए. हम जरूरतमंदों के प्रति करुणा दिखाने का एक कदम उठा सकते हैं. उन्होंने इस समय में डॉक्टरों और नर्सों को ‘ईश्वर का रूप’ बताया. उन्होंने कहा, “आज से नवरात्र शुरू हुए हैं. देश में जिनके पास शक्ति हो, अगले 21 दिन तक प्रतिदिन 9 गरीब परिवारों की मदद करने का प्रण लें.” उन्होंने कहा कि अगर हम इतना कर लें तो इससे बड़ी मां की सेवा क्या हो सकती है! उन्होंने लोगों से पशुओं का भी ध्यान रखने को कहा.

डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि अगर मेडिकल कर्मियों के साथ बुरे बर्ताव की जानकारी मिलती है तो आप ऐसा करने वालों को चेतावनी दीजिए और समझाइए कि ऐसा नहीं होना चाहिए.

वाराणसी से पूछे एक प्रश्न का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कई लोगों को कोरोना को लेकर गलतफहमी है. उन्होंने कहा कि कई बार अहम बातें जो प्रामाणिक होती हैं, उस पर कुछ लोगों का ध्यान ही नहीं जाता है. उन्होंने ऐसे लोगों से आग्रह किया कि जितनी जल्दी हो सके गलतफहमी छोड़ सच्चाई को स्वीकारें. उन्होंने बताया कि यह बीमारी किसी से भेदभाव नहीं करता. उन्होंने कहा कि यह वायरस किसी बहुत व्यायाम करने वाले व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है. उन्होंंने सिगरेट और गुटखे के विज्ञापनों का जिक्र कर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोग होते हैं जिन पर चेतावनियों का असर नहीं पड़ता. इसके साथ ही पीएम ने सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व बताते हुए, इसका पालन करने को कहा. उन्होंने यह भी बताया कि पूरी दुनिया में 1 लाख से ज्यादा लोग सही हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने वॉट्सऐप के साथ मिलकर एक हेल्पडेस्क भी बनाई है. जिसके जरिए आप 9013151515 पर वॉट्सऐप कर आप इस सेवा से जुड़ सकते हैं और जानकारियां पा सकते हैं.

काशी का महात्म्य का जिक्र कर प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में काशी सबका मार्गदर्शन कर सकती है. पीएम मोदी ने कहा कि काशी देश को सहयोग, शांति, सहनशीलता, साधना, सेवा और समाधान सिखा सकती है. उन्होंने कहा कि काशी का मतलब ही शिव यानी कल्याण है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वाराणसी का सांसद होने के नाते उन्हें वाराणसी के लोगों के बीच होना चाहिए था लेकिन वे दिल्ली में रहकर इसे रोकने के लिए जरूरी प्रबंध करने में जुटे हुए हैं.

प्रधानमंत्री ने काबुल में गुरुद्वारे पर हुए हमले के प्रति दुख जताया और इसमें मारे गए सभी लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की.

प्रधानमंत्री ने लोगों का भी नौरोज और चैत्र नवरात्र के पहले दिन बातचीत के लिए समय निकालने के लिए लोगों का धन्यवाद किया.

इस तरह से आप पीएम मोदी को भेज सकते हैं अपने सवाल
बता दें कि इस बातचीत में शामिल होने के इच्छुक नागरिक Covid-19 को लेकर अपने सुझावों और सवालों को नरेन्द्र मोदी ऐप (NaMo App) के कमेंट सेक्शन में जाकर सुझा सकते हैं.

वाराणसी में अब तक सिर्फ एक व्यक्ति को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है. हालांकि वहां पर 23 मार्च से ही पूरी तरह से कर्फ्यू लागू है. वाराणसी (Varanasi) की अन्य जिलों से लगने वाली सीमाओं को भी 25 मार्च को बंद कर दिया गया था. जिसके बाद पीएम मोदी ने भी पूरे देश में 21 दिनों के संपूर्ण लॉकडाउन (Complete lockdown) की घोषणा कर दी.

मंगलवार रात पीएम मोदी (PM Modi) की ओर से की गई संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा के बाद देश के कई हिस्सों की तरह वाराणसी में भी लोग दुकानों के इर्द-गिर्द सामानों को खरीद के लिए जुट पड़े. हालांकि प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लोगों से ऐसा न करने की गुजारिश भी की.

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