पौधारोपण कर दिया, पानी देना भूल गए

जबलपुर।

कोरोना वायरस की रोकथाम और साफ-सफाई के बीच नगर निगम प्रशासन अपनी अन्य सेवाओं को भूल गया है। पर्यावरण संरक्षण के तहत मदन महल पहाड़ी हो या कटंगा से ग्वारीघाट तक बने एनएमटी के किनारे पौधे सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। गर्मी का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में इन पौधों को पानी नहीं दिया गया तो यह पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे।

न्यायालय के आदेश के बाद मदन महल पहाड़ी को खाली कराया गया था। जहां पर पूरी पहाड़ी को संरक्षित कर पौधारोपण किया गया था। ठंड के बाद अब गर्मी का मौसम आ गया है। इससे यहां पर लगे पौधे सूखने की स्थिति में आ चुके हैं। मौजूदा हालात के समय सभी कर्मचारी आपात व्यवस्था में लगे हुए हैं। ऐसे में पौधों में पानी देने की व्यवस्था कोई नहीं कर पा रहा है। यहां अभी पौधों की स्थिति थोड़ी ठीक है जिसे समय रहते बचाया जा सकता है।

25 ब्लॉक बनाकर किया था पौधारोपणः

मदन महल पहाड़ी में लगभग 25 हजार पौधे रोपे गए थे। इसके लिए 25 ब्लॉक तैयार किए गए थे। सभी ब्लॉक 1-1 एकड़ के थे। प्रत्येक ब्लॉक में 1-1 हजार पौधे रोपे गए थे जिसमें नीम, पीपल, बरगद, जामुन, आंवला, चिरौल, बेल आदि के पौधे लगाए गए थे। इनमें से कई पौधों को अब पानी नहीं मिल पा रहा है। बताया गया था कि यहां उच्च तकनीक से पानी की सिंचाई पौधों पर होगी जिससे पहाड़ी पर पौधे नहीं सूखेंगे लेकिन स्थिति उलट हो रही है।

एनएमटी किनारे पौधे पूरी तरह सूखेः

-कटंगा से ग्वारीघाट तक बनी एनएमटी तीन साल में भी पूरी नहीं हो पाई है। कई जगह आधे-अधूरे काम किए गए। कुछ स्थानों पर हरियाली बनाने के लिए पौधारोपण किया गया लेकिन यहां पानी व सिंचाई के अभाव में पौदे पूरी तरह सूख गए हैं। 5.5 किलोमीटर लंबी एनएमटी में कई स्थानों पर पौधारोपण फेल हो गया है।

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