गुड़ी उभारकर पहले मांगते थे सुख-समृद्धि, इस बार मांगा कोरोना महामारी से छुटकारा


चैत्र नवरात्र पर्व पर बुधवार को नगर सहित अंचलों में पूजा-अर्चना के कार्यक्रम हुए। महाराष्‍ट्रीयन परिवारों में

चैत्र नवरात्र पर्व पर बुधवार को नगर सहित अंचलों में पूजा-अर्चना के कार्यक्रम हुए। महाराष्‍ट्रीयन परिवारों में परंपरागत ढंग से गुड़ी उभारकर यह पूजा की। यह सबकुछ हुआ, लेकिन केवल घरों पर, मंदिरों में ताले लटके होने के कारण लोग आज मंदिर तक नहीं पहुंचे। बड़ी संख्‍या में लोगों ने कर्फ्यू का पालन किया। इस दौरान महामारी से निजात दिलाने की कामनाएं भी की गइ।

गुड़ी उभारकर पूजा की : चैत्र नवरात्र यानी हिंदू नव वर्ष के पहले दिन लोगों ने घरों पर पूजा की। इस दौरान बांस पर तांबे का लाेटा और वस्‍त्र सहित पकवान लटकाकर पूजा अर्चना की। लोगों ने घरों के सामने फूल मालाएं, आम के पत्‍ते की मालाएं सजाकर नव वर्ष का स्‍वागत किया। पंडित लक्ष्‍मीकांत पौनीकर ने बताया कि आम तौर पर इस दिन लोग सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, लेकिन इस साल सभी लोगों ने पूजा के दौरान महामारी से देश नहीं, बल्कि पूरे विश्‍व को निजात दिलाने की कामना की।

घट स्थापना करने नारियल के लिए भी करनी पड़ी बंद में मशक्कत

भाैंरा| बुधवार को नवरात्रि पर्व का शुभारंभ भी लॉक डाउन के कारण बड़े ही शांत वातावरण में हुआ। लाॅक डाउन के कारण नागरिकों को घट स्थापना के लिए नारियल खरीदने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी। नगर में श्रद्धालुओं ने लॉक डाउन के बीच मातारानी का आह्वान किया और कोरोना के संक्रमण से मानव जाति को बचाने के लिए प्रार्थनाएं कीं। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घर पर घट स्थापना के बाद हवन-पूजन का दौर शुरु हुआ। मां भगवती की आराधना के पर्व नवरात्र में इस बार मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर चहल- पहल नहीं है। घरों में ही रहकर परिवारों ने नवरात्रि में पूजन, व्रत और अनुष्ठान शुरू किए।

घराें में पूजा-अर्चना, कार्यक्रम किए स्थगित : घोड़ाडोंगरी| हिंदू नव वर्ष पर विभिन्न सार्वजनिक मंडलों ने दुर्गा स्थापना नहीं की। श्रद्धालुओं ने भी देवी को जल चढ़ाने मंिदराेें में पहुंचने की बजाए घरों में देवी पूजा-आराधना की। संकट की इस घड़ी में लोगों ने माता महारानी से इस महामारी को दूर करने की प्रार्थना की।

पुलिस हस्तक्षेप के बाद बंद हुआ बाजार

बंद रहे मंदिर, नहीं लगेगा मेला


घराें में रहकर की मां भगवती की आराधना

शाहपुर| हिंदू नववर्ष के पहले दिन हिंदू धर्मावलंबियों ने अपने- अपने घरों में रहकर आदि शक्ति की पूजा-अर्चना की। कोरोना वायरस से बचाव के लिए जारी लाॅक डाउन के चलते मंदिर सूने रहे। स्थानीय खेड़ापति मंदिर पर नवरात्र में भारी भीड़ रहती थी। इस बार सामूहिक कार्यक्रमों में रोक के चलते लोगों ने अपने घरों में घट स्थापना के बाद पूजन अाैर अन्य अनुष्ठान किए।

साप्ताहिक बाजार का दिन होने के कारण अधिकांश क्षेत्र के व्यापारी आैर नागरिक बाजार पहुंच रहे थे। मंगलवार को बोड़खी बाजार के दिन प्रशासनिक छूट के कारण लोग बुधवार को भी वैसे ही हालात समझ रहे थे। इस कारण गांवों से किसान भी सब्जियां लेकर आमला पहुंचने लगे थे, लेकिन बाद में जब पता चला की छूट नहीं है तो अधिकांश व्यापारी आैर किसान तो वापस लौट गए, लेकिन कुछ व्यापारी दुकानेें लगाकर व्यापार करने लगे थे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप कर दुकानें बंद करवाई।

नगर के पंचवटी स्थित भवानी मंदिर आैर विनोबा वार्ड के मां पीतांबरा मंदिर में भी चैत्र नवरात्र के पहले दिन पंडितों ने अभिषेक के साथ पूजा-अर्चना की। पंडित मुकेश पांडे आैर नारायण पौनीकर ने बताया कि इस दौरान एकांत में परंपरागत पूजा के बाद मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिए गए। जागरूकता के कारण खुद लोग भी मंदिरों तक नहीं पहुंचे।

आमला। पंचवटी रोड स्थित मंदिर की भवानी मां।

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